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Prayagraj News: बाइक की टक्कर से श्याम डेयरी के मैनेजर की मौत
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नैनी के डांडी राजपूत ढाबा के पास श्याम डेयरी के मैनेजर की हादसे में मौत हो गई। धनुआ स्थित दोस्त के यहां कार्यक्रम से लौटते वक्त बाइक की टक्कर से हेलमेट निकलने से उनका सिर डिवाइडर से टकरा गया था। टक्कर मारने वाले दोनों युवक बाइक छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दोनों की तलाश शुरू कर दी है।
झूंसी के गंगादीप कॉलोनी, छतनाग रोड निवासी पूर्व राज्य कर अधिकारी विभूति नारायण के तीन बेटों में विनय नारायण उपाध्याय (45) दूसरे नबंर के थे। विनय धनुआ स्थित श्याम डेयरी में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। इनकी एक बेटी नौवीं तो दूसरी पांचवीं में पढ़ती है। बड़े भाई शैलेश नारायण उपाध्याय ने बताया कि विनय कंपनी की ओर से सिविल लाइंस में मिले फ्लैट में पत्नी व बच्चाें संग रहते थे। वहीं, परिवार के अन्य लोग झूंसी में रहते हैं। विनय बुधवार सुबह बाइक से धनुआ स्थित श्याम डेयरी ड्यूटी गए थे।
शाम को वहां से कंपनी में काम करने वाले एक दोस्त यहां कार्यक्रम में गए थे। रात 10:30 बजे साले प्रवीण पांडेय के साथ अलग-अलग बाइक से घर के लिए निकले थे। डांडी स्थित राजपूत ढाबे के पास बाइक सवार दो युवकों ने इनकी बाइक में टक्कर मार दी। इससे सड़क के बगल लगे लोहे के डिवाइडर से विनय टकरा गए। हेलमेट निकलने से इनके सिर में गंभीर चोट आ गई। प्रवीण इन्हें पुलिस की मदद से एसआरएन अस्पताल में लेकर आया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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मुझे भी साथ लेकर जाते...भाई अकेले क्यों चले गए
पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बड़े भाई शैलेश नारायण विनय की मोबाइल पर फोटो दिखाकर फफक पड़े। बोले, मुझे भी साथ ले लेते...अकेले क्यों चले गए। वहां मौजूद रिश्तेदारों ने किसी तरह उन्हें संभाला। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने छतनाग घाट पर शव का अंतिम संस्कार किया।
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झूंसी के गंगादीप कॉलोनी, छतनाग रोड निवासी पूर्व राज्य कर अधिकारी विभूति नारायण के तीन बेटों में विनय नारायण उपाध्याय (45) दूसरे नबंर के थे। विनय धनुआ स्थित श्याम डेयरी में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। इनकी एक बेटी नौवीं तो दूसरी पांचवीं में पढ़ती है। बड़े भाई शैलेश नारायण उपाध्याय ने बताया कि विनय कंपनी की ओर से सिविल लाइंस में मिले फ्लैट में पत्नी व बच्चाें संग रहते थे। वहीं, परिवार के अन्य लोग झूंसी में रहते हैं। विनय बुधवार सुबह बाइक से धनुआ स्थित श्याम डेयरी ड्यूटी गए थे।
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शाम को वहां से कंपनी में काम करने वाले एक दोस्त यहां कार्यक्रम में गए थे। रात 10:30 बजे साले प्रवीण पांडेय के साथ अलग-अलग बाइक से घर के लिए निकले थे। डांडी स्थित राजपूत ढाबे के पास बाइक सवार दो युवकों ने इनकी बाइक में टक्कर मार दी। इससे सड़क के बगल लगे लोहे के डिवाइडर से विनय टकरा गए। हेलमेट निकलने से इनके सिर में गंभीर चोट आ गई। प्रवीण इन्हें पुलिस की मदद से एसआरएन अस्पताल में लेकर आया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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मुझे भी साथ लेकर जाते...भाई अकेले क्यों चले गए
पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बड़े भाई शैलेश नारायण विनय की मोबाइल पर फोटो दिखाकर फफक पड़े। बोले, मुझे भी साथ ले लेते...अकेले क्यों चले गए। वहां मौजूद रिश्तेदारों ने किसी तरह उन्हें संभाला। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने छतनाग घाट पर शव का अंतिम संस्कार किया।