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फाफामऊ में दूसरे दिन फिर निकला 7 फीट का अजगर, दहशत

Fri, 08 Dec 2017 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 08 Dec 2017 01:23 AM IST
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The 7th dragon, panic in Phaphamau
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
फाफामऊ स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी डिग्री कॉलेज में बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन एक बड़ा अजगर निकलने से दहशत का माहौल रहा। यह खबर जंगल में आग की तरह फैली तो कॉलेज परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर वहां पहुंचे वन्य जीव निरीक्षक ने काफी मशक्कत के बाद अजगर को काबू में कर पकड़ लिया। करीब 7 फीट लंबा अजगर 25 किलोग्राम का था। सूचना पर डीएफओ के निर्देश पर वहां पहुंची वन विभाग की टीम अजगर को बोरे में भरकर ले गई। अजगर शंकरगढ़ के जंगल में छोड़ दिया गया है।
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बुधवार को फाफामऊ में श्यामा प्रसाद मुखर्जी डिग्री कॉलेज में ही 12 फीट लंबा और 40 किलो वजन का अजगर पकड़ा गया था। वहीं अल्लापुर में बाघंबरी हाउसिंग स्कीम में रहने वाले नगर निगम के जोनल अफसर नीरज सिंह के लॉन में अजगर का ढाई फीट का बच्चा घूमता देख अफरातफरी मची थी। दोनों अजगर वन विभाग ने मेजा और कोरांव के जंगलों में छोड़े थे।
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फाफामऊ के डिग्री कॉलेज में बृहस्पतिवार को अजगर देख हड़कंप मच गया। सूचना पाकर वहां पहुंचे वन्य जीव निरीक्षक वीके मिश्रा उर्फ टारजन ने देखा कि अजगर ग्रिल में लिपटा है। किसी तरह उन्होंने जतन कर अजगर को नीचे गिराया तो वह रेंगने लगा। तेजी से भाग रहे अजगर को देख वहां मौजूद लोग हल्ला मचाने लगे। लोगों को शांत कराकर टारजन ने अजगर का दौड़कर मुंह पकड़कर उसे काबू में किया। डीएफओ दिव्या को अजगर निकलने की सूचना दी गई। उनके निर्देश पर वन विभाग की टीम वहां पहुंची और अजगर को जंगल में छोड़ने के लिए ले गईं। शाम को अजगर शंकरगढ़ के जंगल में छोड़ दिया गया।
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श्यामा प्रसाद मुखर्जी डिग्री कॉलेज के आसपास फाफामऊ गंगा कछार है। डीएओ दिव्या ने बताया कि संभावना है कि वहीं से अजगर रेंग कर कॉलेज तक पहुंच रहे हैं। वन जीव निरीक्षक वीके मिश्रा ‘टारजन’ ने वन विभाग कर्मियों को दी रिपोर्ट में बताया है कि गंगा कछार में मांद(बिल) बहुतायत में हैं। ऐसा मान सकते हैं कि वहीं से अजगर कॉलेज और बस्तियों में रेंगकर पहुंच रहे हैं। कछार में अजगर के रेंगने के निशान और मल-मूत्र आदि निशान इसकी पुष्टि कर रहे हैं।
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