Prayagraj : थाने से छह मिनट की दूरी पर घटना, चार दिन बाद भी हत्यारे पकड़ से दूर
धूमनगंज में दोस्त के सामने रिटायर फौजी धर्मेंद्र कुमार सिंह(46) की ईंट-पत्थर से सिर कूंचकर हत्या में पुलिस चार दिन बाद भी खाली हाथ है। थाने से छह मिनट की दूरी पर हुई घटना में चौथे दिन भी पुलिस फुटेज से आरोपियों की तलाश में लगी रही।
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धूमनगंज में दोस्त के सामने रिटायर फौजी धर्मेंद्र कुमार सिंह(46) की ईंट-पत्थर से सिर कूंचकर हत्या में पुलिस चार दिन बाद भी खाली हाथ है। थाने से छह मिनट की दूरी पर हुई घटना में चौथे दिन भी पुलिस फुटेज से आरोपियों की तलाश में लगी रही। धूमनगंज थाने से घटनास्थल अबूबकरपुर चौराहा महज छह मिनट की दूरी पर है। वहां कोई कैमरा नहीं है लेकिन घटनास्थल तक आने-जाने वाले रास्तों पर कैमरे लगे हैं। इनके फुटेज से हत्यारोपियों की तस्वीर मिली है लेकिन फिलहाल पुलिस यही कह रही है कि रात का वक्त होने की वजह से उनके चेहरे स्पष्ट नहीं हैं।
वाहनों का नंबर भी स्पष्ट नहीं हो पाया है और फिलहाल पुलिस फुटेज के जरिए आरोपियों की तलाश में जुटी है। शनिवार को एसओजी भी धूमनगंज में अलग-अलग इलाकों में सुरागरशी में लगी रही। मुखबिराें के अलावा संदिग्धों से भी पूछताछ की। लेकिन हत्यारों तक नहीं पहुंच सकी। धूमनगंज थाना प्रभारी राजेश कुमार मौर्य ने बताया कि बदमाशों की तलाश की जा रही है।
दबंगई करते फिरते हैं नशेड़ी
पुलिस भले ही हत्यारों को अब तक न पकड़ पाई हो लेकिन सूत्रों का यही कहना है कि सबसे ज्यादा शक के घेरे में नशेड़ी ही हैं। दरअसल नाम न छापने की शर्त पर स्थानीय लोग बताते हैं कि ताड़बाग, नेहरू पार्क, गढ़वा, चाैफटका, झलवा, पीपलगांव, अबूबकरपुर, नीमसराय समेत तमाम मोहल्ले ऐसे हैं जहां शाम होते ही नशेड़ियों का जुटना शुरू हो जाता है। यह दबंगई करते फिरते हैं और जरा-जरा सी बात पर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं।
दोस्त से चौथे दिन भी पूछताछ
उधर वारदात के बाद ही हिरासत में लिए गए मृतक के दोस्त सोहन पाल से चाैथे दिन भी पूछताछ जारी रही। नीवा निवासी सोहन पाल घटना का चश्मदीद है। बता दें कि 31 मई की रात बाइक छू जाने पर हुए विवाद को लेकर अबूबकर चौराहे पर रिटायर फौजी को उसके दोस्त के सामने मौत के घाट उतार दिया गया था।