एसटीएफ ने यूपी बोर्ड परीक्षा में रुपये लेकर कॉपियां लिखवाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। कौशाम्बी के वलेहपुर में पकड़े जाने के दौरान तीनों आरोपियों के कब्जे से 31 लिखी हुईं कॉपियां व अन्य सामान भी बरामद हुए। खेल में लिप्त गिरोह के सरगना समेत तीन लोगों की तलाश जारी है।
नकल कराने वाले गिरोह का एसटीएफ प्रयागराज ने किया भंडाफोड़
बृहस्पतिवार को एसटीएफ स्थानीय इकाई के एएसपी नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि कौशाम्बी के पिपरी स्थित कुछ जगहों पर कॉपियां परीक्षा केंद्र से बाहर लिखवाए जाने की सूचना मिली थी। इसी क्रम में 26 फरवरी को इंटरमीडिएट की अंग्रेजी परीक्षा के दौरान इंस्पेक्टर अतुल कुमार सिंह के नेतृत्व में एक टीम ने वलेहपुर रोड के किनारे स्थित सागौन के बाग में छापा मारा। वहां मिले तीन लोगों की तलाशी ली गई तो उनके कब्जे से 31 लिखी हुईं कॉपियां मिलीं।
इनमें से 10 यूडी मेमोरियल कॉलेज असरावल कला व शेष 21 बचई सिंह सिंगरौर इंटर कॉलेज केंद्र की थीं। पूछताछ मेें पता चला कि तीनों रुपये लेकर बोर्ड परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह के सदस्य हैं, जिस पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इनके कब्जे से तीन मोबाइल, आधार, पैन, 11340 रुपये व व्हाट्सएप चैट के 13 स्क्रीन शॉट भी मिले, जिनमें नकल के लिए रुपये के लेनदेन के संबंध में बातें हुई थीं। तीनों ने अपना नाम युवराज सिंह यादव निवासी तियरा पिपरी, राजन बाबू सिंह निवासी चंद्रसेन व प्रदीप कुमार उर्फ पप्पू पाल निवासी रेहड़ा, चरवा बताया।
पूछताछ में तीनों आरोपियों ने बताया कि गिरोह का सरगना पिपरी, तियारा निवासी भगंदर उर्फ लाला यादव है। वह यूडी मेमोरियल कॉलेज के प्रबंधक केके मिश्रा व बचई सिंह सिंगरौर कॉलेज के प्रबंधक के भाई सिद्धार्थ सिंह उर्फ ननका के लिए काम करता है। दोनों लाला के जरिए परीक्षार्थियों से कॉपियां लिखवाने के एवज में 35 हजार रुपये लेते हैं। इसमें से युवराज को 10, जबकि अन्य दोनों को पांच-पांच हजार रुपये मिलते थे। एसटीएफ ने बताया कि लाला, केके व सिद्धार्थ की तलाश की जा रही है।
किसका क्या था काम
सिद्धार्थ- युवराज के मोबाइल पर व्हाट्सएप पर प्रश्नपत्र भेजना।
युवराज- व्हाट्सएप से प्रश्नपत्र सॉल्वरों तक पहुंचाना।
प्रदीप उर्फ पप्पू व राजन- लिखी हुई कॉपियां लाला व सिद्धार्थ तक पहुंचाना।
भगंदर उर्फ लाला- सॉल्वरों व गिरोह के सदस्यों से सेटिंग, रुपये लेना।
केके मिश्रा- परीक्षार्थियों को नकल कराने के लिए डील करना।