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कुंभ में क्रूज और स्टीमर से संगम तक पहुंच सकेंगे स्नानार्थी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 01 Dec 2017 01:19 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
कुंभ में स्थानार्थी क्रूज और स्टीमर से भी संगम तक पहुंच सकेंगे। ट्रायल के तौर पर आगामी माघ मेला में इसकी शुरुआत हो जाएगी। इसमें एक या दो क्रूज इस्तेमाल किए जाएंगे। इसके लिए जलमार्ग प्राधिकरण की ओर से सर्वे कराया जा चुका है। यमुना में पर्याप्त पानी है। गंगा में भी दिसंबर में जल छोड़ने पर सहमति बन गई है। मंडलायुक्त डॉ.आशीष कुमार गोयल की अध्यक्षता में प्राधिकरण के सचिव शशिभूषण शुक्ला के साथ हुई बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ में इस सेवा के कौशाम्बी तक विस्तार पर भी सहमति बनी।
बैठक में सहमति बनी कि कुंभ के पूर्व ही इलाहाबाद के सीमावर्ती क्षेत्रों से यमुना और गंगा में जल परिवहन शुरू कर दिया जाए। वाराणसी से इलाहाबाद के बीच परिवहन के योजनाओं का प्रारूप भी तैयार किया गया। जलमार्ग प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि भारत सरकार की पहल पर कुंभ के मद्देनजर दोनों नदियों का भौतिक सर्वे कर लिया गया है। यमुना में परिवहन के लिए पर्याप्त पानी है तथा गंगा में दिसम्बर में जल की उपलब्धता हो जाएगी। बताया कि वाराणसी से हल्दिया के बीच गंगा में माल परिवहन का कार्य पहले से ही किया जा रहा है। इसके लिए वाराणसी के रामनगर में एक बड़े हब का निर्माण किया जा रहा है, जिसका निर्माण मार्च 2019 तक पूरा हो जायेगा। इस तरह स्टेशन से तीन लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष माल ढुलाई मशीनीकृत ढंग से बिल्कुल उसी तरह संभव होगी, जैसे समुद्री बंदरगाहों मे होती है। इसे यात्री परिवहन के रूप में विकसित करते हुए इलाहाबाद तक विस्तार का निर्णय लिया गया है। वाराणसी से पटना के बीच अभी तीन क्रूज संचालित हो रहे हैं। मण्डलायुक्त ने क्रूज सेवा को कौशाम्बी तक जोड़ने का प्रस्ताव दिया। ताकि, जल परिवहन के माध्यम से पटना, सारनाथ और कौशाम्बी को जोड़ते हुए एक नए बोध परिपथ का विकास किया जा सके, जिस पर सहमति बन गई।
बैठक में कुंभ को देखते हुए जलमार्ग से हल्दिया के बाद कई उपयुक्त स्थानों पर छतनाग तक क्रूज जेटी स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इन स्थानों से वाराणसी तथा लखनऊ की ओर से आने वाले यात्रियों को जल मार्ग से संगम तक पहुंचाया जाएगा। इसी प्रकार फतेहपुर और कौशाम्बी के यमुना के निकटवर्ती किनारों से भी कुंभ के दौरान क्रूज सेवा से संगम तक स्नान कराने पर सहमति बनी। इन सेवाओं के मद्देनजर मण्डलायुक्त ने वाराणसी से इलाहाबाद के बीच बने दो पांटून पुलों को खोलने का भी निर्देश दिया। डीएम सुहास एलवई ने सामान्य दिनों में भी इस सेवा को जारी रखने का प्रस्ताव रखा, जिस पर सहमति बनी। इसके मद्देनजर निजी संस्थाओं से भी वार्ता की जाएगी। बैठक में अन्य संबंधित विभागों के अफसर मौजूद रहे।
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डीएम सुहास एलवाई ने बृहस्पतिवार को माघ मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अफसरों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने का निर्देश दिया। इस दौरान सीडीओ सैमुअल पॉल एन. समेत अनके अफसर मौजूद रहे।
