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Prayagraj News: पिता के निधन के बाद मैच फीस के सहारे परिवार का गुजारा
Thu, 25 Jun 2026 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Thu, 25 Jun 2026 01:43 AM IST
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यूपीसीए स्पीड हंट के ट्रॉयल में चयनित गेंदबाज विशाल यादव
हाल ही में केपी कॉलेज मैदान पर हुए उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के स्पीड हंट के बालक वर्ग में गेंदबाज विशाल यादव तीसरे स्थान पर रहे। उन्होंने 132 किमी की रफ्तार से गेंदबाजी की। ऐसे में उन्हें उत्तर प्रदेश की क्रिकेट टीम के लिए होने वाले कैंप और हाई-परफॉर्मेंस प्रोग्राम में शामिल होने का मौका मिल सकता है।
झूंसी के दुर्जनपुर गांव निवासी विशाल यादव (20) ने करीब आठ साल पहले क्रिकेट से नाता जोड़ा था। 12 साल की उम्र से उन्होंने कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हुए सभी को प्रभावित किया। करीब दो साल पहले पिता राजपति यादव का निधन हो गया। इसके बाद मां, दिव्यांग बड़े भाई और दो छोटी बहनों की जिम्मेदारी इनके कंधे पर आ गई।विपरीत परिस्थितियों के बावजूद घरवालों ने उनके क्रिकेट के जुनून को कम नहीं होने दिया। क्रिकेटर के मैच फीस ही परिवार का खर्च चलता है।
विशाल बताते हैं कि वह पांच साल से चौधरी नौनिहाल सिंह क्रिकेट क्लब के मुख्य कोच मो. आसिफ, इलाहाबाद क्रिकेट एसोसिएशन के संयुक्त संयोजक सोमेश्वर पांडेय और कोच यदुवेंद्र यादव से प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं। साथ ही उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की अंडर-19 और अंडर-23 कैंप का हिस्सा रह चुके हैं।
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विशाल कहते हैं कि वह उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों के साथ ही मध्य प्रदेश, बिहार, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान सहित कई राज्यों में खेल चुके हैं। हर मैच में फीस के तौर पर 2500 से 3000 रुपये मिल जाते हैं। सामान्य दिनों में हर महीने करीब 20 मैच खेलने का अवसर मिल जाता है।
उन्होंने बताया कि साल 2022 में यूपी बोर्ड से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की है। वहीं, मां जयश्री देवी ने बताया कि विशाल के पिता के निधन के बाद चाहती थी कि वह जॉब करें लेकिन क्रिकेट में इनके संघर्ष को देखते हुए ज्यादा जोर नहीं दिया। उम्मीद करती हूं कि आईपीएल सहित क्रिकेट की कई बड़ी प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले।
प्रदेश के सात जिलों में हो रहा यूपीसीए स्पीड हंट
उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने अच्छे तेज गेंदबाजों की तलाश के लिए स्पीड हंट शुरू किया है। इसके तहत प्रदेश के सात शहरों में गेंदबाजों का ट्रायल लिया जा रहा है। प्रयागराज में 19 और 20 जून को यूपीसीए स्पीड हंट के तहत हुए ट्रायल में 450 गेंदबाजों ने रफ्तार, स्विंग और लाइन-लेंथ के जरिये दमखम दिखाया। इसमें छह बालक और तीन बालिकाएं गेंदबाजी के निर्धारित मापदंडों पर खरे उतरे।
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झूंसी के दुर्जनपुर गांव निवासी विशाल यादव (20) ने करीब आठ साल पहले क्रिकेट से नाता जोड़ा था। 12 साल की उम्र से उन्होंने कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हुए सभी को प्रभावित किया। करीब दो साल पहले पिता राजपति यादव का निधन हो गया। इसके बाद मां, दिव्यांग बड़े भाई और दो छोटी बहनों की जिम्मेदारी इनके कंधे पर आ गई।विपरीत परिस्थितियों के बावजूद घरवालों ने उनके क्रिकेट के जुनून को कम नहीं होने दिया। क्रिकेटर के मैच फीस ही परिवार का खर्च चलता है।
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विशाल बताते हैं कि वह पांच साल से चौधरी नौनिहाल सिंह क्रिकेट क्लब के मुख्य कोच मो. आसिफ, इलाहाबाद क्रिकेट एसोसिएशन के संयुक्त संयोजक सोमेश्वर पांडेय और कोच यदुवेंद्र यादव से प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं। साथ ही उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की अंडर-19 और अंडर-23 कैंप का हिस्सा रह चुके हैं।
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विशाल कहते हैं कि वह उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों के साथ ही मध्य प्रदेश, बिहार, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान सहित कई राज्यों में खेल चुके हैं। हर मैच में फीस के तौर पर 2500 से 3000 रुपये मिल जाते हैं। सामान्य दिनों में हर महीने करीब 20 मैच खेलने का अवसर मिल जाता है।
उन्होंने बताया कि साल 2022 में यूपी बोर्ड से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की है। वहीं, मां जयश्री देवी ने बताया कि विशाल के पिता के निधन के बाद चाहती थी कि वह जॉब करें लेकिन क्रिकेट में इनके संघर्ष को देखते हुए ज्यादा जोर नहीं दिया। उम्मीद करती हूं कि आईपीएल सहित क्रिकेट की कई बड़ी प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले।
प्रदेश के सात जिलों में हो रहा यूपीसीए स्पीड हंट
उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने अच्छे तेज गेंदबाजों की तलाश के लिए स्पीड हंट शुरू किया है। इसके तहत प्रदेश के सात शहरों में गेंदबाजों का ट्रायल लिया जा रहा है। प्रयागराज में 19 और 20 जून को यूपीसीए स्पीड हंट के तहत हुए ट्रायल में 450 गेंदबाजों ने रफ्तार, स्विंग और लाइन-लेंथ के जरिये दमखम दिखाया। इसमें छह बालक और तीन बालिकाएं गेंदबाजी के निर्धारित मापदंडों पर खरे उतरे।