एसआरएन हास्पिटल : जूनियर डॉक्टरों ने किया ओपीडी का बहिष्कार, बिना इलाज कराए वापस लौटे मरीज
स्वरूप रानी अस्पताल में जूनियर रेजिडेंट और नीट पीजी में शामिल अभ्यर्थियों ने की हड़ताल। बीते सितंबर माह में हुई नीट पीजी की परीक्षा के नतीजे घोषित होने के बाद भी अभी तक काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू न होने से नाराज जूनियर डॉक्टरों ने सोमवार को हड़ाताल कर दी।
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मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से संबद्ध चिकित्सालय स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल के जूनियर रेजिडेंट एवं नीट पीजी में शामिल अभ्यर्थियों ने ओपीडी का बहिष्कार कर दिया। जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से एसआरएन अस्पताल की ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों को जबरदस्त परेशानी का सामना करना पड़ा। दूर-दराज से आए सैकड़ों मरीज बिना उपचार कराए ही लौटने के लिए मजबूर हुए। हालांकि इस दौरान सीनियर कंसल्टेंट ने ओपीडी में मोर्चा संभाला और वे मरीजों को देखते रहे। बावजूद इसके वार्डों के बाहर मरीजों की दिन भर भीड़ लगी रही।
बीते सितंबर माह में हुई नीट पीजी की परीक्षा के नतीजे घोषित होने के बाद भी अभी तक काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू न होने से नाराज जूनियर डॉक्टरों ने सोमवार को हड़ाताल कर दी। हड़ताल पर गए जूनियर डॉक्टरों का कहना था कि नीट पीजी के नतीजे घोषित होने के बाद भी न काउंसलिंग हो रही है और ना ही चिकित्सकों की नई भर्तियां की जा रही हैं।
जबकि, अस्पतालों में मरीजों की लगातार संख्या बढ़ने से जूनियर रेजिडेंट पर काम का दबाव काफी बढ़ता जा रहा है। जूनियर डॉक्टर सिद्धार्थ और कपीश ने बताया कि अस्पतालों में तीन सत्रों में से दो सत्रों की जिम्मेदारी जूनियर रेजिडेंट मिलकर संभाल रहे हैं। इस तरीके से ज्यादातर जूनियर रेजिडेंट के जिम्मे ही हॉस्पिटल चलाया जा रहा है।
इसी वजह से नीट पीजी की परीक्षा जो जनवरी में होनी थी, वह सितंबर में हो पाई है। जूनियर रेजिडेंट ने चेताया कि काउंसलिग की प्रक्रिया जल्द शुरू नहीं की गई तो उनकी हड़ताल आगे भी जारी रहेगी। जूनियर डॉक्टरों ने मंगलवार को भी ओपीडी के बहिष्कार का एलान किया। उधर,एसआरएन अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ओपीडी में सीनियर डॉक्टर बैठेंगे। मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।