Prayagraj News : महामंडलेश्वर कैलाशानंद की हत्या के संदिग्ध साजिशकर्ता को भेजा गया जेल
पूछताछ के दौरान वह लगातार अपना बयान बदलता रहा। उसके पास से दो आधार कार्ड, एक लैपटॉप व मोबाइल मिला था। जांच पर पता चला कि युवक ने परी अखाड़ा पहुंचकर अपना गलत नाम पता दर्ज कराया था और उन्हें गलत आईडी भी दी थी। युवक का असली नाम योगेंद्र शर्मा है।
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महामंडलेश्वर कैलाशानंद की हत्या की साजिश रचने के मामले में पकड़े गए संदिग्ध युवक को सोमवार को नैनी पुलिस ने जेल भेज दिया। परी अखाड़े की त्रिकाल भवंता की तहरीर पर रविवार को पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी सहित अल्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। बागपत निवासी विक्रम कुमार शनिवार को नैनी पुल के नीचे बने परी अखाड़े के त्रिकाल भवंता से मिलने आया था।
उसने उन्हें अखाड़े की मान्यता दिलाने का आश्वासन दिया था और खुद को कैलाशानंद के आश्रम कासेवादार बताते हुए नजदीकी होने की बात बताई थी। साथ ही उसने महामंडलेश्वर के आश्रम में एक जनवरी को होने वाले कार्यक्रम में खाने में जहर मिलाने की बात कही थी। युवक की बात से परेशान त्रिकाल भवंता ने इसकी जानकारी नैनी पुलिस व कैलाशानंद को दी। कैलाशानंद हत्या की साजिश रचने की जानकारी पर पुलिस व एसटीएफ ने युवक से पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान वह लगातार अपना बयान बदलता रहा। उसके पास से दो आधार कार्ड, एक लैपटॉप व मोबाइल मिला था। जांच पर पता चला कि युवक ने परी अखाड़ा पहुंचकर अपना गलत नाम पता दर्ज कराया था और उन्हें गलत आईडी भी दी थी। युवक का असली नाम योगेंद्र शर्मा है। पूछताछ व जांच के बाद पता चला कि अखाड़े की मान्यता दिलाने के नाम पर युवक ठगी करने आया था। रविवार देर शाम त्रिकाल भवंता की तहरीर पर पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। सोमवार को उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।