ब्लाक संसाधन व्यक्तियों (बीआरपी) का पैनल तैयार करने के लिए छह दिसंबर को 12 बजे से विकास भवन में साक्षात्कार होगा। पैनल का गठन वित्तीय वर्ष 2017-18 और 2018-19 के लिए किया जाएगा। साक्षात्कार के लिए पात्र अभ्यर्थियों की सूची नोटिस बोर्ड पर लगा दी गई है।
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बैठक में सहमति बनी कि कुंभ के पूर्व ही इलाहाबाद के सीमावर्ती क्षेत्रों से यमुना और गंगा में जल परिवहन शुरू कर दिया जाए। वाराणसी से इलाहाबाद के बीच परिवहन के योजनाओं का प्रारूप भी तैयार किया गया। जलमार्ग प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि भारत सरकार की पहल पर कुंभ के मद्देनजर दोनों नदियों का भौतिक सर्वे कर लिया गया है। यमुना में परिवहन के लिए पर्याप्त पानी है तथा गंगा में दिसम्बर में जल की उपलब्धता हो जाएगी। बताया कि वाराणसी से हल्दिया के बीच गंगा में माल परिवहन का कार्य पहले से ही किया जा रहा है। इसके लिए वाराणसी के रामनगर में एक बड़े हब का निर्माण किया जा रहा है, जिसका निर्माण मार्च 2019 तक पूरा हो जायेगा। इस तरह स्टेशन से तीन लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष माल ढुलाई मशीनीकृत ढंग से बिल्कुल उसी तरह संभव होगी, जैसे समुद्री बंदरगाहों मे होती है। इसे यात्री परिवहन के रूप में विकसित करते हुए इलाहाबाद तक विस्तार का निर्णय लिया गया है। वाराणसी से पटना के बीच अभी तीन क्रूज संचालित हो रहे हैं। मण्डलायुक्त ने क्रूज सेवा को कौशाम्बी तक जोड़ने का प्रस्ताव दिया। ताकि, जल परिवहन के माध्यम से पटना, सारनाथ और कौशाम्बी को जोड़ते हुए एक नए बोध परिपथ का विकास किया जा सके, जिस पर सहमति बन गई।
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बैठक में कुंभ को देखते हुए जलमार्ग से हल्दिया के बाद कई उपयुक्त स्थानों पर छतनाग तक क्रूज जेटी स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इन स्थानों से वाराणसी तथा लखनऊ की ओर से आने वाले यात्रियों को जल मार्ग से संगम तक पहुंचाया जाएगा। इसी प्रकार फतेहपुर और कौशाम्बी के यमुना के निकटवर्ती किनारों से भी कुंभ के दौरान क्रूज सेवा से संगम तक स्नान कराने पर सहमति बनी। इन सेवाओं के मद्देनजर मण्डलायुक्त ने वाराणसी से इलाहाबाद के बीच बने दो पांटून पुलों को खोलने का भी निर्देश दिया। डीएम सुहास एलवई ने सामान्य दिनों में भी इस सेवा को जारी रखने का प्रस्ताव रखा, जिस पर सहमति बनी। इसके मद्देनजर निजी संस्थाओं से भी वार्ता की जाएगी। बैठक में अन्य संबंधित विभागों के अफसर मौजूद रहे।
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डीएम सुहास एलवाई ने बृहस्पतिवार को माघ मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अफसरों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने का निर्देश दिया। इस दौरान सीडीओ सैमुअल पॉल एन. समेत अनके अफसर मौजूद रहे।
ब्लाक संसाधन व्यक्तियों (बीआरपी) का पैनल तैयार करने के लिए छह दिसंबर को 12 बजे से विकास भवन में साक्षात्कार होगा। पैनल का गठन वित्तीय वर्ष 2017-18 और 2018-19 के लिए किया जाएगा। साक्षात्कार के लिए पात्र अभ्यर्थियों की सूची नोटिस बोर्ड पर लगा दी गई है।