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सोरांव सामूहिक हत्याकांडः दूसरे दिन भी नहीं खुला राज, दो अन्य आरोपी हिरासत में
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प्रयागराज के सोरांव के यूसुफपुर गांव में पांच लोगों की हत्या : मृतक कामिनी और छोटा बेटा कुंज।
- फोटो : CITY DESK
दो अन्य नामजद आरोपी भी लिए गए हिरासत में, पूछताछ जारी
सोरांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या का मामला
पहले पकड़े गए चार नामजद आरोपियों से भी रात भर पूछताछ
फिलहाल किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। सोरांव के यूसुफपुर में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या के मामले में नामजद दो अन्य आरोपियों को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। जिनसे दिन भर पूछताछ होती रही। उधर घटना के बाद कुछ देर बाद ही पकड़ लिए गए चार अन्य नामजद आरोपियों से भी रात भर पूछताछ चली लेकिन पुलिस मामले में दूसरे दिन भी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। फिलहाल अफसरों का यही कहना है कि जांच जारी है।
यूसुफपुर गांव मेें रहने वाले विजयशंकर तिवारी(55) के साथ ही उनके बेटे सोमदत्त्त उर्फ सोनू(32), बहू कामिनी उर्फ सोनी(28) व दो पौत्रों कान्हा(6) और कुंज(3) की शनिवार रात बेरहमी से घर के भीतर सोते वक्त हत्या कर दी गई थी। मामले में कामिनी के भाई कार्तिकेय ने तहरीर देकर विजयशंकर के छह पट्टीदारों समेत सात लोगों पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके कुछ देर बाद ही पुलिस ने सच्चिदानंद, संपूर्णानंद, जीतेंद्र व साजिश रचने के आरोपी प्रधान प्रमोद को हिरासत में ले लिया था। सोमवार को पुलिस ने दो अन्य नामजद आरोपियों विकास व अंबुज को भी हिरासत में ले लिया। जिनसे दिन भर पूछताछ हुई। पूछा गया कि घटना वाली रात वह कहां थे। साथ ही उनके मोबाइल फोन भी कब्जे में लेकर जांच पड़ताल की गई। उधर एक दिन पहले हिरासत में लिए गए चारों आरोपियों से भी रात भर पूछताछ हुई। हालांकि फिलहाल पुलिस मामले में किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है।सूत्रों की मानें तो पुलिस नामजद आरोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगालने में जुटी है। जिसके लिए मोबाइल की जांच के साथ ही सभी के नंबरों की सीडीआर निकलवाई जा रही है। सूत्रों की मानें तो दरअसल अभी पूछताछ में हिरासत में लिए गए आरोपियों ने यही बताया है कि वह घटना वाली रात घर पर थे। हालांकि सीडीआर की जांच के बाद यह पता लगाना आसान हो जाएगा कि घटना के वक्त उनकी लोकेशन कहां थी। उधर शाम को एडीजी सुजीत कुमार पांडेय भी युसुफपुर गांव पहुंचे। यहां उन्होंने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच पड़ताल करने के साथ ही आसपास के लोगों से भी बातचीत की।
बंजारों की बस्तियों पर भी छापेमारी
मामले में नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद पुलिस अब तक घटना की वजह को लेकर पशेापेस मेें है। दरअसल जिस तरह से इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया गया, उससे वारदात में घुमंतू गिरोह का हाथ होने की भी आशंका जताई जा रही है। यही वजह है कि नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ में जुटी पुलिस सोरांव के साथ ही आसपास के इलाकों में रहने वाले बंजारों की बस्तियों पर भी नजर रखे हुए है। ऐसी ही कई बस्तियों में रविवार रात पुलिस ने गंगापार के तमाम इलाकोें में छापा मारा। यहां रहने वाले बंजारों के परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी जुटाई गई। यह भी पता लगाया गया कि कोई अचानक गायब तो नहीं हुआ।
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फोरेंसिक टीम फिर पहुंची, जुटाए सबूत
उधर सोमवार दोपहर एक बार फिर फोरेंसिक टीम जांच के लिए यूसुफपुर गांव स्थित मृतकों के उस मकान में पहुंची, जहां इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया। तीन-चार सदस्यीय यह टीम दोपहर ढाई बजे के करीब गांव में पहुंची। इसके बाद मकान में जाकर टीम ने करीब आधे घंटे से ज्यादा समय तक रहकर हर चीज की बेहद बारीकी से जांच की। इस दौरान खून के साथ ही उंगलियों के निशान व अन्य चीजों के फिर से नमूने भी लिए। सूत्रों का कहना है कि दोबारा जांच के पीछे मंशा यही थी कि कहीं कोई सबूत रह न जाए। उधर हिरासत में लिए गए नामजद आरोपियों के भी उंगलियों के निशान लिए गए हैं। जिनका मिलान घटनास्थल पर मिले उंगलियों के निशान से कराया जाएगा।
