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shine city scam : ठग भाइयों का दाहिना हाथ था जसीम, पांच साल में बना करोड़पति
Tue, 02 Nov 2021 11:45 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 02 Nov 2021 11:45 PM IST
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Prayagraj News : शाइन सिटी का वाइस प्रेसीडेंट मोहम्मद जसीम खान।
- फोटो : prayagraj
60 हजार करोड़ की ठगी के मामले में एक दिन पहले गिरफ्तार नैनी निवासी मो. जसीम ठग भाइयों का दाहिना हाथ था। शाइन सिटी कंपनी में बतौर डिप्टी डायरेक्टर तैनात एक लाख का यह इनामी सीएमडी राशिद नसीम व एमडी आसिफ नसीम का बेहद करीबी था। जिसका उसे फायदा भी मिला और पांच साल में ही उसने करोड़ों रुपये बना लिए। इस बात का खुलासा एसटीएफ की पूछताछ में हुआ है। मंगलवार को उसे जेल भेज दिया गया।
जसीम नैनी के शाहजी का पूरा गांव का रहने वाला है। एसटीएफ अफसरों का दावा है कि सूचना मिली थी कि वह कहीं भागने की फिराक में है और इसी दौरान घेराबंदी कर उसे सिविल लाइंस बस स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया। उससे पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह ठग भाइयों का बेहद करीबी था और इसी वजह से उन्होंने कुछ ही समय बाद उसे डिप्टी डायरेक्टर बना दिया। 2014 में उसने बतौर एसोसिएट कंपनी ज्वाइन की थी और कुछ ही दिन बीतने के बाद डिप्टी डायरेक्टर बन बैठा।
कंपनी ने पहले रियल इस्टेट के नाम से लोगों से रुपये जमा कराए। इसके बाद रकम दोगुना करने, आरओ लगाने और ज्वैलरी के काम के साथ ही विशेन हॉट डील के नाम से भी लोगों से रकम जमा कराई। कंपनी ने एक यह भी स्कीम लागू की थी कि 50 प्रतिशत मूल्य एडवांस में लेकर साल भर या दो साल बाद कार दी जाएगी। इस तरह उसने भी करोड़ों रुपये कंपनी में निवेश कराए।
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एसटीएफ के मुताबिक, पूछताछ में जसीम ने यह भी बताया कि एक लाख का इनाम घोषित होने के बाद से ही वह मप्र व राजस्थान में छिपकर रहने लगा था। मुकदमे की पैरवी के लिए वह सोमवार को प्रयागराज आया और इसी दौरान पकड़ लिया गया।
शमशाद के नाम पर है कंपनी की प्रॉपर्टी
एसटीएफ के डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि जसीम ने पूछताछ में कंपनी के कई और मददगारों का भी नाम बताया है। इनमें जावेद इकबाल, शाश्वत व राजेश मौर्य, संदीप पांडेय व अमिताभ श्रीवास्तव का नाम शामिल है। यह भी बताया कि कंपनी की अधिकृत प्रॉपर्टी शमशाद अंसारी के नाम दर्ज है। डिप्टी एसपी ने बताया कि आरोपी को सिविल लाइंस पुलिस को सौंप दिया गया। उधर सिविल लाइंस इंस्पेक्टर जेपी शाही ने बताया कि उसे जेल भेज दिया गया है।
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जसीम नैनी के शाहजी का पूरा गांव का रहने वाला है। एसटीएफ अफसरों का दावा है कि सूचना मिली थी कि वह कहीं भागने की फिराक में है और इसी दौरान घेराबंदी कर उसे सिविल लाइंस बस स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया। उससे पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह ठग भाइयों का बेहद करीबी था और इसी वजह से उन्होंने कुछ ही समय बाद उसे डिप्टी डायरेक्टर बना दिया। 2014 में उसने बतौर एसोसिएट कंपनी ज्वाइन की थी और कुछ ही दिन बीतने के बाद डिप्टी डायरेक्टर बन बैठा।
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कंपनी ने पहले रियल इस्टेट के नाम से लोगों से रुपये जमा कराए। इसके बाद रकम दोगुना करने, आरओ लगाने और ज्वैलरी के काम के साथ ही विशेन हॉट डील के नाम से भी लोगों से रकम जमा कराई। कंपनी ने एक यह भी स्कीम लागू की थी कि 50 प्रतिशत मूल्य एडवांस में लेकर साल भर या दो साल बाद कार दी जाएगी। इस तरह उसने भी करोड़ों रुपये कंपनी में निवेश कराए।
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एसटीएफ के मुताबिक, पूछताछ में जसीम ने यह भी बताया कि एक लाख का इनाम घोषित होने के बाद से ही वह मप्र व राजस्थान में छिपकर रहने लगा था। मुकदमे की पैरवी के लिए वह सोमवार को प्रयागराज आया और इसी दौरान पकड़ लिया गया।
शमशाद के नाम पर है कंपनी की प्रॉपर्टी
एसटीएफ के डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि जसीम ने पूछताछ में कंपनी के कई और मददगारों का भी नाम बताया है। इनमें जावेद इकबाल, शाश्वत व राजेश मौर्य, संदीप पांडेय व अमिताभ श्रीवास्तव का नाम शामिल है। यह भी बताया कि कंपनी की अधिकृत प्रॉपर्टी शमशाद अंसारी के नाम दर्ज है। डिप्टी एसपी ने बताया कि आरोपी को सिविल लाइंस पुलिस को सौंप दिया गया। उधर सिविल लाइंस इंस्पेक्टर जेपी शाही ने बताया कि उसे जेल भेज दिया गया है।