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निलंबित खान अधिकारी के घर चलता था विभाग
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Suspended Mines Officer Visits Home
निलंबित खान अधिकारी के घर से चलता था विभाग
0 खनिज भवन में नहीं हैं महत्वपूर्ण दस्तावेज, सीबीआई की अब अफसर के आवास पर नजर
प्रयागराज। खनन विभाग (खनिज भवन) से महत्वपूर्ण दस्तावेज ही गायब हैं। निलंबित वरिष्ठ खान अधिकारी बीपी यादव ज्यादातर काम घर से निपटाया करते थे। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि सभी दस्तावेज उनके आवास पर होंगे। इससे पूर्व खान अधिकारी की भूमिका को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो हैं तथा उन पर सीबीआई का शिकंजा भी कसता दिख रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार सीबीआई पूर्व खान अधिकारी के आवास पर छापा भी मार सकती है।
नियमों को ताक पर रखकर बालू खनन का पट्टा दिए जाने तथा अवैध खनन को लेकर वरिष्ठ खान अधिकारी बीपी यादव समेत तीन अफसरों को निलंबित कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को सीबीआई की टीम खनिज भवन पहुंची थी, लेकिन उसे कोई दस्तावेज नहीं मिला। हालांकि, विभाग के अफसर लखनऊ गए थे। इसलिए सीबीआई की टीम को अफसर भी नहीं मिले। ऐसे में सभी दस्तावेज लखनऊ कार्यालय पहुंचाने का निर्देश देकर सीबीआई वापस हो गई। इसके अलावा एनजीटी के निर्देश पर बालू खनन के घाटों का नए सिरे से सर्वे किया जाना है, लेकिन अफसरों के पास स्वीकृत तथा निरस्त पट्टों की सूची ही नहीं है। इससे सर्वे का काम भी प्रभावित हो गया है। चूंकि बीपी यादव ने अभी चार्ज भी नहीं सौंपा है। इसकी भी वजह से भी जरूरी दस्तावेज नहीं मिल पा रहे। ऐसे में खान अधिकारी की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि नए खान अधिकारी अंजनी सिंह ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। अब उनके विभाग में नियमित तौर पर बैठने का इंतजार है।
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डूबे घाट, फंसा सर्वे
प्रयागराज। बालू खनन वाले घाटों के सर्वे का काम भी अफसरों की सुस्ती और भ्रष्टाचार में फंस गया है। अभी तक सर्वे शुरू नहीं हो पाया है। जबकि, बारिश के बाद ज्यादातर घाट डूब गए हैं। ऐसे में सर्वे हो पाएगा इस पर भी सवाल खड़ा हो गया है।
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जिले में बालू खनन के लिए 51 घाटों पर पट्टे आवंटित किए गए गए थे लेकिन कई जगहों पर अवैध तथा पानी में खनन की शिकायत हुई थी। इसे लेकर एनजीटी ने काफी सख्ती दिखाई। इसके बाद 27 पट्टे निरस्त कर दिए गए। इस मामले में तीन अफसरों को निलंबित करने के साथ सभी घाटाें का नए सिरे से सर्वे कराने का निर्णय लिया गया है। यह काम बारिश से पहले ही हो जाना था लेकिन अभी तक टीम ही गठित नहीं हो पाई है।
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हंडिया में अवैध खनन की शिकायत
0 जिले में खनन पर रोक लगा दी गई है। इसकेे अलावा बारिश भी हो गई है। इसके बावजूद हंडिया के कई घाटों पर अवैध खनन तथा भंडारण की शिकायतें सामने आ रही हैं। बढ़ौली गांव के जय कृष्ण मिश्र का कहना है कि अवैध खनन रोकने के लिए डीएम तथा अन्य अफसरों की ओर से कई बार आदेश जारी किया जा चुका है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय पुलिस की मदद से अवैध खनन अब भी जारी है।
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0 खनिज भवन में नहीं हैं महत्वपूर्ण दस्तावेज, सीबीआई की अब अफसर के आवास पर नजर
प्रयागराज। खनन विभाग (खनिज भवन) से महत्वपूर्ण दस्तावेज ही गायब हैं। निलंबित वरिष्ठ खान अधिकारी बीपी यादव ज्यादातर काम घर से निपटाया करते थे। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि सभी दस्तावेज उनके आवास पर होंगे। इससे पूर्व खान अधिकारी की भूमिका को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो हैं तथा उन पर सीबीआई का शिकंजा भी कसता दिख रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार सीबीआई पूर्व खान अधिकारी के आवास पर छापा भी मार सकती है।
नियमों को ताक पर रखकर बालू खनन का पट्टा दिए जाने तथा अवैध खनन को लेकर वरिष्ठ खान अधिकारी बीपी यादव समेत तीन अफसरों को निलंबित कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को सीबीआई की टीम खनिज भवन पहुंची थी, लेकिन उसे कोई दस्तावेज नहीं मिला। हालांकि, विभाग के अफसर लखनऊ गए थे। इसलिए सीबीआई की टीम को अफसर भी नहीं मिले। ऐसे में सभी दस्तावेज लखनऊ कार्यालय पहुंचाने का निर्देश देकर सीबीआई वापस हो गई। इसके अलावा एनजीटी के निर्देश पर बालू खनन के घाटों का नए सिरे से सर्वे किया जाना है, लेकिन अफसरों के पास स्वीकृत तथा निरस्त पट्टों की सूची ही नहीं है। इससे सर्वे का काम भी प्रभावित हो गया है। चूंकि बीपी यादव ने अभी चार्ज भी नहीं सौंपा है। इसकी भी वजह से भी जरूरी दस्तावेज नहीं मिल पा रहे। ऐसे में खान अधिकारी की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि नए खान अधिकारी अंजनी सिंह ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। अब उनके विभाग में नियमित तौर पर बैठने का इंतजार है।
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डूबे घाट, फंसा सर्वे
प्रयागराज। बालू खनन वाले घाटों के सर्वे का काम भी अफसरों की सुस्ती और भ्रष्टाचार में फंस गया है। अभी तक सर्वे शुरू नहीं हो पाया है। जबकि, बारिश के बाद ज्यादातर घाट डूब गए हैं। ऐसे में सर्वे हो पाएगा इस पर भी सवाल खड़ा हो गया है।
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जिले में बालू खनन के लिए 51 घाटों पर पट्टे आवंटित किए गए गए थे लेकिन कई जगहों पर अवैध तथा पानी में खनन की शिकायत हुई थी। इसे लेकर एनजीटी ने काफी सख्ती दिखाई। इसके बाद 27 पट्टे निरस्त कर दिए गए। इस मामले में तीन अफसरों को निलंबित करने के साथ सभी घाटाें का नए सिरे से सर्वे कराने का निर्णय लिया गया है। यह काम बारिश से पहले ही हो जाना था लेकिन अभी तक टीम ही गठित नहीं हो पाई है।
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हंडिया में अवैध खनन की शिकायत
0 जिले में खनन पर रोक लगा दी गई है। इसकेे अलावा बारिश भी हो गई है। इसके बावजूद हंडिया के कई घाटों पर अवैध खनन तथा भंडारण की शिकायतें सामने आ रही हैं। बढ़ौली गांव के जय कृष्ण मिश्र का कहना है कि अवैध खनन रोकने के लिए डीएम तथा अन्य अफसरों की ओर से कई बार आदेश जारी किया जा चुका है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय पुलिस की मदद से अवैध खनन अब भी जारी है।