Magh Mela : मेले में तैनात महिला दरोगा की अचानक तबीयत बिगड़ी, त्रिवेणी अस्पताल में कराया गया भर्ती
मौनी अमावस्या पर माघ मेले में तैनात महिला दारोगा की ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत खराब हो गई। जिसके बाद उसे त्रिवेणी अस्पताल भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया महिला को बेहोशी की हालत में सहयोगी पुलिसकर्मी इलाज के लिए लाए थे।
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मौनी अमावस्या पर माघ मेले में तैनात महिला दारोगा की ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत खराब हो गई। जिसके बाद उसे त्रिवेणी अस्पताल भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया महिला को बेहोशी की हालत में सहयोगी पुलिसकर्मी इलाज के लिए लाए थे। कमजोरी और थकान की वजह से उसकी तबीयत खराब हुई।
मरीज का प्राथमिक उपचार कर दिया गया और उन्हें आराम करने की सलाह दी गई है।शुक्रवार को माघ मेले में तैनात माधुरी (26) की ड्यूटी त्रिवेणी मार्ग के स्नान घाट और प्लाटून पुल संख्या तीन पर लगी थी। महिला ड्यूटी के दौरान अचानक चक्कर खाकर गिर गई। आनन-फानन में उसे अस्पताल में ले जाया गया। माधुरी मूलत: मिर्जापुर की रहने वाली हैं और वर्तमान में झांसी में तैनाती हैं।
त्रिवेणी अस्पताल के कर्मचारियों को मिला जीवन रक्षक प्रशिक्षण
मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए त्रिवेणी अस्पताल के कर्मचारियों को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें स्वास्थ्यकर्मियों, सुरक्षाकर्मियों और एंबुलेंस चालकों को बताया गया कि आपात स्थिति पैदा होने पर मरीजों को किस तरह से सीपीआर के तहत मदद दी जाए।
डॉक्टरों ने बताया कि लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने, दिल का दौरा पड़ने, अचानक बेहोश होने की स्थिति में प्राथमिक उपचार के तौर पर सीपीआर दिया जाता है। इसमें व्यक्ति के सीने को हाथ से दो इंच तक दबाव डाला जाता है और कृत्रिम सांस दी जाती है ताकि रक्त संचार रुके नहीं।
त्रिवेणी अस्पताल में आयोजित जीवन रक्षक प्रशिक्षण के दौरान डॉ. एसएन गुप्ता ने बताया कि दिल का दौरा पड़ने या अचानक बेहोश हुए मरीज के लिए शुरुआत के एक घंटे बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। डॉ. महानंद यादव ने कहा कि कोई भी आम इंसान किसी को भी सीपीआर दे सकता है। बस इसकी बुनियादी समझ व्यक्ति को होनी चाहिए। मौनी अमावस्या पर्व को देखते हुए अस्पताल के कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। त्रिवेणी अस्पताल की अधीक्षक डॉ. अंकिता पांडेय ने बताया कि शिविर में सुरक्षाकर्मियों से लेकर स्वास्थ्यकर्मियों तक को सीपीआर तकनीकी पहलुओं से रूबरू कराया गया।