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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में कुलपति आवास के पास धरना प्रदर्शन पर रोक
Mon, 20 May 2019 08:13 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 20 May 2019 08:13 PM IST
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एएमयू
- फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति के आवास और प्रशासनिक ब्लाक के पास सौ मीटर की परिधि में धरना प्रदर्शन करने तथा रैली निकालने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा है कि जिला प्रशासन से परामर्श कर विश्वविद्यालय आंदोलन कारी छात्रों के लिए कोई दूसरी जगह तय करे। विश्वविद्यालय में पठन पाठन का माहौल बनाए रखने के लिए कोर्ट ने परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने जाने का आदेश दिया है। जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि शैक्षणिक माहौल बनाए रखने मेें विश्वविद्यालय प्रशासन को सहयोग दे।
एएमयू के कुलसचिव की याचिका पर न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की पीठ ने सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि परिसर में इस तरह से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं कि प्रशासनिक ब्लाक को साफ तौर से देखा जा सके। डीएम और एसएसपी अलीगढ़ हर प्रकार से विश्वविद्यालय प्रशासन का सहयोग करें।
याचिका में कहा गया कि वर्ष 2018-19 में पीएचडी प्रवेश में असफल छात्रों ने प्रशासनिक ब्लाक गेट पर धरना प्रदर्शन कर अधिकारियों को भीतर जाने से रोक रखा है। इसकी वजह से कार्यसमिति की बैठक स्थगित करनी पड़ी। विश्वविद्यालय में शैक्षिक माहौल बिगड़ गया है। जिला प्रशासन से मदद मांगी गई मगर उन्होंने सहयोग नही दिया। प्रदर्शन कारी छात्रों को नोटिस दिया गया जिस पर वह हिंसक हो गए। कोर्ट ने कहा कि जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह विश्वविद्यालय का सहयोग करे।
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एएमयू के कुलसचिव की याचिका पर न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की पीठ ने सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि परिसर में इस तरह से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं कि प्रशासनिक ब्लाक को साफ तौर से देखा जा सके। डीएम और एसएसपी अलीगढ़ हर प्रकार से विश्वविद्यालय प्रशासन का सहयोग करें।
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याचिका में कहा गया कि वर्ष 2018-19 में पीएचडी प्रवेश में असफल छात्रों ने प्रशासनिक ब्लाक गेट पर धरना प्रदर्शन कर अधिकारियों को भीतर जाने से रोक रखा है। इसकी वजह से कार्यसमिति की बैठक स्थगित करनी पड़ी। विश्वविद्यालय में शैक्षिक माहौल बिगड़ गया है। जिला प्रशासन से मदद मांगी गई मगर उन्होंने सहयोग नही दिया। प्रदर्शन कारी छात्रों को नोटिस दिया गया जिस पर वह हिंसक हो गए। कोर्ट ने कहा कि जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह विश्वविद्यालय का सहयोग करे।
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