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69 हजार शिक्षक भर्ती में खाली पदों पर नियुक्ति को लेकर बेसिक शिक्षा परिषद का घेराव
Mon, 14 Jun 2021 10:26 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 14 Jun 2021 10:26 PM IST
सार
- कोरोना संकट के समय सोशल डिस्टेंसिंग भूल शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने दिनभर दिया धरना
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teacher
- फोटो : social media
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विस्तार
69000 सहायक अध्यापक भर्ती में खाली पदों को भरे जाने की मांग को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने सचिव उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद पर धरना प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों का कहना था कि 69 हजार शिक्षक भर्ती में लगभग छह हजार पद खाली हैं। प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री ने 23 मार्च को इन खाली पदों को एक महीने में भरने का आश्वासन दिया था। एक महीने का आश्वासन अब तीन महीने बीत गया है। अभी तक प्रदेश सरकार की ओर से इस बारे में कोई पहल नहीं की गई।
घेराव कर रहे अभ्यर्थियों का कहना था कि बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से अभी तक खाली पदों का आंकड़ा तक तैयार नहीं किया जा सका। परिषद की ओर से आंकड़ा तैयार करने के साथ काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी करना चाहिए। घेराव कर रहे अभ्यर्थियों का कहना था कि मुख्यमंत्री एवं बेसिक शिक्षा मंत्री के निर्देश के बाद भी अधिकारी पूरे मामले में हीलाहवाली कर रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना था कि जब तक काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी नहीं होता वह बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय से हटेंगे नहीं।
कोरोना संक्रमण के बीच इतनी बड़ी संख्या में एक साथ शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का शिक्षा निदेशालय परिसर में एक जगह एकत्रित होना संक्रमण को बढ़ा सकता है। एक जगह इतनी बड़ी संख्या में कैसे इतने अभ्यर्थी पहुंच गए, इस बात को लेकर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से उदासीन रहा। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव के लगातार लखनऊ में बैठने के चलते अभ्यर्थियों की बात सुनने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं था। संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी की नियुक्ति है परंतु निर्णय लेने का पूरा अधिकारी शासन एवं सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के पास होने के चलते छात्रों के किसी मांग पर सुनवाई होना संभव नहीं दिखाई पड़ रहा है।
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घेराव कर रहे अभ्यर्थियों का कहना था कि बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से अभी तक खाली पदों का आंकड़ा तक तैयार नहीं किया जा सका। परिषद की ओर से आंकड़ा तैयार करने के साथ काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी करना चाहिए। घेराव कर रहे अभ्यर्थियों का कहना था कि मुख्यमंत्री एवं बेसिक शिक्षा मंत्री के निर्देश के बाद भी अधिकारी पूरे मामले में हीलाहवाली कर रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना था कि जब तक काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी नहीं होता वह बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय से हटेंगे नहीं।
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कोरोना संक्रमण के बीच इतनी बड़ी संख्या में एक साथ शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का शिक्षा निदेशालय परिसर में एक जगह एकत्रित होना संक्रमण को बढ़ा सकता है। एक जगह इतनी बड़ी संख्या में कैसे इतने अभ्यर्थी पहुंच गए, इस बात को लेकर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से उदासीन रहा। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव के लगातार लखनऊ में बैठने के चलते अभ्यर्थियों की बात सुनने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं था। संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी की नियुक्ति है परंतु निर्णय लेने का पूरा अधिकारी शासन एवं सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के पास होने के चलते छात्रों के किसी मांग पर सुनवाई होना संभव नहीं दिखाई पड़ रहा है।
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