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Prayagraj: मेडिकल बोर्ड में सीएमओ के सामने एसआरएन के दो डॉक्टर भिड़े, मारपीट में एक डॉक्टर लहूलुहान
Tue, 27 Feb 2024 01:28 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 27 Feb 2024 01:28 PM IST
सार
सीएमओ ऑफिस में सोमवार दोपहर 2 बजे के करीब दिव्यांग बोर्ड की बैठक के दौरान एसआरएन हॉस्पिटल के दो डॉक्टढरों के बीच किसी बात को लेकर मारपीट हो गई। इस दौरान सीएमओ ऑफिस में मौजूद सीएमओ डा. आशु पांडेय व अन्य अधिकारियों किसी तरह मामला शांत कराया।
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डॉक्टर।
- फोटो : Amar ujala
विस्तार
सीएमओ कार्यालय में सोमवार को दिव्यांग बोर्ड की बैठक के दौरान आई सर्जन दिव्यांग डॉक्टर, आर्थोपेडिक सर्जन के बीच गालीगलौज व जमकर लात-घूंसे चले। इसमें दिव्यांग डॉक्टर के मुंह से खून भी आ गया। घटना की वजह दिव्यांग डॉक्टर के अस्पताल के पंजीकरण में आर्थोपेडिक सर्जन की पत्नी का चिकित्सीय प्रमाणपत्र की प्रति लगना बताया जा रहा है। आर्थोपेडिक सर्जन के खिलाफ मारपीट की एफआईआर दर्जकर पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।
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नया कटरा के दिव्यांग डॉक्टर एक सीएचसी में चिकित्साधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। वहीं, आर्थोपेडिक सर्जन शहर से सटे एक अस्पताल में तैनात हैं। उनकी पत्नी एक स्वास्थ्य केंद्र पर स्त्री रोग विशेषज्ञ के पद पर कार्यरत हैं। दिव्यांग डॉक्टर व आर्थोपेडिक सर्जन सीएमओ कार्यालय के मेडिकल बोर्ड में दिव्यांगों का परीक्षण कर रहे थे।
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दिव्यांग डॉक्टर ने अपने पिता के नाम अस्पताल का पंजीकरण कराया था। वही आर्थोपेडिक सर्जन को दिखा खुशी व्यक्त कर रहे थे। इसी बीच पत्र जब आर्थोपेडिक सर्जन की नजर पड़ी तो उसमें उनकी पत्नी का नाम लिखा था। आरोप है कि यह देखते ही भड़क गए और आई सर्जन को जमीन पर पटक दिया। दिव्यांग डॉक्टर जमीन पर तड़पते रहे, फिर कार्यालय के अधिकारियों व कर्मचारियों ने अस्पताल भेजा। पीड़ित डॉक्टर का आरोप है कि आर्थोपेडिक सर्जन ने उन्हें यह कहते हुए मारा कि उनकी पत्नी संग मेरा अफेयर है। हालांकि, यह भी सवाल उठता है कि मेडिकल प्रमाणपत्र की छायाप्रति उनकी सहमति से थी कि नहीं।
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घटना शर्मसार करने वाली है। लेकिन, अभी तक प्रमाणपत्र सहमति से लगाया गया था कि नहीं, इस संबंध में मेरे पास कोई शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने पर जांचकरा कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. आशु पांडेय, सीएमओ, प्रयागराज