फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Stay on teachers recruitment in AU.

इविवि में शिक्षक भर्ती पर लगी रोक

Wed, 12 Jun 2019 12:23 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 12 Jun 2019 12:23 AM IST
विज्ञापन
Stay on teachers recruitment in AU.
इलाहाबाद विश्वविद्यालय

इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में प्रस्तावित शिक्षक भर्ती पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने रोक लगा दी है। भर्ती में गड़बड़ियों को लेकर तमाम शिकायतें मंत्रालय में लंबित हैं। हालांकि, इविवि प्रशासन की ओर से गत 23 अप्रैल को शिक्षकों के 558 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जा चुका है।

विज्ञापन


असिस्टेंट प्रोफेसर के 336, एसोसिएट प्रोफेसर के 156 और प्रोफेसर के 66 पदों पर भर्ती होनी है। इसके लिए 22 मई को आवेदन की अंतिम तिथि निर्धारित थी। आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब इंटरव्यू की तिथि घोषित होने का इंतजार था, लेकिन अचानक मंत्रालय से शिक्षक भर्ती पर रोक लगा दी गई। इविवि के सूत्रों का कहना है कि शिक्षक भर्ती पर रोक के लिए मंत्रालय का आदेश विश्वविद्यालय पहुंच गया है।
विज्ञापन

विश्वविद्यालय और संघटक कॉलेजों में शिक्षक भर्ती में गड़बड़ियों को लेकर तमाम शिकायत मंत्रालय में लंबित हैं। इसी वजह से इस पर रोक लगाई गई है। हालांकि, फैकल्टी रिक्रूटमेंट सेल के निदेशक प्रो. अनुपम दीक्षित ने ऐसी किसी भी जानकारी से इनकार किया है। वहीं, इविवि के पीआरओ डॉ. चितरंजन सिंह का कहना है कि वह प्रयागराज से बाहर हैं। दो दिन बाद लौटेंगे। उन्हें भर्ती पर रोक लगाए जाने की जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


भर्ती पर रोक लगाए जाने पर ऑक्टा का विरोध
इविवि में शिक्षक भर्ती पर रोक लगाए जाने का ऑक्टा ने विरोध किया है। मंत्रालय से रोक लगाए जाने संबंधी आदेश आने के बाद ऑक्टा के पदाधिकारियों ने मंगलवार को आपात बैठक की और निंदा की।

ऑक्टा के पदाधिकारियों ने कहा कि इविवि में शिक्षकों के 558 पद खाली हैं। ऐसे में शिक्षक भर्ती पर रोक लगाए जाने से छात्र-छात्राओं का नुकसान होगा। पदाधिकारियों ने कहा कि मंत्रालय का यह कदम विश्वविद्यालय को और पीछे ले जाएगा। यहां पठन-पाठन का माहौल बनाने के लिए कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू की ओर से किए जा रहे प्रयासों के लिए मंत्रालय का यह कदम उचित नहीं होगा। ऑक्टा अध्यक्ष डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि एक तरफ यूजीसी छह माह में भर्ती पूरी करने का निर्देश देता है, वहीं दूसरी ओर चंद मठाधीशों के दबाव में मंत्रालय नियुक्तियों पर रोक लगाता है। ऑक्टा महासचिव डॉ. उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत नियुक्तियां शुरू करने का निर्देश देंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed