सोरांव डबल मर्डरः घटना को लूट का रूप देने की भी हुई कोशिश
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घटना की जानकारी सुबह सात बजे के करीब सूर्यभूषण को तब हुई जब वह छत पर पहुंचा। भाई व भाभी का खून से लथपथ शव देखते ही वह चीखने लगा। जिस पर गांव के लोग जमा हो गए। नागेंद्र भूषण व उसकी पत्नी मनोरमा के शव चारपाई पर पड़े थे। उनके चेहरे पर गंभीर जख्म के निशान थे और देखने से लग रहा था कि चेहरे भारी चीज से कूंचे गए हैं। कुछ दूर पर ही खून से सनी ईंट मिली तो यह तय हो गया कि इसी ईंट से चेहरे पर वार किया गया। उनके गर्दन पर धारदार हथियार से गोदने के भी निशान मिले। बगल की चारपाई पर तीनों बच्चे सोते मिले। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की तो कमरों में रखा सामान अस्त-व्यस्त मिला।
घरवालों ने बताया कि नामजद आरोपी शिवनारायण का घर मृतक के घर से 50 मीटर की दूरी पर है। उधर एक अन्य नामजद आरोपी मोनू की मृतक के मकान से 100 मीटर आगे बोरिंग है, जहां अक्सर वह दोस्तों संग बैठकर शराब पीता था। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
मृतक के पिता हरिहर प्रसाद ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उसकी पत्नी अपने माता-पिता की इकलौती संतान थीं। ऐसे में ससुर ताराचंद मिश्रा ने मृत्यु पूर्व ही सारी संपत्ति उनके नाम कर दी थी। इस बात से ससुर के भाई रिटायर दरोगा व उनके बच्चों से रंजिश रखने लगे थे। साथ ही उन्हें परेशान भी करते थे। तहरीर में एक दरोगा पर भी आरोप लगाया गया है। कहा गया है कि आरोपियों की ओर से परेशान करने की सूचना थाने में तैनात रहे दरोगा प्रह़्लाद सिंह को भी दी गई लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद कोर्ट में 156(3) के तहत अर्जी भी डाली गई थी।
‘मेरे सामने मार डाला बेटे व बहू को’
रिटायर दरोगा की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में कहा गया कि घटना के वक्त वह बेटे नागेंद्र के साथ छत पर सोया हुआ था। रात में नामजद तीनों आरोपी अपने कई साथियों के साथ छत पर चढ़ आए। जिसके बाद वह जान बचाकर गुहार लगाते हुए गांव की ओर भागा। हालांकि रात होने के कारण कोई मदद को आगे नहीं आया। लौटकर वापस देखा तो बेटे व बहू की लाश पड़ी थी।