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घरेलू गैस की सब्सिडी घटी, खाते में जा रहे मात्र 48 रूपये
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subsidy on gas shrinks, only 48 repees returns in customer's account
प्रयागराज। कोविड दौर के चलते अंतरराष्ट्रीय मार्केट में पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में भले ही कमी आई हो लेकिन केंद्र सरकार उसके मुकाबले में घरेलू गैस के दामों में राहत देने वाली नहीं है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक घरेलू गैस सिलिंडर पर सब्सिडी के नाम पर उपभोक्ताओं को केवल 48 रूपये मिल रहे हैं। ये रूपये उनके खाते में भेजे जा रहे हैं।
घरेलू गैस सिलिंडर जो कि 14 किलोग्राम के होते हैं, उनके दाम अक्तूबर की तरह नवंबर में ही 647 रूपये निर्धारित किए गए हैं। अक्तूबर में उपभोक्ताओं को 48 रूपये की सब्सिडी मिली और नवंबर में भी 48 रूपये ही सब्सिडी दी जा रही है। जबकि, क्रूड ऑयल के दाम भी इस समय काफी नीचे आया है। अगर घरेलू गैस के वर्तमान दामों के मुकाबले मिल रही सब्सिडी की तुलना पिछले वर्ष अक्तूबर 2019 से करें तो उपभोक्ताओं को निराशा होगी।
अक्तूब 2019 में 113.67 रूपये सब्सिडी दी गई थी। जबकि 14 किलोग्राम वाले सिलिंडर का मूल्य 654 रूपये ही था। यानी उस समय 14 किलोग्राम का एक सिलिंडर सब्सिडी के बाद उपभोक्ताओं को 541 रूपये का पड़ रहा था। लेकिन, अब यही सिलिंडर उपभोक्ताओं को 599 रूपये का पड़ रहा है। यानी सरकार करीब 58 रूपये पिछले साल के मुकाबले इस साल उपभोक्ताओं से अधिक वसूल रही है। यह हाल तब है जबकि अंतरराष्ट्रीय मार्केट में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम काफी कम है।
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इस साल अप्रैल और मई महीने को छोड़ दिया जाए तो बाकी सभी महीनों में घरेलू गैस के दाम अक्तूबर 2019 में 541 रूपये के मुकाबले हर महीने अधिक रहे। दामों में धीरे-धीरे वृद्धि हुई है। अप्रैल 2020 में घरेलू गैस उपभोक्ताओं को 743 रूपये में 14 किलोग्राम के सिलिंडर पर देना पड़ा लेकिन सब्सिडी उन्हें 210 रूपये मिली। इससे उन्हें 14 किलोग्राम वाले सिलिंडर पर वास्तविक मूल्य 532 रूपये ही देना पड़ा था। मई 2020 में सरकार ने कोई सब्सिडी नहीं दी लेकिन गैस सिलिंडर का दाम 582 रूपये निर्धारित किया था।
बाकी छह महीनों में उसने थोड़ी-थोड़ी रकम बढ़कर अब 58 रूपये के आसपास अधिक वसूल रही है। पिछले चार महीने यानी अगस्त से लेकर नवंबर तक के दाम में मात्र 50 पैसे का फर्क रहा। एलपीजी फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने सब्सिडी में जो कमी की है। उसके कई कारण हो सकते हैं। मुख्य कारण आर्थिक ही है। कोविड के चलते सरकार को धन की जरूरत अधिक है। लिहाजा, इसकी कटौती से वह अर्थतंत्र को संभालने में लगी है। जिसका असर उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
एक नजर घरेलू गैस के दामों पर
माह घरेलू गैस के दाम सब्सिडी
जनवरी 763 205.48
फरवरी 907.50 339.10
मार्च 588.50 279.57
अप्रैल 793 210.05
मई 582 00
जून 641 46.55
जुलाई 645.50 46.55
अगस्त 646.50 48.05
सितंबर 646.50 48.05
अक्तूबर 647 48
नवंबर 647 48
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घरेलू गैस सिलिंडर जो कि 14 किलोग्राम के होते हैं, उनके दाम अक्तूबर की तरह नवंबर में ही 647 रूपये निर्धारित किए गए हैं। अक्तूबर में उपभोक्ताओं को 48 रूपये की सब्सिडी मिली और नवंबर में भी 48 रूपये ही सब्सिडी दी जा रही है। जबकि, क्रूड ऑयल के दाम भी इस समय काफी नीचे आया है। अगर घरेलू गैस के वर्तमान दामों के मुकाबले मिल रही सब्सिडी की तुलना पिछले वर्ष अक्तूबर 2019 से करें तो उपभोक्ताओं को निराशा होगी।
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अक्तूब 2019 में 113.67 रूपये सब्सिडी दी गई थी। जबकि 14 किलोग्राम वाले सिलिंडर का मूल्य 654 रूपये ही था। यानी उस समय 14 किलोग्राम का एक सिलिंडर सब्सिडी के बाद उपभोक्ताओं को 541 रूपये का पड़ रहा था। लेकिन, अब यही सिलिंडर उपभोक्ताओं को 599 रूपये का पड़ रहा है। यानी सरकार करीब 58 रूपये पिछले साल के मुकाबले इस साल उपभोक्ताओं से अधिक वसूल रही है। यह हाल तब है जबकि अंतरराष्ट्रीय मार्केट में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम काफी कम है।
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इस साल अप्रैल और मई महीने को छोड़ दिया जाए तो बाकी सभी महीनों में घरेलू गैस के दाम अक्तूबर 2019 में 541 रूपये के मुकाबले हर महीने अधिक रहे। दामों में धीरे-धीरे वृद्धि हुई है। अप्रैल 2020 में घरेलू गैस उपभोक्ताओं को 743 रूपये में 14 किलोग्राम के सिलिंडर पर देना पड़ा लेकिन सब्सिडी उन्हें 210 रूपये मिली। इससे उन्हें 14 किलोग्राम वाले सिलिंडर पर वास्तविक मूल्य 532 रूपये ही देना पड़ा था। मई 2020 में सरकार ने कोई सब्सिडी नहीं दी लेकिन गैस सिलिंडर का दाम 582 रूपये निर्धारित किया था।
बाकी छह महीनों में उसने थोड़ी-थोड़ी रकम बढ़कर अब 58 रूपये के आसपास अधिक वसूल रही है। पिछले चार महीने यानी अगस्त से लेकर नवंबर तक के दाम में मात्र 50 पैसे का फर्क रहा। एलपीजी फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने सब्सिडी में जो कमी की है। उसके कई कारण हो सकते हैं। मुख्य कारण आर्थिक ही है। कोविड के चलते सरकार को धन की जरूरत अधिक है। लिहाजा, इसकी कटौती से वह अर्थतंत्र को संभालने में लगी है। जिसका असर उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
एक नजर घरेलू गैस के दामों पर
माह घरेलू गैस के दाम सब्सिडी
जनवरी 763 205.48
फरवरी 907.50 339.10
मार्च 588.50 279.57
अप्रैल 793 210.05
मई 582 00
जून 641 46.55
जुलाई 645.50 46.55
अगस्त 646.50 48.05
सितंबर 646.50 48.05
अक्तूबर 647 48
नवंबर 647 48