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मुख्य परीक्षा होते ही खाली करना होगा समर हॉस्टल

Fri, 05 May 2017 02:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 05 May 2017 02:05 AM IST
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Summer hostel should be cleared after
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में बवाल - फोटो : SELF
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में समर हॉस्टल के लिए आवेदन पत्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं। छात्र वेबसाइट से आवेदन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। फॉर्म पांच से 12 मई तक डीएसडब्ल्यू कार्यालय में जमा होंगे। जिन छात्रों को किसी प्रतियोगी परीक्षा के मेंस में शामिल होने के लिए हॉस्टल आवंटित किए जाएंगे, उन्हें मेंस परीक्षा में शामिल होने के बाद दो दिनों हॉस्टल छोड़ना होगा।
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हालांकि हॉस्टल 20 मई से 10 जुलाई तक के लिए आवंटित किए जाएंगे। इनमें दो तरह के छात्र-छात्राएं रह सकेंगे। डीफिल के वे छात्र, जिन्हें शोध में प्रवेश लिए तीन वर्ष पूरे नहीं हुए है और उनकी वैधता एवं अर्हता बाकी है, उन्हें समर हॉस्टल में प्रवेश मिलेगा और जो छात्र संघ लोक सेवा आयोग, किसी भी राज्य की लोक सेवा आयोग अथवा किसी अन्य भर्ती परीक्षा के मेंस में शामिल होने वाले हैं, उन्हें समर हॉस्टल आवंटित किए जाएंगे लेकिन मेंस परीक्षा होते ही दो दिनों में संबंधित छात्र-छात्रा को समर हॉस्टल छोड़ना होगा।
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इसके अलावा जिन छात्रों के अभिभावकों का इलाहाबाद में कोई आवास है, उन्हें छात्र-छात्राओं को समर हास्टल आवंटित नहीं किए जाएंगे। छात्रों के सामने शर्त होगी कि आवेदन पत्र में नाम-पता समेत सभी सूचनाएं सही भरी जाएं, अगर जांच में कोई भी सूचना गलत पाई जाती है तो संबंधित छात्र-छात्रा का आवेदन तत्काल निरस्त कर दिया जाएगा।
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समर हॉस्टल के लिए एनझा छात्रावास का चयन किए जाने से हॉस्टल के छात्र भड़के हुए हैं। छात्रों का कहना है कि न्यायालय में दिए गए हलफनामे में समर हॉस्टल के लिए जिन हॉस्टलों की सूची दी गई थी, उनमें एएन झा का नाम नहीं था। ऐसे में अचानक एएन झा को समर हॉस्टल क्यों बनाया गया। अगर एएन झा को समर हॉस्टल बनाया गया तो उसकी मरम्मत कब कराई जाएगी। छात्रों ने वीसी को ज्ञापन देकर मांग की है कि हलफनामे में जिन हॉस्टलों का नाम लिया गया गया था, उन्हीं को समर हॉस्टल बनाया जाए।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने न्यायालय में हलफनामा देकर कहा था कि डॉ. एस. राधाकृष्णन, शताब्दी पुरुष, और इंटरनेशनल छात्रावासों एवं हाल ऑफ रेजीडेंसी छात्रावास महिलाओ के लिए समर हॉस्टल के रूप में चिह्नित किए गए हैं। हलफनामे से इतर विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब इविवि के हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों के लिए एएन झा, ट्रस्ट के हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों के लिए केपीयूसी और छात्राओं के लिए कल्पना चावला छात्रावास को समर हॉस्टल के रूप में चिह्नित किया है।


हलफनामे में यह भी कहा गया था कि एएन झा और जीएन झा हॉस्टल को आदर्श के रूप में विकसित किया जाएगा और उसी तर्ज पर अन्य हॉस्टलों में भी काम होगा लेकिन एएन झा छात्रावास को समर हॉस्टल बना दिए जाने से उसे आदर्श हॉस्टल के रूप में विकसित करने का काम कैसे होगा। छात्रों ने वीसी को ज्ञापन देकर कहा है कि विश्वविद्यालय इस एएन झा को समर हॉस्टल बनाए जाने का निर्णय वापस नहीं लेता है तो छात्र न्यायालय की शरण में जाएंगे। उधर, चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे का कहना है कि यह विश्वविद्यालय का आंतरिक मामला है। छात्र-छात्राओं की सुविधा के हिसाब से ही समर हॉस्टलों का चयन किया गया है। एएन झा छात्रावास में भी सभी काम कराए जाएंगे।
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