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एसआरएन अस्पताल में छह घंटे बत्ती गुल, तड़पे मरीज
Mon, 08 Apr 2019 01:42 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 08 Apr 2019 01:42 AM IST
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- फोटो : प्रयागराज
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एसआरएन अस्पताल में भर्ती सैकड़ों मरीज रविवार को बिजली गुल होने से छह घंटे तड़पते रहे। पुराने भवन के सभी वार्डों में उमस भरी गर्मी में तीमारदार पंखा झलते रहे। हड्डी वार्ड के मरीज तो हिलने डुलने की मनाही के कारण बिस्तर पर ही रहे लेकिन, अन्य वार्डों के कुछ मरीज हवा के लिए गलियारे में चटाई-चादर बिछाकर बैठे। परेशान लोगों ने पानी की बोतलें, चटाई और हाथ वाले पंखे भी खरीदे।
रविवार की सुबह डॉक्टरों ने वार्ड का राउंड लिया। करीब घंटे भर बाद अचानक बिजली गुल हो गई। आधे घंटे तो किसी तरह मरीजों, तीमारदारों ने समय व्यतीत किया फिर धूप तेज होने के साथ वार्ड तपने लगे। उमस भरी गर्मी से परेशान तीमारदार गलियारे में निकल कर टहलने लगे। दोपहर के एक बजे स्थिति असहनीय हो गई। मरीजों की हालत खराब हुई और उनकी देखरेख में लगे तीमारदार भी बेहाल हो गए। लगभग सभी वार्डों के बाहर गलियारे में बिस्तर छोड़ कर बाहर निकले मरीज तीमारदारों के साथ बैठे रहे।
गर्मी से परेशान लोगों ने बाहर निकल कर पानी की बोतलें, चटाई और हाथ वाले पंखे खरीदे। वार्डों में गर्मी से बेचैन मरीज तड़पते रहे। तीमारदारों ने हाथ वाले पंखे डुलाए लेकिन, यह प्रयास सूखी गर्मी से राहत दिलाने को ज्यादा कारगर नहीं हुआ। अस्थि रोग वार्ड में भर्ती अधिकांश मरीज हिलने-डुलने की मनाही के कारण परेशान रहे। रामजीत, शंकर, हरिकिशन समेत तमाम ऐसे मरीज रहे, जिन्होंने बिजली गुल होने को मरीजों के साथ खिलवाड़ बताया।
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एसआरएन अस्पताल के एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि पैनल बदलने के लिए बिजली विभाग ने शटडाउन लिया था। इसकी पूर्व सूचना थी। संबंधित लोगों को इसकी जानकारी दे दी गई थी। यह पूछने पर जनरेटर क्यों नहीं चलाए गए तो उन्होंने बताया कि आईसीयू, ओटी और अन्य आकस्मिक सेवाओं के लिए जनरेटर से बिजली आपूर्ति की गई।
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रविवार की सुबह डॉक्टरों ने वार्ड का राउंड लिया। करीब घंटे भर बाद अचानक बिजली गुल हो गई। आधे घंटे तो किसी तरह मरीजों, तीमारदारों ने समय व्यतीत किया फिर धूप तेज होने के साथ वार्ड तपने लगे। उमस भरी गर्मी से परेशान तीमारदार गलियारे में निकल कर टहलने लगे। दोपहर के एक बजे स्थिति असहनीय हो गई। मरीजों की हालत खराब हुई और उनकी देखरेख में लगे तीमारदार भी बेहाल हो गए। लगभग सभी वार्डों के बाहर गलियारे में बिस्तर छोड़ कर बाहर निकले मरीज तीमारदारों के साथ बैठे रहे।
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गर्मी से परेशान लोगों ने बाहर निकल कर पानी की बोतलें, चटाई और हाथ वाले पंखे खरीदे। वार्डों में गर्मी से बेचैन मरीज तड़पते रहे। तीमारदारों ने हाथ वाले पंखे डुलाए लेकिन, यह प्रयास सूखी गर्मी से राहत दिलाने को ज्यादा कारगर नहीं हुआ। अस्थि रोग वार्ड में भर्ती अधिकांश मरीज हिलने-डुलने की मनाही के कारण परेशान रहे। रामजीत, शंकर, हरिकिशन समेत तमाम ऐसे मरीज रहे, जिन्होंने बिजली गुल होने को मरीजों के साथ खिलवाड़ बताया।
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एसआरएन अस्पताल के एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि पैनल बदलने के लिए बिजली विभाग ने शटडाउन लिया था। इसकी पूर्व सूचना थी। संबंधित लोगों को इसकी जानकारी दे दी गई थी। यह पूछने पर जनरेटर क्यों नहीं चलाए गए तो उन्होंने बताया कि आईसीयू, ओटी और अन्य आकस्मिक सेवाओं के लिए जनरेटर से बिजली आपूर्ति की गई।