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सोरांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या का मामला
पहले पकड़े गए चार नामजद आरोपियों से भी रात भर पूछताछ
फिलहाल किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। सोरांव के यूसुफपुर में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या के मामले में नामजद दो अन्य आरोपियों को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। जिनसे दिन भर पूछताछ होती रही। उधर घटना के बाद कुछ देर बाद ही पकड़ लिए गए चार अन्य नामजद आरोपियों से भी रात भर पूछताछ चली लेकिन पुलिस मामले में दूसरे दिन भी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। फिलहाल अफसरों का यही कहना है कि जांच जारी है।
यूसुफपुर गांव मेें रहने वाले विजयशंकर तिवारी(55) के साथ ही उनके बेटे सोमदत्त्त उर्फ सोनू(32), बहू कामिनी उर्फ सोनी(28) व दो पौत्रों कान्हा(6) और कुंज(3) की शनिवार रात बेरहमी से घर के भीतर सोते वक्त हत्या कर दी गई थी। मामले में कामिनी के भाई कार्तिकेय ने तहरीर देकर विजयशंकर के छह पट्टीदारों समेत सात लोगों पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके कुछ देर बाद ही पुलिस ने सच्चिदानंद, संपूर्णानंद, जीतेंद्र व साजिश रचने के आरोपी प्रधान प्रमोद को हिरासत में ले लिया था। सोमवार को पुलिस ने दो अन्य नामजद आरोपियों विकास व अंबुज को भी हिरासत में ले लिया। जिनसे दिन भर पूछताछ हुई। पूछा गया कि घटना वाली रात वह कहां थे। साथ ही उनके मोबाइल फोन भी कब्जे में लेकर जांच पड़ताल की गई। उधर एक दिन पहले हिरासत में लिए गए चारों आरोपियों से भी रात भर पूछताछ हुई। हालांकि फिलहाल पुलिस मामले में किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है।सूत्रों की मानें तो पुलिस नामजद आरोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगालने में जुटी है। जिसके लिए मोबाइल की जांच के साथ ही सभी के नंबरों की सीडीआर निकलवाई जा रही है। सूत्रों की मानें तो दरअसल अभी पूछताछ में हिरासत में लिए गए आरोपियों ने यही बताया है कि वह घटना वाली रात घर पर थे। हालांकि सीडीआर की जांच के बाद यह पता लगाना आसान हो जाएगा कि घटना के वक्त उनकी लोकेशन कहां थी। उधर शाम को एडीजी सुजीत कुमार पांडेय भी युसुफपुर गांव पहुंचे। यहां उन्होंने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच पड़ताल करने के साथ ही आसपास के लोगों से भी बातचीत की।
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बंजारों की बस्तियों पर भी छापेमारी
मामले में नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद पुलिस अब तक घटना की वजह को लेकर पशेापेस मेें है। दरअसल जिस तरह से इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया गया, उससे वारदात में घुमंतू गिरोह का हाथ होने की भी आशंका जताई जा रही है। यही वजह है कि नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ में जुटी पुलिस सोरांव के साथ ही आसपास के इलाकों में रहने वाले बंजारों की बस्तियों पर भी नजर रखे हुए है। ऐसी ही कई बस्तियों में रविवार रात पुलिस ने गंगापार के तमाम इलाकोें में छापा मारा। यहां रहने वाले बंजारों के परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी जुटाई गई। यह भी पता लगाया गया कि कोई अचानक गायब तो नहीं हुआ।
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फोरेंसिक टीम फिर पहुंची, जुटाए सबूत
उधर सोमवार दोपहर एक बार फिर फोरेंसिक टीम जांच के लिए यूसुफपुर गांव स्थित मृतकों के उस मकान में पहुंची, जहां इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया। तीन-चार सदस्यीय यह टीम दोपहर ढाई बजे के करीब गांव में पहुंची। इसके बाद मकान में जाकर टीम ने करीब आधे घंटे से ज्यादा समय तक रहकर हर चीज की बेहद बारीकी से जांच की। इस दौरान खून के साथ ही उंगलियों के निशान व अन्य चीजों के फिर से नमूने भी लिए। सूत्रों का कहना है कि दोबारा जांच के पीछे मंशा यही थी कि कहीं कोई सबूत रह न जाए। उधर हिरासत में लिए गए नामजद आरोपियों के भी उंगलियों के निशान लिए गए हैं। जिनका मिलान घटनास्थल पर मिले उंगलियों के निशान से कराया जाएगा।