{"_id":"5b942cc5867a557fe5100a34","slug":"teachers-recruitment-exams-happen-at-every-step","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षक भर्ती परीक्षा में हर कदम पर हुई गड़बड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षक भर्ती परीक्षा में हर कदम पर हुई गड़बड़ी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 09 Sep 2018 02:02 AM IST
विज्ञापन
शिक्षक
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 68500 सहायक अध्यापकों की भर्ती में सचिव परीक्षा नियामक कार्यालय लगातार शक के दायरे में रहा। 13 अगस्त को परिणाम की घोषणा के साथ इस भर्ती को लेकर गंभीर सवाल उठे। कुल पद 68500 होने के बाद भी सचिव परीक्षा नियामक की ओर से घोषित परिणाम में मात्र 41556 परीक्षार्थियों को सफल घोषित किया गया। इस परिणाम में सफल मात्र 34 हजार सफल लोगों को ही जिला आवंटन किया गया, इसके बाद परीक्षार्थियों का गुस्सा लगातार बढ़ता गया। कोर्ट में सोनिका देवी की कॉपी बदले जाने की पुष्टि के बाद दबाव और बढ़ने लगा। परीक्षार्थियों की ओर से लगातार साक्ष्य के साथ विरोध के चलते ही सचिव परीक्षा नियामक का निलंबन और सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को अपने पद से हटना पड़ा।
कॉपी बदले जाने की पुष्टि और उसके अगले दिन ही दो परीक्षार्थियों को मिली स्कैन कॉपी और परिणाम में 122 की जगह 22 और 98 की जगह 19 अंक मिलने पर पूरे परिणाम को गलत साबित करने को लेकर अभियान चल गया। इसी बीच 23 परीक्षार्थियों को फेल होने के बाद गलत तरीके से जिला आवंटन कर दिया गया।
सचिव परीक्षा नियामक की ओर से परिणाम जारी होने के बाद 14 अगस्त से ही परीक्षार्थियों ने लगातार धरना-प्रदर्शन करते हुए कॉपी दिखाने की मांग की जारी रखी। परीक्षार्थियों का दावा था कि उन्हें रिजल्ट में कम अंक किए गए हैं। उन्होंने परीक्षा नियामक को कॉपी दिखाने के लिए घेरा तो दो हजार प्रति कॉपी लेकर छात्रों को एक महीने के भीतर कॉपी दिखाने का आश्वासन दिया। उन्होंने छात्रों को आश्वस्त किया कि छात्रों की शिकायत के बाद कॉपियों की जांच चल रही है, यदि गड़बड़ी मिली को उनके अंकों में सुधार किया जाएगा। परीक्षा नियामक की ओर से जांच के फैसले के बाद परीक्षार्थी आक्रामक हो गए, उन्होंने सचिव कार्यालय के आंतरिक सूत्रों के जरिए गोपनीय अंक हासिल कर परीक्षा में मूल्यांकन और रिजल्ट तैयार करने को लेकर सवाल खड़ा किया।
विज्ञापन
परिषदीय विद्यालयों के लिए पहली बार हुई शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल सोनिका देवी ने उम्मीद से कम अंक मिलने पर जब परीक्षा नियामक के खिलाफ हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में मुकदमा किया तो सच्चाई सामने आ गई। सचिव परीक्षा नियामक की ओर से जो कॉपी कोर्ट में पेश की गई, वह बदली हुई थी। कोर्ट से फटकार के बाद अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा और विभागीय अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं था। 31 अगस्त को कोर्ट में सुनवाई के बाद ही तय हो गया था कि सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी पर शिक्षक भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी की गाज गिरना तय है। मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आते ही आनन-फानन में सचिव परीक्षा नियामक के निलंबन, सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को पद से हटाने तथा रजिस्ट्रार परीक्षा नियामक को पद से हटा दिया गया।
विज्ञापन
कॉपी बदले जाने की पुष्टि और उसके अगले दिन ही दो परीक्षार्थियों को मिली स्कैन कॉपी और परिणाम में 122 की जगह 22 और 98 की जगह 19 अंक मिलने पर पूरे परिणाम को गलत साबित करने को लेकर अभियान चल गया। इसी बीच 23 परीक्षार्थियों को फेल होने के बाद गलत तरीके से जिला आवंटन कर दिया गया।
विज्ञापन
सचिव परीक्षा नियामक की ओर से परिणाम जारी होने के बाद 14 अगस्त से ही परीक्षार्थियों ने लगातार धरना-प्रदर्शन करते हुए कॉपी दिखाने की मांग की जारी रखी। परीक्षार्थियों का दावा था कि उन्हें रिजल्ट में कम अंक किए गए हैं। उन्होंने परीक्षा नियामक को कॉपी दिखाने के लिए घेरा तो दो हजार प्रति कॉपी लेकर छात्रों को एक महीने के भीतर कॉपी दिखाने का आश्वासन दिया। उन्होंने छात्रों को आश्वस्त किया कि छात्रों की शिकायत के बाद कॉपियों की जांच चल रही है, यदि गड़बड़ी मिली को उनके अंकों में सुधार किया जाएगा। परीक्षा नियामक की ओर से जांच के फैसले के बाद परीक्षार्थी आक्रामक हो गए, उन्होंने सचिव कार्यालय के आंतरिक सूत्रों के जरिए गोपनीय अंक हासिल कर परीक्षा में मूल्यांकन और रिजल्ट तैयार करने को लेकर सवाल खड़ा किया।
विज्ञापन
परिषदीय विद्यालयों के लिए पहली बार हुई शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल सोनिका देवी ने उम्मीद से कम अंक मिलने पर जब परीक्षा नियामक के खिलाफ हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में मुकदमा किया तो सच्चाई सामने आ गई। सचिव परीक्षा नियामक की ओर से जो कॉपी कोर्ट में पेश की गई, वह बदली हुई थी। कोर्ट से फटकार के बाद अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा और विभागीय अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं था। 31 अगस्त को कोर्ट में सुनवाई के बाद ही तय हो गया था कि सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी पर शिक्षक भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी की गाज गिरना तय है। मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आते ही आनन-फानन में सचिव परीक्षा नियामक के निलंबन, सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को पद से हटाने तथा रजिस्ट्रार परीक्षा नियामक को पद से हटा दिया गया।