यूपीपीएससी में वॉशआउट के लिए अड़े प्रतियोगी छात्र
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छात्रों ने प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले आयोग में प्रदर्शन भी किया और शुक्रवार को आयोग के बाहर हुए लाठीचार्ज पर विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि लाठियों के बल पर प्रतियोगी छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। यूपीपीएससी के सचिव और परीक्षा नियंत्रक की पोल खुल चुकी है। अगर जांच निष्पक्ष तरीके से हुई तो आयोग के कई दूसरे अफसर एवं कर्मचारी भी भ्रष्टाचार में फंसेंगे। छात्रों ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार का खेल आयोग में कई वर्षों से चल रहा है। तकरीबन सभी परीक्षाओं में गलत सवाल पूछे जाने के मामले में सामने आते रहे हैं। इसके बावजूद आयोग ने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा की उत्तरकुंजी जारी नहीं की।
छात्रों ने भर्ती में भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए डेलीगेसी कमेटी बनाए जाने का भी निर्णय लिया और शाम को सलोरी डेलीगेसी में बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाई। यह भी तय किया कि प्रतियोगी छात्र संघर्ष मोर्चा के बैनर तले रविवार सुबह 11 बजे सिविल लाइंस के सुभाष चौराहे पर बूट पॉलिश कर आयोग के प्रति विरोध दर्ज कराएंगे। प्रदर्शन में अजीत यादव, अखिलेश गुप्ता, विवेकानंद पाठक, उदय प्रकाश यादव, मनोज यादव, अरविंद सरोज, अजीत विधायक, अंकुश यादव, प्रशांत सिंह, राहुल पटेल, चंद्रशेखर चौधरी, आशीषा अतरौलिया, डीपी यादव, राकेश पासवान, अंकित यादव, रंजीत कुमार, सूर्य प्रताप कुशवाहा, लालजी पाल, गोरखनाथ, दिनेश चंद्र पाल आदि शामिल रहे।
प्रतियोगी छात्रों ने शनिवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के चार कर्मचारियों के नाम शासन और एसटीएफ प्रमुख को भेजे। छात्रों का दावा है कि पूर्व अध्यक्ष अनिल यादव के कार्यकाल में ये चारों कर्मचारी उनके करीबी थे और वर्तमान में आयोग के सचिव एवं परीक्षा नियंत्रक के खास हैं। छात्रों ने इन चारों कर्मचारियों के बैंक खातों और संपत्ति की जांच कराए जाने की मांग की है।
चंद्रशेखर आजाद पार्क में हुई भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा की बैठक में छात्रों ने मांग की कि चारों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए। इनमें कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष संतोष कुमार का नाम भी शामिल है, जो परीक्षा नियंत्रक के समर्थन और एसटीएफ की कार्रवाई के विरोध में आयोग में धरने पर बैठे हुए हैं। छात्रों ने सचिवालय एवं आयोग में तैनात समीक्षा अधिकारियों का समायोजन करते हुए उनका स्थानांतरण करने की मांग की।
साथ ही शुक्रवार को हुए आंदालन के बाद छात्रों पर दर्ज मुकदमा भी वापस लिए जाने की मांग की। छात्रों ने निर्णय लिया कि तीन जून को शाम 5.30 बजे इलाहाबाद विश्वविद्यालय से कटरा होते हुए चंद्रशेखर आजाद पार्क में कैंडल जुलूस निकालेंगे। बैठक में मोर्चा अध्यक्ष कौशल सिंह, कुंवर साहब सिंह, मनोज सिंह, हर्षवर्धन पाठक, प्रतिमा सिंह, प्रतिभा सिंह, रश्मी, प्रवीण सिंह आदि मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षा में पेपर लीक का मामला राज्यपाल राम नाईक तक पहुंच गया है। छात्रों ने शनिवार को राज्यपाल के कार्यालय में उनके प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपकर न्यायिक जांच कराने और मामले में संलिप्त दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्रों ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा से पहले भी कई परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं। पेपर बेचे जाने की घटना सामने आ चुकी है। इसको लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। छात्रों ने राज्यपाल से मांग की है कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाए ताकि प्रतियोगियों के भविष्य से कोई खिलवाड़ न कर सके। ज्ञापन सौंपने वालों में छात्र नेता आदर्श शुक्ला, महेंद्र यादव, मधुर, सर्वेश कुमार शुक्ला, दीपक चौरसिया, अश्विनी वर्मा, गौरव पांडेय, सुमित भारद्वाज आदि शामिल रहे।
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय का कहना है कि छात्रों ने संपत्ति का ब्यौरा जुटाने का काम शुरू कर दिया है। शनिवार को प्रयागराज के बाघंबरी गद्दी कॉम्पलेक्स स्थित आयोग के तीन कर्मचारियों के आवास का ब्यौरा इकट्ठा किया गया है, जिसमें प्रत्येक फ्लैट 60-60 रुपये में खरीदे गए और तहसील में इसकी कीमत दर्ज है। कुछ मकानों की बाहर से फोटो भी खींची गई है, जो करोड़ों रुपये की कीमत के हैं। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति की ओर से प्रदेश भर के छात्रों को मैसेज भेजकर अपील की गई है कि परीक्षा नियंत्रक के समर्थन में पीसीएस एसोसिएशन की बैठक में जो भी अधिकारी शामिल होते हैं, उनकी संपत्ति का ब्यौरा इकट्ठा करें। साथ ही आयोग के जो कर्मचारी और अधिकारी एसटीएफ की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं, उनकी संपत्ति का ब्यौरा भी इकट्ठा किया जाए।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के कर्मचारियों का परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार के समर्थन में शनिवार को भी धरना जारी रहा। कर्मचारियों ने आयोग के अध्यक्ष को ज्ञापन देते हुए आरोप लगाया कि एसटीएफ की ओर से परीक्षा नियंत्रक कार्यालय की जांच में आयोग की गोपनीयता भंग हो गई है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग कर्मचारी/अधिकारी संघ के अध्यक्ष दिनेश कुमार के नेतृत्व में कर्मचारियों की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा मेें पेपर लीक मामले में हाईकोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई है और आयोग ने अब तक जितने परिणाम जारी किए हैं, सभी कोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन है। ऐसे में आयोग की गोपनीयता भंग हो जाने से अब न्यायालय का अंतिम आदेश आने तक परीक्षा, साक्षात्कार आदि का कार्य स्थगित कर दिया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि परीक्षा नियंत्रक को जो मोबाइल जब्त हुआ है, उसमें सभी प्रंटिंग प्रेस सचालकों के नाम और नंबर थे। परीक्षा संबंधी कार्य के लिए परीक्षा नियंत्रक को उनसे फोन पर ही बात करनी होती थी। यह बात पूरी तरह से औपचारिक एवं व्यावसायिक होती थी। फोन पर बातचीत के आधार पर परीक्षा नियंत्रक को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है।
एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में भ्रष्टाचार का मामला सामने आने के बाद प्रियंका यूथ फ्रंट के सदस्यों ने शनिवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का पुतला फूंका। इन सदस्यों ने आयोग में भ्रष्टाचार से संबंधित मामले से भी प्रियंका गांधी को अवगत कराया है। पुतला फूंकने वालों में पंकज शुक्ला, अनुभव सिंह, शशि भूषण त्रिपाठी, विशाल सिंह, विनय पाल, अंकित सिंह आदि शामिल रहे।