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हाईकोर्ट के बजाए सेशन कोर्ट में दाखिल करें अगिम जमानत अर्जी
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सभी केंद्र : नोएडा के लिए विशेष
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हाईकोर्ट के बजाए सेशनकोर्ट में दाखिल करें अग्रिम जमानत
0 सीधे हाईकोर्ट जाने से समाप्त होगा सेशनकोर्ट जाने का मौका
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने कहा है कि अग्रिम जमानत अर्जियां पहले सेशन कोर्ट में दाखिल की जानी चाहिए, हालांकि अर्जी की सुनवाई का अधिकार हाईकोर्ट व सत्र न्यायालय दोनों को है, इसके बावजूद सत्र न्यायालय में अर्जी दाखिल की जाएं। यदि वहां खारिज हो जाती है तो उसके बाद याची हाईकोर्ट में आ सकता है। कोर्ट ने कहा कि अग्रिम जमानत के लिए सीधे हाईकोर्ट आने के बाद वादकारी को सत्र न्यायालय जाने का अवसर समाप्त हो जाएगा। पहले सत्र न्यायालय जाने पर यदि वहां जमानत नहीं मिलती तो उसके हाईकोर्ट आने का विकल्प खुला रहेगा। न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने नोएडा के प्रेम चौहान की अग्रिम जमानत अर्जी को वापस करते हुए खारिज कर दिया है। याची के खिलाफ नोएडा के सेक्टर 39 थाने में दुराचार के आरोप में दर्ज प्राथमिकी के तहत अग्रिम जमानत पर रिहा किए जाने की मांग की गई थी।
इलाहाबाद सेशनकोर्ट में दाखिल हुई पहली अर्जी
प्रयागराज। सूबे में अग्रिम जमानत का प्रावधान लागू होने के बाद पहली बार दो लोगों ने अग्रिम जमानत पाने के लिए सेशन कोर्ट में अर्जी दाखिल है। इन अर्जियों पर सुनवाई शुरू हो गई है। पहली अर्जी कौंधियारा के प्रकाश चंद्र पांडेय ने दाखिल की है। उनके खिलाफ कौंधियारा थाने में बालू चोरी और जान लेवा हमला करने आदि की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुई है। प्रकाश चंद्र को इस मामले में गिरफ्तारी की आशंका है। इसलिए उन्होंने पहले ही जमानत की अर्जी दाखिल कर दी है। जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि ने बताया कि उनको जमानत अर्जी की प्रति प्राप्त हुई। कोर्ट ने उनसे इस पर जवाब मांगा है।
दूसरी अर्जी दारागंज के नीरज यादव उर्फ योगेश ने दाखिल है। इन पर दारागंज थाने में जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज है। अग्रिम जमानत के लिए योगेश की अर्जी पर पांच जुलाई की तिथि नियत है। अभियोजन को इस पर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है।
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हाईकोर्ट के बजाए सेशनकोर्ट में दाखिल करें अग्रिम जमानत
0 सीधे हाईकोर्ट जाने से समाप्त होगा सेशनकोर्ट जाने का मौका
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने कहा है कि अग्रिम जमानत अर्जियां पहले सेशन कोर्ट में दाखिल की जानी चाहिए, हालांकि अर्जी की सुनवाई का अधिकार हाईकोर्ट व सत्र न्यायालय दोनों को है, इसके बावजूद सत्र न्यायालय में अर्जी दाखिल की जाएं। यदि वहां खारिज हो जाती है तो उसके बाद याची हाईकोर्ट में आ सकता है। कोर्ट ने कहा कि अग्रिम जमानत के लिए सीधे हाईकोर्ट आने के बाद वादकारी को सत्र न्यायालय जाने का अवसर समाप्त हो जाएगा। पहले सत्र न्यायालय जाने पर यदि वहां जमानत नहीं मिलती तो उसके हाईकोर्ट आने का विकल्प खुला रहेगा। न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने नोएडा के प्रेम चौहान की अग्रिम जमानत अर्जी को वापस करते हुए खारिज कर दिया है। याची के खिलाफ नोएडा के सेक्टर 39 थाने में दुराचार के आरोप में दर्ज प्राथमिकी के तहत अग्रिम जमानत पर रिहा किए जाने की मांग की गई थी।
इलाहाबाद सेशनकोर्ट में दाखिल हुई पहली अर्जी
प्रयागराज। सूबे में अग्रिम जमानत का प्रावधान लागू होने के बाद पहली बार दो लोगों ने अग्रिम जमानत पाने के लिए सेशन कोर्ट में अर्जी दाखिल है। इन अर्जियों पर सुनवाई शुरू हो गई है। पहली अर्जी कौंधियारा के प्रकाश चंद्र पांडेय ने दाखिल की है। उनके खिलाफ कौंधियारा थाने में बालू चोरी और जान लेवा हमला करने आदि की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुई है। प्रकाश चंद्र को इस मामले में गिरफ्तारी की आशंका है। इसलिए उन्होंने पहले ही जमानत की अर्जी दाखिल कर दी है। जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि ने बताया कि उनको जमानत अर्जी की प्रति प्राप्त हुई। कोर्ट ने उनसे इस पर जवाब मांगा है।
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दूसरी अर्जी दारागंज के नीरज यादव उर्फ योगेश ने दाखिल है। इन पर दारागंज थाने में जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज है। अग्रिम जमानत के लिए योगेश की अर्जी पर पांच जुलाई की तिथि नियत है। अभियोजन को इस पर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है।
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