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Prayagraj News: शुआट्स वीसी सहित सात को झटका, समर्पण करने का आदेश
Sat, 16 Dec 2023 01:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Sat, 16 Dec 2023 01:42 AM IST
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प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट से सैम हिंगमबॉटम इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी (शुआट्स) के कुलपति प्रो. आरबी लाल सहित सात लोगों को झटका लगा है। कोर्ट ने राहत देने से इंकार करते हुए 20 दिसंबर तक अदालत के समक्ष समर्पण करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने पुलिस को भी 90 दिनों में जांच पूरी कर आरोप पत्र दाखिल करने को कहा है। वीसी सहित सभी सात आरोपियों पर जबरन धर्मांतरण कराने और दुष्कर्म का आरोप लगाया गया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी और न्यायमूर्ति मोहम्मद अजहर हुसैन इदरीसी की खंडपीठ ने आरोपियों के अधिवक्ता और यूपी सरकार के महाधिवक्ता अजय कुमार मिश्रा, शासकीय अधिवक्ता आशुतोष कुमार संड को सुनकर दिया है।
मामले में वीसी प्रो. आरबी लाल, रेखा पटेल, रमाकांत दुबे, विनोद बिहारी लाल, प्रो. रेणु प्रसाद, डेविड फ्लिप और सुनील कुमार जॉन के खिलाफ हमीरपुर के बेवर थोन में प्राथमिकी दर्ज है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि जब वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय में स्नातक की छात्रा थी, तब उसकी मुलाकात रेखा पटेल से हुई थी। रेखा उसे चर्च ले गई। चर्च में अच्छे-अच्छे गिफ्ट दिए जाते थे। इसी चर्च मेंं उसकी मुलाकात कुलपति प्रो. आरबी लाल से हुई। बाद में उसे शुआट्स बुलाया गया। जहां, प्रो. आरबी लाल ने उसके साथ रेप किया। इसके बाद धर्म परिवर्तन के लिए तरह-तरह का प्रलोभन दिया और डराया धमकाया।
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याचियों के अधिवक्ता की ओर से कहा गया कि उन्हें फंसाने के लिए झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। घटना 2005 की है और प्राथमिकी 2023 में कराई गई और इस विलंब का कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। पीड़िता को संस्थान में 2014 में नियुक्ति दी गई थी लेकिन उसके तौर तरीकों को देखते हुए उसे बर्खास्त कर दिया गया। इसका बदला लेने के लिए उसने झूठा मुकदमा दर्ज कराया है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी और न्यायमूर्ति मोहम्मद अजहर हुसैन इदरीसी की खंडपीठ ने आरोपियों के अधिवक्ता और यूपी सरकार के महाधिवक्ता अजय कुमार मिश्रा, शासकीय अधिवक्ता आशुतोष कुमार संड को सुनकर दिया है।
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मामले में वीसी प्रो. आरबी लाल, रेखा पटेल, रमाकांत दुबे, विनोद बिहारी लाल, प्रो. रेणु प्रसाद, डेविड फ्लिप और सुनील कुमार जॉन के खिलाफ हमीरपुर के बेवर थोन में प्राथमिकी दर्ज है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि जब वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय में स्नातक की छात्रा थी, तब उसकी मुलाकात रेखा पटेल से हुई थी। रेखा उसे चर्च ले गई। चर्च में अच्छे-अच्छे गिफ्ट दिए जाते थे। इसी चर्च मेंं उसकी मुलाकात कुलपति प्रो. आरबी लाल से हुई। बाद में उसे शुआट्स बुलाया गया। जहां, प्रो. आरबी लाल ने उसके साथ रेप किया। इसके बाद धर्म परिवर्तन के लिए तरह-तरह का प्रलोभन दिया और डराया धमकाया।
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याचियों के अधिवक्ता की ओर से कहा गया कि उन्हें फंसाने के लिए झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। घटना 2005 की है और प्राथमिकी 2023 में कराई गई और इस विलंब का कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। पीड़िता को संस्थान में 2014 में नियुक्ति दी गई थी लेकिन उसके तौर तरीकों को देखते हुए उसे बर्खास्त कर दिया गया। इसका बदला लेने के लिए उसने झूठा मुकदमा दर्ज कराया है।