फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Shri Krishna Janmabhoomi-Shahi Idgah Mosque dispute: Hearing on the petition filed demanding appointment of Co

श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद : कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किए जाने की मांग पर फैसला सुरक्षित

Thu, 16 Nov 2023 02:18 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 16 Nov 2023 02:18 PM IST
सार

कोर्ट ने इस मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान उपस्थित न रहने वाले पक्षकारों को नोटिस जारी करने का आदेश भी दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति मयंक कुमार जैन की पीठ ने अधिवक्ता हरिशंकर जैन, विष्णु शंकर जैन और प्रभाष पांडेय की ओर से दाखिल अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया है।

विज्ञापन
Shri Krishna Janmabhoomi-Shahi Idgah Mosque dispute: Hearing on the petition filed demanding appointment of Co
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद में कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किए जाने को लेकर दाखिल अर्जी पर अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है। कोर्ट ने इस मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान उपस्थित न रहने वाले पक्षकारों को नोटिस जारी करने का आदेश भी दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति मयंक कुमार जैन की पीठ ने अधिवक्ता हरिशंकर जैन, विष्णु शंकर जैन और प्रभाष पांडेय की ओर से दाखिल अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया है।

विज्ञापन


इसके पहले अर्जी पर अधिवक्ता हरिशंकर जैन, विष्णु शंकर जैन की ओर से दलील दी गई कि पीठ के सामने मथुरा विवाद से जुड़े सभी 16 केसों की सुनवाई होनी है। कोर्ट अगर कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर भौतिक निरीक्षण करा ले तो अहम सुबूत सामने आ जाएंगे। क्योंकि, मस्जिद के नीचे भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े कई प्रतीक मौजूद हैं, जो सुनवाई के लिए अहम होंगे। इसके अलावा हिंदू स्थापत्य कला से जुड़े सबूत भी हैं।
विज्ञापन


कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद और काशी विश्वेश्वर मंदिर विवाद मामले में भी ऐसा ही किया गया था। वहां भी कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर भौतिक जांच कराई गई थी। लिहाजा, कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया जाए। जबकि, कमेटी ऑफ मैनेजमेंट मथुरा ईदगाह की ओर से सुप्रीम कोर्ट से आए अधिवक्ता महमूद प्राचा की ओर से तर्क दिया गया कि मंदिर पक्ष की ओर से 46 सालों तक कुछ नहीं किया गया। कमेटी ऑफ मैनेजमेंट मथुरा ईदगाह ने केसों के स्थानांतरण के हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। नौ जनवरी 2024 को उस पर सुनवाई होनी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सुन्नी वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता पुनीत कुमार गुप्ता की ओर से कहा गया कि सिविल प्रक्रिया संहिता के अध्याय सात के नियम 11 के तहत यह सुनवाई नहीं की जा सकती है। पूजा स्थल अधिनियम के तहत भी यह प्रतिबंधित है। वक्फ अधिनियम भी इस पर लागू होता है। लिहाजा, मौजूदा स्थिति में कोर्ट कमिश्नर नियुक्त नहीं किया जा सकता है। पहले निचली अदालत में दाखिल वादों की पोषणीयता तय हो जाए, उसके बाद ही आगे कुछ आदेश पारित किया जा सकता है।


सुप्रीम कोर्ट ने काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद विवाद मामले में सारे केसों को जिला जज के यहां सुनवाई का आदेश दिया था। मंदिर पक्ष की ओर से मुस्लिम पक्ष की दलीलों पर आपत्ति जताई गई। अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह, सहित कई अन्य पक्षकारों ने अपनी दलील दी। तीन घंटे तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed