समायोजन के लिए भटक रहे छह सौ चयनित शिक्षक
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड से चयनित होने के बाद शिक्षकों को आवंटित विद्यालय प्रबंधन की ओर से ज्वाइन नहीं कराने पर यह शिक्षक चयन बोर्ड, संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षक एवं चयन बोर्ड के बीच बीते छह वर्ष से अधिक समय से चक्कर लगा रहे हैं। चयन बोर्ड से नियुक्ति पत्र लेकर जब यह अभ्यर्थी संबंधित विद्यालय पहुंचे तो प्रबंधन ने पद खाली नहीं होने, प्रमोशन से पद भरे होने की बात कहकर उन्हें लौटा दिया। हाईकोर्ट की ओर से चयनित शिक्षकों के मनमाने समायोजन पर आदेश दिया था कि इन शिक्षकों का चयन जिस विज्ञापन और पद के सापेक्ष हुआ है, उसी पर उनका समायोजन किया जाए।
कोर्ट के इस निर्णय के बाद सरकार ने आश्वासन दिया था कि विधान सभा में प्रस्ताव लाकर नियमों में संशोधन करेगी। आश्वासन के तीन वर्ष बाद भी कोई निर्णय नहीं हो सका है। सरकार की ओर से टीजीटी-पीजीटी शिक्षक नियमावली में संशोधन किए बिना चयनित शिक्षकों को नियुक्ति मिलना संभव नहीं है। अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड पर यह चयनित शिक्षक कई बार आंदोलन एवं धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। चयन बोर्ड के अधिकारियों का इस बारे में कहना है कि बिना शासन की अनुमति के इन शिक्षकों को नियुक्ति मिलना संभव नहीं है।