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Prayagraj News: महाकुंभ के भीड़ प्रबंधन पर शोध करेंगे आईआईटी कानपुर के टेक्नोक्रेट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 06 Sep 2024 06:20 AM IST
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Technocrats of IIT Kanpur will do research on crowd management of Mahakumbh
महाकुंभ-2025 के भीड़ प्रबंधन पर आईआईटी कानपुर की टीम शोध करेगी। इसके लिए बृहस्पतिवार को आईट्रिपलसी में आईआईटी कानपुर की टीम के साथ कमिश्नर विजय विश्वास पंत, अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर, मेला अधिकारी विजय किरण आनंद व अन्य अधिकारियों ने बैठक की। इस महीने के आखिर तक शोध के लिए मेला प्राधिकरण से एमओयू हो जाएगा। शोध के दौरान यह टीम पुलिस सुरक्षा में सहयोग भी करेगी।
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इस बार का महाकुंभ पूर्व के सापेक्ष और भव्य होगा। मेले में दुनियाभर से करोड़ों श्रद्धालु आएंगे। इसके लिए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। महाकुंभ-2013 के दौरान हार्वर्ड विश्वविद्यालय की टीम ने शोध किया था। उसके बाद कुंभ-2019 में आईआईएम बेंगलुरु की टीम ने शोध किया था। उनके शोध का फायदा मेला प्राधिकरण को भीड़ प्रबंधन में मिला। उनकी रिपोर्ट के बाद भीड़ प्रबंधन में कई बदलाव किए गए।
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इस बार शोध के लिए आईआईटी कानपुर की टीम आएगी। यह टीम बताएगी कि आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का प्रयोग करते हुए मेला प्रबंधन और बेहतर किया जा सकता है। टीम अधिकारियों का मार्गदर्शन भी करेगी। पुलिस सुरक्षा एवं तैनाती के प्लान, यातायात एवं श्रद्धालुओं की गतिविधि, मेले की प्लानिंग, प्रोजेक्ट और आर्थिक एवं सामाजिक असर पर टीम मेले के बाद रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
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इन विषयों पर पांच कान्फ्रेंस, पांच वर्कशाप होंगी। 10 एकेडमिक जर्नल के साथ एक अंतरिम रिपोर्ट बनेगी। इसका फायदा अगले मेले के प्रबंधन में मिलेगा। इसके अलावा साइबर सेफ्टी एवं सिक्योरिटी के संबंध में भी यह टीम विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेगी। बैठक में मेला अधिकारी ने पिछले कुंभ मेले में किए गए प्रयोगों और 2025 के लिए बनाई गई कार्ययोजना प्रस्तुत की।

एआई चैटबाॅट और कुंभ-ई-मित्र की प्रगति के बारे में भी जानकारी दी। बताया कि भाषिनी एप का प्रयोग करते हुए 22 भारतीय भाषाओं में संवाद करना संभव होगा। इस एप के माध्यम से स्पीच-टू-टेक्स्ट एवं टेक्स्ट-टू-स्पीच सर्च एवं संवाद संभव होगा। मेला क्षेत्र का गूगल मैप इंटीग्रेशन, टेंटेज एवं शौचालयों की आइसीटी बेस्ड मॉनिटरिंग, 4000 हेक्टेयर मेला क्षेत्र एवं 1800 हेक्टेयर पार्किंग लॉट की आईट्रिपलसी के माध्यम से मॉनीटरिंग करने का प्लान मेला प्राधिकरण पहले ही बना चुका है।
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