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बाबा को फोन करने के बाद पुल से कूद गया किशोर
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नए पुल से कूदे कोरांव के किशोर की फाइल फोटो व सुसाइड नोट
- फोटो : NAINI
नैनी। नए यमुना पुल पर बुधवार की शाम कोरांव का रहने वाला आकर्ष पहुंचा और नदी में कूद गया। उसने पुल पर सुसाइड नोट छोड़ा था। उसपर लिखे नंबर से घर वालों को सूचना दी गई। पता चला कि आकर्ष आठ फरवरी से ही लापता था। कक्षा आठ में पढ़ने वाले आकर्ष का पेपर खराब हो गया था। उसी कारण वह घर से निकल गया था। घटना से दो घंटे पहले उसने बाबा को फोन कर कहा था कि वह दिल्ली नौकरी करने जा रहा है।
कोरांव क्षेत्र के चांदी गांव निवासी रमाकांत का बेटा दान बहादुर तिवारी उर्फ डाक्टर पहले वाहन चलाते थे। अब मुंबई के रहकर प्राईवेट काम करते हैं। उनकी पत्नी ललिता तिवारी दो बेटों आकर्ष उर्फ हेतराम (13) व छोटू को लेकर परिवार के साथ गांव में रहती है। आकर्ष सरदार पटेल इंटर कालेज, सिकरो कोरांव में आठवीं का छात्र था। उसकी परीक्षा चल रही थी। आठ फरवरी का पेपर उसका खराब हो गया था। जिससे वह बिना किसी सूचना के गायब हो गया। परेशान घरवालों ने उसकी गुमशुदगी कोरांव थाने में दर्ज कराई। पता चलने पर उसके पिता भी मुंबई से घर आ गए थे। सब लोग उसे ढूंढ ही रहे थे कि 12 फरवरी की शाम को चार बजे उसने फोन किया कि वह दिल्ली नौकरी करने जा रहा है। घर वालों ने उससे वापस लौटने को कहा लेकिन उसने फोन काट दिया था। उसके सही सलामत होने पर घरवालों ने राहत की सांस ली लेकिन दो घंटे बाद घर में मातम में बदल गई। पुलिस ने फोन कर बताया कि वह किशोर करीब पांच बजे नए पुल के कीडगंज साइड में पहुंचा और सुसाइड नोट लिखकर रेलिंग पर चढक़र यमुना में छलांग लगा दी। गार्ड ने देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और उसे खोजने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हुई। पता चलने पर देर रात पूरा परिवार कीडगंज थाने पहुंच गया। इंस्पेक्टर कीडगंज ने बताया कि सुसाइड नोट के आधार पर घरवालों का पता चला गया। वो सब आ गए हैं। सुबह उसे खोजने के लिए गोताखोरों को लगाया जाएगा।
बाबा ने बहुत रोका लेकिन नहीं माना आकर्ष
हेलो बाबू! हम आकर्ष बोली थी, कैसे बाट्या, चिंता न करा हम दिल्ली जाईत ही, नौकरी करय, चार महीना बाद लउटब। जवाब में बाबा ने कहा कि बिटवा जब तुही ईहां नहीं हय तव कइसे ठीक रहब हो। नहीं बाबू चिंता न करा, हम ठीक अही। उसके बाद फोन कट गया। करीब दो घंटे बाद रमाकांत तिवारी के मोबाइल पर पुलिस का फोन गया। पुलिस ने बताया कि एक लड़का नए पुल से कूद गया है। उसके पास एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें ये मोबाइल नंबर लिखा है। यह सुनते ही तो रमाकांत को ऐसा आघात लगा कि कुछ पल के लिए तो वह बुत बन गए। आंखों से आंसू बह रहे थे, लेकिन जुबान और शरीर कोई हरकत नहीं कर रही थी। घरवालों ने झकझोरा तो वह चौंके और फिर दहाड़ मारकर रोने लगे।
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कोरांव क्षेत्र के चांदी गांव निवासी रमाकांत का बेटा दान बहादुर तिवारी उर्फ डाक्टर पहले वाहन चलाते थे। अब मुंबई के रहकर प्राईवेट काम करते हैं। उनकी पत्नी ललिता तिवारी दो बेटों आकर्ष उर्फ हेतराम (13) व छोटू को लेकर परिवार के साथ गांव में रहती है। आकर्ष सरदार पटेल इंटर कालेज, सिकरो कोरांव में आठवीं का छात्र था। उसकी परीक्षा चल रही थी। आठ फरवरी का पेपर उसका खराब हो गया था। जिससे वह बिना किसी सूचना के गायब हो गया। परेशान घरवालों ने उसकी गुमशुदगी कोरांव थाने में दर्ज कराई। पता चलने पर उसके पिता भी मुंबई से घर आ गए थे। सब लोग उसे ढूंढ ही रहे थे कि 12 फरवरी की शाम को चार बजे उसने फोन किया कि वह दिल्ली नौकरी करने जा रहा है। घर वालों ने उससे वापस लौटने को कहा लेकिन उसने फोन काट दिया था। उसके सही सलामत होने पर घरवालों ने राहत की सांस ली लेकिन दो घंटे बाद घर में मातम में बदल गई। पुलिस ने फोन कर बताया कि वह किशोर करीब पांच बजे नए पुल के कीडगंज साइड में पहुंचा और सुसाइड नोट लिखकर रेलिंग पर चढक़र यमुना में छलांग लगा दी। गार्ड ने देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और उसे खोजने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हुई। पता चलने पर देर रात पूरा परिवार कीडगंज थाने पहुंच गया। इंस्पेक्टर कीडगंज ने बताया कि सुसाइड नोट के आधार पर घरवालों का पता चला गया। वो सब आ गए हैं। सुबह उसे खोजने के लिए गोताखोरों को लगाया जाएगा।
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बाबा ने बहुत रोका लेकिन नहीं माना आकर्ष
हेलो बाबू! हम आकर्ष बोली थी, कैसे बाट्या, चिंता न करा हम दिल्ली जाईत ही, नौकरी करय, चार महीना बाद लउटब। जवाब में बाबा ने कहा कि बिटवा जब तुही ईहां नहीं हय तव कइसे ठीक रहब हो। नहीं बाबू चिंता न करा, हम ठीक अही। उसके बाद फोन कट गया। करीब दो घंटे बाद रमाकांत तिवारी के मोबाइल पर पुलिस का फोन गया। पुलिस ने बताया कि एक लड़का नए पुल से कूद गया है। उसके पास एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें ये मोबाइल नंबर लिखा है। यह सुनते ही तो रमाकांत को ऐसा आघात लगा कि कुछ पल के लिए तो वह बुत बन गए। आंखों से आंसू बह रहे थे, लेकिन जुबान और शरीर कोई हरकत नहीं कर रही थी। घरवालों ने झकझोरा तो वह चौंके और फिर दहाड़ मारकर रोने लगे।

नए पुल से कूदे कोरांव के किशोर की फाइल फोटो व सुसाइड नोट- फोटो : NAINI

Teenager jumped from the bridge after calling Baba- फोटो : NAINI
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