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महाशिवरात्रि पर सजे शिवालय
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 11 Feb 2018 01:26 AM IST
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Mahashivaratri
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देवाधिदेव महादेव की उपासना के पर्व महाशिवरात्रि पर शहर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटेगी। पर्व पर शिवालयों में भोले के महाशृंगार, महारुद्राभिषेक, रात्रि जागरण सहित अन्य धार्मिक-सांस्कृतिक अनुष्ठान होंगे। शिवालयों में सुरक्षा के भी व्यापक प्रबंध किए गए हैं। मंदिर समितियों ने व्यवस्था के लिए स्वयंसेवकों की टोलियां बनाई हैं। शिवालयों को बिजली की झालरों से भी सजाया गया है।
यमुना किनारे मनकामेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटेगी। यहां मंगलाआरती के बाद पूजन दर्शन, अभिषेक का क्रम आरंभ होगा जो शाम तक जारी रहेगा। शाम को चांदी के आभूषणों और फूलों से महाशृंगार होगा। व्यवस्थापक स्वामी श्रीधरानंद ब्रह्मचारी ने कहा, शृंगार आरती के बाद चार पहर का अभिषेक आरंभ होगा जो बुधवार की सुबह चार बजे पूरा होगा। व्यवस्था के लिए स्वयंसेवकों की टोलियां बनाई गई हैं।
दरियाबाद स्थित तक्षक तीर्थ में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक के बाद कालसर्प शांति के अनुष्ठान होंगे। शाम को मोतियों से महादेव का शृंगार होगा। संध्याकाल में दस महाविद्या के बाद हवन के बाद शृंगार महाआरती उतारी जाएगी। आकाशवाणी-दूरदर्शन के कलाकार शिवभजन प्रस्तुत करेंगे। पीठाधीश्वर रविशंकर की देखरेख में रात्रिकाल में शिवशक्ति सहस्रार्चन और ऋग्वेद की ऋचाओं से एकादशमी रुद्राभिषेक किया जाएगा।
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दारागंज स्थित नागवासुकि मंदिर में भी महाशृंगार सहित महारुद्राभिषेक सहित अन्य अनुष्ठान होंगे। कालसर्प दोष के निवारण को भी विशेष अनुष्ठान कराए जाएंगे। पुजारी श्यामधर त्रिपाठी के मुताबिक श्रद्धालुओं के लिए सभी प्रकार की व्यवस्था की गई है। पर्व के लिए विशेष तैयारियों के तहत साफ-सफाई के अतिरिक्त बिजली-पानी की व्यवस्था दुरुस्त कराई गई है।
इसी क्रम में पड़िला महादेव, सोमेश्वर महादेव, शिवकोटि, ओंकाररेश्वर महादेव, जानसेनगंज स्थित दरवेश्वर नाथ, खुल्दाबाद शिवाला, ललिता पीठ स्थित पारदेश्वर महादेव, हनुमत निकेतन के द्वादश ज्योतिर्लिंगों का पूजन अर्चन किया जाएगा। अन्य शिवालयों में भी पूजन-अभिषेक सहित सांगीतिक कार्यक्रम होंगे।
अबकी फिर लोकनाथ से शिव की बारात नहीं निकलेगी। यह लगातार दूसरा वर्ष है जब कार्यक्रम नहीं हो रहा है। लोकनाथ मिलन संघ के अध्यक्ष रवींद्र पांडेय कहते हैं, संस्था की ओर से 25वर्षों तक बारात निकाली गई। अब व्यवस्थागत रूप से आने वाली दिक्कतों की वजह से इसे करना संभव नहीं हो पा रहा है। हालांकि दारागंज, कटरा, कीडगंज आदि इलाकों से शिवबारात निकाली जाएगी।
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यमुना किनारे मनकामेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटेगी। यहां मंगलाआरती के बाद पूजन दर्शन, अभिषेक का क्रम आरंभ होगा जो शाम तक जारी रहेगा। शाम को चांदी के आभूषणों और फूलों से महाशृंगार होगा। व्यवस्थापक स्वामी श्रीधरानंद ब्रह्मचारी ने कहा, शृंगार आरती के बाद चार पहर का अभिषेक आरंभ होगा जो बुधवार की सुबह चार बजे पूरा होगा। व्यवस्था के लिए स्वयंसेवकों की टोलियां बनाई गई हैं।
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दरियाबाद स्थित तक्षक तीर्थ में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक के बाद कालसर्प शांति के अनुष्ठान होंगे। शाम को मोतियों से महादेव का शृंगार होगा। संध्याकाल में दस महाविद्या के बाद हवन के बाद शृंगार महाआरती उतारी जाएगी। आकाशवाणी-दूरदर्शन के कलाकार शिवभजन प्रस्तुत करेंगे। पीठाधीश्वर रविशंकर की देखरेख में रात्रिकाल में शिवशक्ति सहस्रार्चन और ऋग्वेद की ऋचाओं से एकादशमी रुद्राभिषेक किया जाएगा।
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दारागंज स्थित नागवासुकि मंदिर में भी महाशृंगार सहित महारुद्राभिषेक सहित अन्य अनुष्ठान होंगे। कालसर्प दोष के निवारण को भी विशेष अनुष्ठान कराए जाएंगे। पुजारी श्यामधर त्रिपाठी के मुताबिक श्रद्धालुओं के लिए सभी प्रकार की व्यवस्था की गई है। पर्व के लिए विशेष तैयारियों के तहत साफ-सफाई के अतिरिक्त बिजली-पानी की व्यवस्था दुरुस्त कराई गई है।
इसी क्रम में पड़िला महादेव, सोमेश्वर महादेव, शिवकोटि, ओंकाररेश्वर महादेव, जानसेनगंज स्थित दरवेश्वर नाथ, खुल्दाबाद शिवाला, ललिता पीठ स्थित पारदेश्वर महादेव, हनुमत निकेतन के द्वादश ज्योतिर्लिंगों का पूजन अर्चन किया जाएगा। अन्य शिवालयों में भी पूजन-अभिषेक सहित सांगीतिक कार्यक्रम होंगे।
अबकी फिर लोकनाथ से शिव की बारात नहीं निकलेगी। यह लगातार दूसरा वर्ष है जब कार्यक्रम नहीं हो रहा है। लोकनाथ मिलन संघ के अध्यक्ष रवींद्र पांडेय कहते हैं, संस्था की ओर से 25वर्षों तक बारात निकाली गई। अब व्यवस्थागत रूप से आने वाली दिक्कतों की वजह से इसे करना संभव नहीं हो पा रहा है। हालांकि दारागंज, कटरा, कीडगंज आदि इलाकों से शिवबारात निकाली जाएगी।