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तनाव कायम, कुलपति को घेरने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Mon, 13 Feb 2017 01:59 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : SELF
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में आंदोलनकारी छात्रों की रविवार देर रात सभी मांगें मान ली गईं लेकिन छात्र संतुष्ट नहीं हैं। अब उन्होंने कुलपति से लिखित आश्वासन की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने की घोषणा की है। इसी क्रम में उन्होंने कुलपति के घेराव की घोषणा की है। हालांकि उनका यह भी कहना है कि आंदोलन शांतिपूर्वक ढंग से होगा। ऐसे में परिसर में तनाव अब भी बना हुआ है। इसे देखते हुए परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में भारी फोर्स की तैनाती की रणनीति बनाई है।
प्रवेश समिति भंग करने, प्रवेश परीक्षा में ऑफलाइन का विकल्प दिए जाने, लाइब्रेरी से किताबें निर्गत करने, रजिस्ट्रार और वित्त अधिकारी के पद पर स्थायी नियुक्ति समेत विभिन्न मांगों को लेकर छात्र कई दिनों से आंदोलनरत हैं। बृहस्पतिवार को एक छात्र जाबिर ने आत्मदाह भी कर लिया था। उसका इलाज दिल्ली के अस्पताल में चल रहा है। आंदोलन के दौरान कुलपति शहर में नहीं थे। वह शहर आ चुके हैं।
सोमवार को उनके विश्वविद्यालय परिसर में होने की उम्मीद है। ऐसे में छात्रसंघ के बैनर तले आंदोलन कर रहे छात्रों ने उन्हें घेरने की तैयारी की है। आंदोलन में समर्थन जुटाने के लिए रविवार को बैठक भी हुई। छात्रसंघ उपाध्यक्ष अदील हमजा का कहना है कि जब तक कुलपति लिखकर नहीं देते उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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एक अन्य छात्र संगठन फोरम फॉर कैंपस डेमोक्रेसी की ओर से भी सोमवार को काला दिवस मनाने तथा परिसर में जुलूस निकालने की घोषणा की ग्रई है। ऐसे में परिसर में तनाव की स्थिति है। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर हर्ष कुमार का कहना है कि जिला और पुलिस प्रशासन को स्थिति से अवगत करा दिया गया है। विश्वविद्यालय के अफसरों की जिला और पुलिस प्रशासन के साथ कई चरणों में वार्ता भी हुई।
विश्वविद्यालय में मचे घमासान पर निर्वाचन आयोग की भी नजर बनी है। इलाहाबाद 23 फरवरी को मतदान है। ऐसे में चुनाव से पहले परिसर में बवाल से कानून व्यवस्था को खतरा बन गया है। छात्र के आत्मदाह तथा आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज पर जिस तरह से सियासी दलों ने प्रतिक्रिया दी उससे आंादोलन को बल मिलने की आशंका है। इसके मद्देनजर प्रेक्षकों ने भी हस्तक्षेप किया है।
फोरम फॉर कैंपस डेमोक्रेसी (एफसीडी) के बैनर तले विभिन्न मांगों को लेकर को आंदोलनरत छात्रों ने रविवार को पर्चा जारी कर कुलपति से जवाब मांगा है। उन्होंने सोमवार को काला दिवस मनाने और परिसर में जुलूस निकालने की घोषणा की है। लाठीचार्ज, छात्र के आत्मदाह करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रॉक्टर, रजिस्ट्रार और डीएसडब्ल्यू को हटाने की भी मांग की। शहर के अनेक मुहल्लों में पर्चा बांटकर छात्रों ने लोगों से भी समर्थन मांगा है। आंदोलन के क्रम में छात्रों के एक वर्ग ने रविवार को कैंडल मार्च निकाला। मार्च लल्ला चुंगी चौराहा से बालसन चौराहा तक निकाला। बालसन चौराहा पर गांधीजी की प्रतिमा के सामने आयोजित सभा में उन्होंने तेज आंदोलन की चेतावनी दी।
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प्रवेश समिति भंग करने, प्रवेश परीक्षा में ऑफलाइन का विकल्प दिए जाने, लाइब्रेरी से किताबें निर्गत करने, रजिस्ट्रार और वित्त अधिकारी के पद पर स्थायी नियुक्ति समेत विभिन्न मांगों को लेकर छात्र कई दिनों से आंदोलनरत हैं। बृहस्पतिवार को एक छात्र जाबिर ने आत्मदाह भी कर लिया था। उसका इलाज दिल्ली के अस्पताल में चल रहा है। आंदोलन के दौरान कुलपति शहर में नहीं थे। वह शहर आ चुके हैं।
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सोमवार को उनके विश्वविद्यालय परिसर में होने की उम्मीद है। ऐसे में छात्रसंघ के बैनर तले आंदोलन कर रहे छात्रों ने उन्हें घेरने की तैयारी की है। आंदोलन में समर्थन जुटाने के लिए रविवार को बैठक भी हुई। छात्रसंघ उपाध्यक्ष अदील हमजा का कहना है कि जब तक कुलपति लिखकर नहीं देते उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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एक अन्य छात्र संगठन फोरम फॉर कैंपस डेमोक्रेसी की ओर से भी सोमवार को काला दिवस मनाने तथा परिसर में जुलूस निकालने की घोषणा की ग्रई है। ऐसे में परिसर में तनाव की स्थिति है। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर हर्ष कुमार का कहना है कि जिला और पुलिस प्रशासन को स्थिति से अवगत करा दिया गया है। विश्वविद्यालय के अफसरों की जिला और पुलिस प्रशासन के साथ कई चरणों में वार्ता भी हुई।
विश्वविद्यालय में मचे घमासान पर निर्वाचन आयोग की भी नजर बनी है। इलाहाबाद 23 फरवरी को मतदान है। ऐसे में चुनाव से पहले परिसर में बवाल से कानून व्यवस्था को खतरा बन गया है। छात्र के आत्मदाह तथा आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज पर जिस तरह से सियासी दलों ने प्रतिक्रिया दी उससे आंादोलन को बल मिलने की आशंका है। इसके मद्देनजर प्रेक्षकों ने भी हस्तक्षेप किया है।
फोरम फॉर कैंपस डेमोक्रेसी (एफसीडी) के बैनर तले विभिन्न मांगों को लेकर को आंदोलनरत छात्रों ने रविवार को पर्चा जारी कर कुलपति से जवाब मांगा है। उन्होंने सोमवार को काला दिवस मनाने और परिसर में जुलूस निकालने की घोषणा की है। लाठीचार्ज, छात्र के आत्मदाह करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रॉक्टर, रजिस्ट्रार और डीएसडब्ल्यू को हटाने की भी मांग की। शहर के अनेक मुहल्लों में पर्चा बांटकर छात्रों ने लोगों से भी समर्थन मांगा है। आंदोलन के क्रम में छात्रों के एक वर्ग ने रविवार को कैंडल मार्च निकाला। मार्च लल्ला चुंगी चौराहा से बालसन चौराहा तक निकाला। बालसन चौराहा पर गांधीजी की प्रतिमा के सामने आयोजित सभा में उन्होंने तेज आंदोलन की चेतावनी दी।