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शारदीय नवरात्रः देवी चंद्रघंटा स्वरूप की सजी झांकी
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Shardiya Navratra
- फोटो : CITY DESK
शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन चित्रघंटा स्वरूप के दर्शन, हाथों में अस्त्र-शस्त्र, गले में रत्नों की माला बनी शोभा गूंजे जयकारे
प्रयागराज। सिंह पर सवार दस भुजाओं वाली देवी केदर्शन के लिए मंगलवार को प्रयागराज के शक्तिपीठों में भक्तों का तांता लगा रहा। शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन मां दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरूप की झांकियां मंदिरों में सजाई गईं। हाथों में गदा, शंख, चक्र त्रिशूल, तलवार, खप्पर और धनुष-वाण लिए मां के दर्शन कर श्रद्धालु धन्य हुए। विविध अनुष्ठानों के बीच दिन भर मंदिर परिसरों में जयकारे गूंजते रहे।
मीरापुर स्थित मां ललिता देवी मंदिर में चंद्रघंटा देवी के स्वरूप की मोहक झांकी सजाई गई। कोलकाता से कारीगरों ने रत्नों व फूलों से शृंगार किया। फूलों के साथ ही चुनरी व साड़ियों की सजावट देखते बन रही थी। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। एक तरफ परिसर में साधक मंत्र जाप के साथ दुर्गाशप्तसती के पाठ करते रहे, दूसरी ओर मंत्रोच्चार की गूंज होती रही। समिति के अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा, महामंत्री धीरज नागर श्रद्धालुओं के सहयोग में जुट रहे।
इसी तरह मां कल्याणी देवी के दरबार में भी देवी के तृतीय स्वरूप चंद्रघटा का मोहक शृंगार किया गया। मां कल्याणी देवी मंदिर समिति के महामंत्री श्याम जी पाठक ने ने बताया कि सुबह से ही मां के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लग गया था और सिलसिला देर रात तक चलता रहा। पांच बजे सुबह आरती के बाद ही पट खोल दिए गए थे। शाम चार से सात बजे तक वादिक आचार्यों की ओर से अनुष्ठान, स्तोत्र पाठ, अभिषेक के बाद शतचंडी पाठ किया गया। रात 12 बजे महाआरती में सैकड़ों भक्तों ने हिस्सा लिया। इस दौरान देवी के जयकारों से पूरा परिसर गूंजता रहा। अलोपीबाग स्थित शक्तिपीठ अलोपशंकरी देवी मंदिर में भी भक्तों की कतारें लगी रहीं।
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कटरा कालीबाड़ी से खेमामाई तक सजे दरबार
प्रयागराज। शहर के देवी मंदिरों में घंटे-घड़ियाल की गूंज के साथ ही वातावरण देवीमय हो गया है। मंगलवार को कटरा कालीबाड़ी, कर्नलगंज कालीबाड़ी, मुट्ठीगंज कालीबाड़ी, सिविल लाइंस हनुमत निकेतन की देवी दुर्गा, हाईकोर्ट हनुमान मंदिर की अष्टभुजी देवी, पानी टंकी मंदिर की अष्टभुजी देवी, सिविल लाइंस स्थित सिद्धेश्वरी गुप्त महापीठ सहित अन्य देवी मंदिरों में भी देवी के दर्शन, पूजन और नारियल-चुनरी चढ़ाने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। चौक गंगादास स्थित खेमामाई मंदिर में फूलों और चांदी-सोने के आभूषणों से मां का शृंगार किया गया। महिलाएं देवी गीत गाती रहीं।
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प्रयागराज। सिंह पर सवार दस भुजाओं वाली देवी केदर्शन के लिए मंगलवार को प्रयागराज के शक्तिपीठों में भक्तों का तांता लगा रहा। शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन मां दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरूप की झांकियां मंदिरों में सजाई गईं। हाथों में गदा, शंख, चक्र त्रिशूल, तलवार, खप्पर और धनुष-वाण लिए मां के दर्शन कर श्रद्धालु धन्य हुए। विविध अनुष्ठानों के बीच दिन भर मंदिर परिसरों में जयकारे गूंजते रहे।
मीरापुर स्थित मां ललिता देवी मंदिर में चंद्रघंटा देवी के स्वरूप की मोहक झांकी सजाई गई। कोलकाता से कारीगरों ने रत्नों व फूलों से शृंगार किया। फूलों के साथ ही चुनरी व साड़ियों की सजावट देखते बन रही थी। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। एक तरफ परिसर में साधक मंत्र जाप के साथ दुर्गाशप्तसती के पाठ करते रहे, दूसरी ओर मंत्रोच्चार की गूंज होती रही। समिति के अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा, महामंत्री धीरज नागर श्रद्धालुओं के सहयोग में जुट रहे।
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इसी तरह मां कल्याणी देवी के दरबार में भी देवी के तृतीय स्वरूप चंद्रघटा का मोहक शृंगार किया गया। मां कल्याणी देवी मंदिर समिति के महामंत्री श्याम जी पाठक ने ने बताया कि सुबह से ही मां के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लग गया था और सिलसिला देर रात तक चलता रहा। पांच बजे सुबह आरती के बाद ही पट खोल दिए गए थे। शाम चार से सात बजे तक वादिक आचार्यों की ओर से अनुष्ठान, स्तोत्र पाठ, अभिषेक के बाद शतचंडी पाठ किया गया। रात 12 बजे महाआरती में सैकड़ों भक्तों ने हिस्सा लिया। इस दौरान देवी के जयकारों से पूरा परिसर गूंजता रहा। अलोपीबाग स्थित शक्तिपीठ अलोपशंकरी देवी मंदिर में भी भक्तों की कतारें लगी रहीं।
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कटरा कालीबाड़ी से खेमामाई तक सजे दरबार
प्रयागराज। शहर के देवी मंदिरों में घंटे-घड़ियाल की गूंज के साथ ही वातावरण देवीमय हो गया है। मंगलवार को कटरा कालीबाड़ी, कर्नलगंज कालीबाड़ी, मुट्ठीगंज कालीबाड़ी, सिविल लाइंस हनुमत निकेतन की देवी दुर्गा, हाईकोर्ट हनुमान मंदिर की अष्टभुजी देवी, पानी टंकी मंदिर की अष्टभुजी देवी, सिविल लाइंस स्थित सिद्धेश्वरी गुप्त महापीठ सहित अन्य देवी मंदिरों में भी देवी के दर्शन, पूजन और नारियल-चुनरी चढ़ाने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। चौक गंगादास स्थित खेमामाई मंदिर में फूलों और चांदी-सोने के आभूषणों से मां का शृंगार किया गया। महिलाएं देवी गीत गाती रहीं।

Shardiya Navratra- फोटो : CITY DESK