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खास होकर भी आम, कमाल के थे कलाम
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 30 Jul 2015 12:46 AM IST
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इलाहाबाद। भारत रत्न पूर्व राष्ट्रपति डॉ.अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि देने का सिलसिला बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। अनेक राजनीतिक दलों, शैक्षणिक संस्थाओं और संगठनों ने अपने-अपने तरीके से शोकसभा आयोजित कर उन्हें याद किया। पूर्व महापौर चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह ने कहा,राष्ट्र के लिए उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा। ठाकुर हरनारायण सिंह डिग्री कालेज के शिक्षक ड्रॉ.फाजिल हाशमी ने कहा, डॉ.कलाम से हुई मुलाकात को भूलना संभव नहीं है। हैरत है कि इतना बड़ा आदमी इतना सहज भी हो सकता है। एक समारोह के समापन पर वह सिर्फ एक आग्रह पर गाड़ी से नीचे उतर आए और आटोग्राफ दिया।
गर्ल्स हाईस्कूल एेंड कॉलेज और बेनहर हाईस्कूल एेंड कालेज में प्रार्थना सभाएं आयोजित करके डॉ.कलाम के योगदान को याद किया गया। पंचशिला फाउंडेशन के जवाहर श्रीवास्तव ने कहा, देश डॉ.कलाम का हमेशा ऋणी रहेगा।राष्ट्रीय सहयोग मंच, प्रयागराज सेवा समिति, बेनहर हाईस्कूल एंड कॉलेज, त्रिवेणी रोड व्यापार मंडल, न्याय मित्र सेवा संस्थान और छोटा बघाड़ा में प्रतियोगी छात्रों ने कलाम और उनके योगदान को याद किया। सर्वजन स्वावलंबी विकास केंद्र की ओर से बैंक रोड से लेकर आनंद भवन तक, उत्तर प्रदेश स्टुडेंट एसोसिएशन की ओर से सलोरी स्थिति अंबेडकर छात्रावास से शहीद लाल पद्मधर की मूर्ति स्थल तक जुलूस निकालकर काका को आखिरी सलामी दी गई।
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गर्ल्स हाईस्कूल एेंड कॉलेज और बेनहर हाईस्कूल एेंड कालेज में प्रार्थना सभाएं आयोजित करके डॉ.कलाम के योगदान को याद किया गया। पंचशिला फाउंडेशन के जवाहर श्रीवास्तव ने कहा, देश डॉ.कलाम का हमेशा ऋणी रहेगा।राष्ट्रीय सहयोग मंच, प्रयागराज सेवा समिति, बेनहर हाईस्कूल एंड कॉलेज, त्रिवेणी रोड व्यापार मंडल, न्याय मित्र सेवा संस्थान और छोटा बघाड़ा में प्रतियोगी छात्रों ने कलाम और उनके योगदान को याद किया। सर्वजन स्वावलंबी विकास केंद्र की ओर से बैंक रोड से लेकर आनंद भवन तक, उत्तर प्रदेश स्टुडेंट एसोसिएशन की ओर से सलोरी स्थिति अंबेडकर छात्रावास से शहीद लाल पद्मधर की मूर्ति स्थल तक जुलूस निकालकर काका को आखिरी सलामी दी गई।
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