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शिक्षक भर्ती : सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को अवमानना नोटिस
Sat, 01 Aug 2020 07:46 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 01 Aug 2020 07:46 PM IST
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- फोटो : सोशल मीडिया
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रताप सिंह बघेल सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज को अवमानना का एक और नोटिस जारी किया है। इससे पूर्व कोर्ट दो अलग-अलग मामलों में सचिव को नोटिस जारी कर चुका है।
कोर्ट ने उनको 21 अगस्त 2020 तक 29 अगस्त 2019 को पारित कोर्ट के आदेश का पालन कर अनुपालन हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो सचिव 21 अगस्त को कोर्ट में हाजिर हों। यह आदेश न्यायमूर्ति जे जे मुनीर ने देवेश कुमार व पांच अन्य की अवमानना याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता एल के त्रिगुणायत व डी के त्रिगुणायत ने बहस की।
68500 सहायक अध्यापक भर्ती में मेरिट व वरीयता क्रम से जिला आवंटन किया जाना था, किंतु कम मेरिट वाले अध्यापकों का पदस्थापन कर दिया गया। शिखा सिंह आदि ने चुनौती दी थी। कोर्ट ने शिक्षकों का पदस्थापन उनकी मेरिट व वरीयता क्रम से चयनित जिलों में तीन माह में करने का निर्देश दिया था, जिसकी अवहेलना करने पर यह अवमानना याचिका दाखिल की गई है। इसी मामले को लेकर पूर्व में भी सैकड़ों अभ्यर्थी अवमानना याचिका दाखिल कर चुके हैं, जिस पर कोर्ट ने आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए सचिव को कहा है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति जे जे मुनीर ने राम प्रवेश यादव की अवमानना याचिका पर दिया है। याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता आर के ओझा ने बहस की। कोर्ट ने 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में 500 कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन कर तीन माह में परिणाम घोषित करने का निर्देश दिया था। अक्तूबर 19 में दिए गए आदेश के नौ महीने बीत जाने के बाद भी आदेश का पालन नहीं किया गया तो यह अवमानना याचिका दाखिल की गई है।
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कोर्ट ने उनको 21 अगस्त 2020 तक 29 अगस्त 2019 को पारित कोर्ट के आदेश का पालन कर अनुपालन हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो सचिव 21 अगस्त को कोर्ट में हाजिर हों। यह आदेश न्यायमूर्ति जे जे मुनीर ने देवेश कुमार व पांच अन्य की अवमानना याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता एल के त्रिगुणायत व डी के त्रिगुणायत ने बहस की।
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68500 सहायक अध्यापक भर्ती में मेरिट व वरीयता क्रम से जिला आवंटन किया जाना था, किंतु कम मेरिट वाले अध्यापकों का पदस्थापन कर दिया गया। शिखा सिंह आदि ने चुनौती दी थी। कोर्ट ने शिक्षकों का पदस्थापन उनकी मेरिट व वरीयता क्रम से चयनित जिलों में तीन माह में करने का निर्देश दिया था, जिसकी अवहेलना करने पर यह अवमानना याचिका दाखिल की गई है। इसी मामले को लेकर पूर्व में भी सैकड़ों अभ्यर्थी अवमानना याचिका दाखिल कर चुके हैं, जिस पर कोर्ट ने आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए सचिव को कहा है।
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सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी तलब
68500 सहायक अध्यापक भर्ती में पांच सौ उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन का परिणाम घोषित न करने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अनिल भूषण चतुर्वेदी सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी प्रयागराज को अवमानना का नोटिस जारी कर 13 अगस्त को कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया है।यह आदेश न्यायमूर्ति जे जे मुनीर ने राम प्रवेश यादव की अवमानना याचिका पर दिया है। याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता आर के ओझा ने बहस की। कोर्ट ने 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में 500 कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन कर तीन माह में परिणाम घोषित करने का निर्देश दिया था। अक्तूबर 19 में दिए गए आदेश के नौ महीने बीत जाने के बाद भी आदेश का पालन नहीं किया गया तो यह अवमानना याचिका दाखिल की गई है।