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श्रीराम युवाओं के आइकन : रामभद्राचार्य

Mon, 05 Dec 2016 01:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Mon, 05 Dec 2016 01:51 AM IST
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Shriram youth icon: Rambhadracharya
स्वामी रामभद्राचार्य (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
रामकथा मर्मज्ञ पद्य विभूषण रामनंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य ने युवाओं को सीख दी और कहा कि उन्हें भगवान राम से प्रेरणा लेनी चाहिए। श्रीराम युवाओं के आइकन हैं। राम ने मर्यादा का पालन करते हुए युवावस्था में लंका फतह की थी। इसलिए उन्हें पुरुषोत्तम के रूप में पूजा जा रहा है। रामभ्रदाचार्य श्रीजगन्नाथ सेवक संघ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में रामकथा कहने आएं हैं। अमर उजाला से बातचीत के दौरान भगवान राम कथा को आज के संदर्भों से जोड़ा। 
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उन्होंने कहा कि भगवान राम ने विद्यार्थी जीवन से ही समाज सेवा के कार्य किए। मानवता की रक्षा के लिए संघर्ष किया। 25 वर्ष की आयु में वनवास को आए और 39 वर्ष में लंका जीती। इस दौरान उन्होंने समाज में सबसे निचली पायदान में खड़े लोगों को सम्मान दिया और उन्हें स्वाभिमान से जीना भी सिखाया। युवाओं को बड़े कार्य करने हैं। कम उम्र में हो रहे तनाव पर उन्होंने कहा कि जीवन के संघर्षों से घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि उनका मुकाबला करने की क्षमता विकसित करनी चाहिए। मौजूदा राजनीतिक हालत पर उन्होंने मोदी के नोटबंदी के फैसले का समर्थन किया। कहा, पीएम मोदी ने नोटबंदी का फैसला अच्छा है। इसके बेहतर परिणाम शीघ्र ही देखने को मिलेंगे। 
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श्रीजगन्नाथ सेवक संघ की ओर से रामबाग स्थित सेवा समिति विद्या मंदिर मैदान में आयोजित रामकथा के चौथे दिन रविवार को स्वामी रामभद्राचार्य ने गुरु शिष्य परंपरा को रेखांकित किया। कथा क्रम को आगे बढ़ाते हुए कहा कि वर्तमान में गुरु शिष्य परंपरा का निर्वाह नहीं हो रहा है। वर्तमान में हालात चिंताजनक हैं। प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक पढ़ाते नहीं हैं। विद्यार्थियों में भी अब पहले जैसे संस्कार नहीं हैं।
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गवान राम ने गुरु विश्वामित्र के संरक्षण में रहकर अनुशासन सीखा। ताड़का वध, अहिल्या उद्धार, लक्ष्मण परशुराम, सीता संग विवाह आदि प्रसंग की कथा सुनाकर मंत्रमुग्ध किया। जय श्रीराम के जयकारे से कथा स्थल गूंजता रहा। इस अवसर पर आनंदमयी मां लक्ष्मी, प्रो. रामसेवक दुबे, माणिक लाल श्रीवास्तव, सावित्री श्रीवास्तव, डॉ. उमेश श्रीवास्तव,  रामशंकर तिवारी, आर.के सिन्हा, सुशील दुबे, हरिश्चंद्र सोनी, संतोष कुशवाहा, डॉ. सत्यनारायण, समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। 
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