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शिक्षक भर्ती परीक्षा में खेल, 21 फेल हो गए पास, अब नियुक्ति रोकी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 06 Sep 2018 02:29 AM IST
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सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा के मूल्यांकन की गड़बड़ी के चलते परीक्षा में फेल 21 अभ्यर्थियों को पास कर दिया गया। परीक्षा में गलत तरीके से पास होने वाले इन अभ्यर्थियों की काउंसलिंग कराने के बाद जिले भी आवंटित कर दिए गए। जिला आवंटन के बाद इन परीक्षार्थियों का मामला शिक्षा विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद संबंधित जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी गई है।
बेसिक शिक्षा परिषद के उप सचिव स्कंद शुक्ल की ओर से प्रदेश के मैनपुरी, अलीगढ़, बाराबंकी, सीतापुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बलरामपुर, मुरादाबाद, जौनपुर, चित्रकूट, बुलंदशहर, गोंडा एवं मेरठ के जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर अपरिहार्य कारणों से इन अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी है। उप सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने इन सभी जिलों के डायट प्राचार्यों, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक को पत्र भेजकर नियुक्ति प्रक्रिया रोकने को कहा है।
उप सचिव के पत्र में नियुक्ति प्रक्रिया रोकने के कारणों का न किया गया हो, लेकिन विभाग के सूत्रों के मुताबिक गलत तरीकेसे सफल इन परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिका में कम अंक होने के बाद भी उन्हें परीक्षा में अधिक अंक देकर सफल घोषित कर दिया गया था। कॉपी की सच्चाई सामने आने और बेसिक शिक्षा परिषद के पास इन संदिग्ध अभ्यर्थियों की जानकारी पहुंचने के बाद पूरा विभाग चौकन्ना हो गया है। परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के बाद अब शासन पर दबाव बन रहा है कि इस भर्ती परीक्षा की पूरी जांच कराई जाए। बेसिक शिक्षा परिषद एवं सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी के खेल का शिकार हुए शिक्षक भर्ती के दावेदारों ने पूरी परीक्षा प्रणाली की जांच के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने की तैयारी कर ली है। परीक्षार्थियों ने अधिवक्ता से मिलकर कोर्ट में याचिका दाखिल करने के बारे में राय ली।
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शिक्षक भर्ती परीक्षा में चयन से बाहर हुए यतीश सिंह सेंगर भी सचिव परीक्षा नियामक कार्यालय की मनमानी के शिकार हुए हैं। सचिव परीक्षा नियामक की ओर से इस परीक्षार्थी को भेजी गई स्कैन कॉपी में उनकी उम्मीद के मुताबिक 91 अंक मिले हैं, जबकि परीक्षा नियामक की ओर से घोषित शिक्षक भर्ती के रिजल्ट में इस अभ्यर्थी को मात्र 41 अंक मिले हैं। इससे पहले अंकित वर्मा को स्कैन कॉपी में 122 और रिजल्ट में 22 तथा मनोज कुमार को स्कैन कॉपी में 98 और रिजल्ट में 19 अंक मिलने की बात सामने आ चुकी है। इसी के साथ सोनिका कुमारी की बात तो कोर्ट में प्रमाणित हो चुकी है। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय पर बुधवार को शिक्षक दिवस के बाद भी भारी संख्या में परीक्षार्थी पहुंचे, इन सभी का कहना था कि सचिव परीक्षा नियामक की ओर से अभी तक उन्हें स्कैन कॉपी नहीं मिली है। उन परीक्षार्थियों ने कहा कि नंबर सामने आने पर परीक्षा नियामक प्राधिकारी की पोल खुल जाएगी।
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बेसिक शिक्षा परिषद के उप सचिव स्कंद शुक्ल की ओर से प्रदेश के मैनपुरी, अलीगढ़, बाराबंकी, सीतापुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बलरामपुर, मुरादाबाद, जौनपुर, चित्रकूट, बुलंदशहर, गोंडा एवं मेरठ के जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर अपरिहार्य कारणों से इन अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी है। उप सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने इन सभी जिलों के डायट प्राचार्यों, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक को पत्र भेजकर नियुक्ति प्रक्रिया रोकने को कहा है।
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उप सचिव के पत्र में नियुक्ति प्रक्रिया रोकने के कारणों का न किया गया हो, लेकिन विभाग के सूत्रों के मुताबिक गलत तरीकेसे सफल इन परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिका में कम अंक होने के बाद भी उन्हें परीक्षा में अधिक अंक देकर सफल घोषित कर दिया गया था। कॉपी की सच्चाई सामने आने और बेसिक शिक्षा परिषद के पास इन संदिग्ध अभ्यर्थियों की जानकारी पहुंचने के बाद पूरा विभाग चौकन्ना हो गया है। परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के बाद अब शासन पर दबाव बन रहा है कि इस भर्ती परीक्षा की पूरी जांच कराई जाए। बेसिक शिक्षा परिषद एवं सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी के खेल का शिकार हुए शिक्षक भर्ती के दावेदारों ने पूरी परीक्षा प्रणाली की जांच के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने की तैयारी कर ली है। परीक्षार्थियों ने अधिवक्ता से मिलकर कोर्ट में याचिका दाखिल करने के बारे में राय ली।
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शिक्षक भर्ती परीक्षा में चयन से बाहर हुए यतीश सिंह सेंगर भी सचिव परीक्षा नियामक कार्यालय की मनमानी के शिकार हुए हैं। सचिव परीक्षा नियामक की ओर से इस परीक्षार्थी को भेजी गई स्कैन कॉपी में उनकी उम्मीद के मुताबिक 91 अंक मिले हैं, जबकि परीक्षा नियामक की ओर से घोषित शिक्षक भर्ती के रिजल्ट में इस अभ्यर्थी को मात्र 41 अंक मिले हैं। इससे पहले अंकित वर्मा को स्कैन कॉपी में 122 और रिजल्ट में 22 तथा मनोज कुमार को स्कैन कॉपी में 98 और रिजल्ट में 19 अंक मिलने की बात सामने आ चुकी है। इसी के साथ सोनिका कुमारी की बात तो कोर्ट में प्रमाणित हो चुकी है। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय पर बुधवार को शिक्षक दिवस के बाद भी भारी संख्या में परीक्षार्थी पहुंचे, इन सभी का कहना था कि सचिव परीक्षा नियामक की ओर से अभी तक उन्हें स्कैन कॉपी नहीं मिली है। उन परीक्षार्थियों ने कहा कि नंबर सामने आने पर परीक्षा नियामक प्राधिकारी की पोल खुल जाएगी।