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इविवि में छात्र संघ खत्म, विरोध कर रहे छात्रसंघ अध्यक्ष और महामंत्री समेत कई नेता गिरफ्तार
Sat, 29 Jun 2019 03:38 PM IST
Vikas Kumar
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: Vikas Kumar
Updated Sat, 29 Jun 2019 03:38 PM IST
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छात्रों को गिरफ्तार करती प्रयागराज पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के 96 साल पुराने छात्रसंघ के इतिहास का आज अंतिम अध्याय लिख दिया गया। विश्वविद्यालय और संघटक कॉलेजों में छात्रसंघ खत्म कर दिया गया है। अब छात्रसंघ की जगह छात्र परिषद का गठन होगा। यह अहम फैसला शनिवार को इविवि के विधि संकाय में हुई कार्य परिषद की बैठक में किया गया। बैठक के दौरान छात्रसंघ भवन पर विरोध में प्रदर्शन हुआ, जिस पर पुलिस को लाठियां चलानी पडीं। छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव और महामंत्री शिवम सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
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कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू की अध्यक्षता में हुई कार्य परिषद की बैठक में तय हुआ कि मौजूदा सत्र 2019-20 से ही इस निर्णय को लागू किया जाएगा। विश्वविद्यालय और संघटक कॉलेजों में इस बार छात्रसंघ की जगह छात्र परिषद का चुनाव होगा। नई व्यवस्था में अब छात्र सीधे पदाधिकारी नहीं चुन सकेंगे, बल्कि छात्र कक्षा प्रतिनिधि का चुनाव करेंगे और कक्षा प्रतिनिधि छात्र परिषद के पदाधिकारियों को चुनेंगे। विवि के रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला ने इस संबंध में नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।
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24 जून को हुई इविवि की एकेडमिक कौंसिल की बैठक में ही छात्र परिषद के गठन पर सहमति बन गई थी, लेकिन सबको कार्य परिषद की बैठक का इंतजार था। शनिवार को कार्य परिषद की बैठक में इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया गया और बिना किसी विरोध के सर्वसम्मति से इविवि एवं संघटक कॉलेजों में छात्र परिषद का मॉडल लागू करने का निर्णय लिया गया।
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लिंगदोह कमेटी के निर्देशों को हुआ अनुपालन: पीआरओ
इविवि के पीआरओ डॉ. चित्तरंजन कुमार सिंह का कहना है कि इविवि में छात्र परिषद के गठन का निर्णय लेकर लिंगदोह कमेटी के निर्देशों का अनुपालन किया गया है। लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुसार सिर्फ जेएनयू और हैदराबाद जैसे छोटे कैंपस और कम छात्र संख्या वाले परिसर में ही प्रत्यक्ष मतदान द्वारा छात्रसंघ का गठन होगा, जबकि अधिक छात्रसंख्या और कई परिसर वाले विश्वविद्यालय में अनिवार्य रूप से छात्र परिषद का गठन होगा। अधिक छात्र संख्या वाले इविवि में एक से अधिक परिसर हैं और यहां अशांति का माहौल लगातार बना हुआ है। छात्र परिषद चुनाव का मॉडल ज्यादा व्यापक और पारदर्शी है। इसमें हर संकाय से स्नातक, परास्नातक और पीएचडी के छात्र चुन कर आएंगे। ये पदाधिकारियों का चुनाव करेंगे। इस पूरी प्रक्रिया में आम छात्र ही मतदान करेंगे। इसमें हर स्तर पर अधिकतम छात्रों की भागीदारी होगी।
15 अगस्त से पहले छात्र परिषद के गठन की तैयारी
इविवि और संघटक कॉलेजों में 15 अगस्त से पहले छात्र परिषद का गठन करने की तैयारी है। सूत्रों के मुताबिक इविवि प्रशासन चाहता है कि छात्र परिषद का गठन जल्द से जल्द कर दिया जाए ताकि छात्र परिषद के को लेकर चल रहे विरोध को दबाया जा सके और नए सत्र के संचालन में ज्यादा बाधा न आए।
शतक पूरा नहीं कर सका 96 साल पुराना छात्रसंघ
इविवि के पहले छात्रसंघ का गठन वर्ष 1923 में हुआ था। 96 साल पुराने छात्रसंघ चार साल बाद अपना शतक पूरा करने जा रहा था, लेकिन इविवि प्रशासन ने छात्रसंघ को अचानक झटका दिया और कार्य परिषद में छात्र परिषद के गठन पर अंतिम मुहर लग गई।
बैठक के दौरान चप्पे-चप्पे पर रही सुरक्षा
कार्य परिषद की बैठक के दौरान बवाल की आशंका के मद्देनजर सुबह आठ बजे से ही चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था कर दी गई थी। पुलिस ने कई स्थानों को पहले से चिह्नित कर रखा था, जिसमें अल्लापुर डेलीगेसी स्थित नेता चौराहा, सीएमपी डिग्री कॉलेज चौराहा, इलाहाबाद डिग्री कॉलेज, ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज, सलोरी, बघाड़ा, लल्ला चुंगी जैसे स्थानों पर सुबह से ही फोर्स तैनात कर दी गई थी। बैठक स्थल विधि संकाय के बाहर आरएएफ की तैनाती की गई थी।