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सिपाही भर्तीः सामान्य सीटों पर 2134 ओबीसी महिलाओं की कर दी भर्ती

Thu, 08 Aug 2019 02:27 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 08 Aug 2019 02:27 AM IST
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Soldier recruitment: 2134 OBC women recruited in general seats
2013 में विज्ञापित 41,610 कांस्टेबल भर्ती विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा गलत तरीके से क्षैतिज आरक्षण लागू करने का मामला एक बार फिर हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस बार विवाद अनारक्षित वर्ग में महिलाओं के लिए 20 फीसदी क्षैतिज आरक्षण लागू करने को लेकर खड़ा हुआ है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि जनरल की 20 प्रतिशत सीटों का कोटा पूरा करने के लिए 2,134 ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) की महिलाओं की इन पर नियुक्ति कर दी गई, क्योंकि सामान्य वर्ग की उतनी महिला अभ्यर्थी नहीं मिल सकी थीं।
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याचिका दाखिल करने वाले अभ्यर्थियों के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना है कि नियमानुसार महिला आरक्षण की बची सीटों पर सामान्य वर्ग के पुरुषों की नियुक्ति की जानी चाहिए। याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने 19 अगस्त तक याचिका में उठाई गई आपत्तियों पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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अभ्यर्थियों का कहना है कि 41,610 पदों से 17,750 सीटें सामान्य की, 9,585 ओबीसी की और 7,455 एससी की होती हैं। इसमें यदि महिलाओं का 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का अनुपात देखा जाए तो सामान्य में 3,550 और ओबीसी में 1,917 सीटें महिलाओं को मिलनी चाहिए। इससे पूर्व पुलिस भर्ती बोर्ड ने क्षैतिज आरक्षण को लेकर दाखिल रवि कुमार शर्मा की याचिका में कोर्ट में हलफनामा दिया था कि सामान्य वर्ग की 1,416 महिलाओं की ही नियुक्ति हो पाई है। इस हिसाब से सामान्य में महिलाओं के 2,134 पद बच जाते हैं। इन बचे पदों पर सामान्य वर्ग के पुरुषों को नियुक्ति दी जानी चाहिए। मगर पुलिस भर्ती बोर्ड ने 20 प्रतिशत महिलाओं का कोटा पूरा करने के लिए इन पदों पर ओबीसी की महिलाओं की नियुक्ति कर दी।
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तर्क : दूसरे वर्ग से नहीं भर सकते खाली सीटें
यह नियमानुसार गलत है, क्योंकि आरक्षित वर्ग का क्षैतिज आरक्षण उसी वर्ग में दिया जा सकता है। अभ्यर्थियों के अधिवक्ता का कहना है कि मौजूदा अनुपात में आरक्षण 50 प्रतिशत के निर्धारित कोटे से ज्यादा हो रहा है जो कि इंदिरा साहनी केस में सुप्रीमकोर्ट की गाइड लाइन के विपरीत है। इस मामले पर 19 अगस्त को सुनवाई होगी। मांग की गई है कि जिस अनुपात में ओबीसी महिला अभ्यर्थियों का चयन किया गया है, उसी अनुपात में सामान्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाए।
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