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स्वामी बोले, अगले साल बनने लगेगा राममंदिर
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 26 Nov 2016 02:10 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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यूपी विधानसभा चुनाव आते ही राममंदिर का मुद्दा फिर गरमाने लगा है। शुक्रवार को एक कार्यक्रम में शिरकत करने आए भाजपा नेता एवं राज्यसभा सदस्य डा. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि अगले साल राम मंदिर बनना शुरू हो जाएगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। अयोध्या में जो मस्जिद है उसके निर्माण के लिए सरयू पार जमीन देने की पेशकश की गई है। उम्मीद है कि मुस्लिम भाई राजी हो जाएंगे। स्वामी ने पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले को भी साहसपूर्ण कदम बताया। कहा कि इसमें जो दिक्कतें आ रही है उसके लिए मोदी नहीं बल्कि वित्त मंत्री जिम्मेदार हैं।
प्रयाग संगीत समिति में अरुंधती वशिष्ठ अनुसंधान पीठ की ओर से अशोक सिंहल स्मृति व्याख्यान के तहत ‘वर्तमान चुनौतियां और एकात्म मानववाद’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में शिरकत करने आए स्वामी ने अपने भाषण की शुरुआत राम मंदिर से ही की। कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। सर्वोच्च न्यायालय में राममंदिर केस लिस्ट हो गया है। मैने प्रार्थना की है कि इसका निर्णय जल्द हो और प्रतिदिन इसकी सुनवाई हो। स्वामी ने यहां कहा कि यूं तो मुगलों द्वारा देश के हजारों मंदिर तोड़े गए, लेकिन अशोक सिंहल ने सिर्फ मथुरा, अयोध्या और काशी में ही मंदिर बनाने की वकालत की। उनका यह स्वप्न पूरा होगा। इस दौरान स्वामी ने वामपंथ पर भी निशाना लगाया। कहा कि दुनिया से वामपंथ समाप्त हो चुका है। सिर्फ वामपंथी भारत में ही बचे हुए हैं।
0 सिविल लाइंस स्थित एक होटल में सुब्रह्मण्यम स्वामी से हुई खास मुलाकात के दौरान जब उनसे नोटबंदी से जुड़ा सवाल पूछा गया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि उन्हें यह जानकारी ढाई साल पहले ही हो गई थी, हालांकि तारीख की जानकारी नहीं थी। अभी जो लोगों को समस्या हो रही है उसके लिए सीधे तौर पर वित्तमंत्री जिम्मेदार हैं। उनके मंत्रालय ने इसकी उचित तैयारी नहीं की थी। दो हजार रुपये के नोट का साइज भी छोटा करना गलत रहा। अगर उसकी साइज एक हजार रुपये के नोट के आकार जैसी होती तो एटीएम में बदलाव न करना पड़ता। शिवसेना की नाराजगी के सवाल पर स्वामी ने कहा कि यह क्षणिक रोष है। हमारा खून एक है और हम साथ मिलकर आगे भी काम करते रहेंगे।
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0 स्वामी ने कालेधन को लेकर देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नेहरू के सोवियत सिस्टम की वजह से ही देश में कालाधन आया। उस दौरान महात्मा गांधी तक ने इसका विरोध किया था, लेकिन नेहरू जो थे वे किसी की सुनते ही नहीं थे। इसी का खामियाजा आज देश भुगत रहा है।
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प्रयाग संगीत समिति में अरुंधती वशिष्ठ अनुसंधान पीठ की ओर से अशोक सिंहल स्मृति व्याख्यान के तहत ‘वर्तमान चुनौतियां और एकात्म मानववाद’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में शिरकत करने आए स्वामी ने अपने भाषण की शुरुआत राम मंदिर से ही की। कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। सर्वोच्च न्यायालय में राममंदिर केस लिस्ट हो गया है। मैने प्रार्थना की है कि इसका निर्णय जल्द हो और प्रतिदिन इसकी सुनवाई हो। स्वामी ने यहां कहा कि यूं तो मुगलों द्वारा देश के हजारों मंदिर तोड़े गए, लेकिन अशोक सिंहल ने सिर्फ मथुरा, अयोध्या और काशी में ही मंदिर बनाने की वकालत की। उनका यह स्वप्न पूरा होगा। इस दौरान स्वामी ने वामपंथ पर भी निशाना लगाया। कहा कि दुनिया से वामपंथ समाप्त हो चुका है। सिर्फ वामपंथी भारत में ही बचे हुए हैं।
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0 सिविल लाइंस स्थित एक होटल में सुब्रह्मण्यम स्वामी से हुई खास मुलाकात के दौरान जब उनसे नोटबंदी से जुड़ा सवाल पूछा गया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि उन्हें यह जानकारी ढाई साल पहले ही हो गई थी, हालांकि तारीख की जानकारी नहीं थी। अभी जो लोगों को समस्या हो रही है उसके लिए सीधे तौर पर वित्तमंत्री जिम्मेदार हैं। उनके मंत्रालय ने इसकी उचित तैयारी नहीं की थी। दो हजार रुपये के नोट का साइज भी छोटा करना गलत रहा। अगर उसकी साइज एक हजार रुपये के नोट के आकार जैसी होती तो एटीएम में बदलाव न करना पड़ता। शिवसेना की नाराजगी के सवाल पर स्वामी ने कहा कि यह क्षणिक रोष है। हमारा खून एक है और हम साथ मिलकर आगे भी काम करते रहेंगे।
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0 स्वामी ने कालेधन को लेकर देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नेहरू के सोवियत सिस्टम की वजह से ही देश में कालाधन आया। उस दौरान महात्मा गांधी तक ने इसका विरोध किया था, लेकिन नेहरू जो थे वे किसी की सुनते ही नहीं थे। इसी का खामियाजा आज देश भुगत रहा है।