Prayagraj : शंकरगढ़ पुलिस ने मुठभेड़ के बाद नौ बदमाशों को दबोचा, मधु बेचने के बहाने करते थे रेकी
पुलिस के मुताबिक टंडन वन के पास डकैती की योजना बना रहे बदमाशों ने पुलिस टीम को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग के बाद पुलिस ने चारों तरफ से घेरकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
विस्तार
फाफामऊ व थरवई में सामूहिक हत्याकांडों को अंजाम देने वाले खरवार डकैत गिरोह के नौ अन्य सदस्य गिरफ्तार कर लिए गए। शंकरगढ़ में मुठभेड़ के दौरान उन्हें पकड़ा गया। इनमें नसीब खरवार भी शामिल है जो इस गिरोह के सरगना नबला खरवार का सगा भाई है। नबला के जेल जाने के बाद से वह ही गिरोह का संचालन कर रहा था। गिरफ्तार डकैतों के कब्जे से तमंचा-कारतूस के अलावा सब्बल, रॉड-पेचकस व अन्य सामान बरामद किया गया है।
पुलिस अफसरों ने बताया कि सटीक सूचना पर शुक्रवार रात शंकरगढ़ पुलिस ने बसहरा टंडन वन में घेराबंदी की। जिस पर बदमाशों ने फायरिंग कर भागने की कोशिश की। हालांकि जवाबी फायरिंग करते हुए मौके से नौ बदमाशों को पकड़ा गया। पूछताछ में पता चला कि सभी खरवार गैंग के सदस्य हैं, जो डकैती की वारदातें करता है। यह मूलत: बिहार के औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर और भोजपुर जिलों से संबंधित हैं। पिछले कुछ सालों से यह गैंग मिर्जापुर, चुनार और प्रयागराज के अलावा प्रतापगढ़, रायबरेली और बाराबंकी तक वारदातें करने लगा था।
अब तक 31 सदस्य भेजे जा चुके हैं जेल
एसएसपी अजय कुमार ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में गैंग के 31 सदस्य जेल भेजे जा चुके हैं। चार मई को सरगना नबला समेत सात सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। 19 मई को थरवई पुलिस ने सरगना के सगे भाई चिंटू को गिरफ्तार किया। 26 मई को सोरांव में गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
यह हुए गिरफ्तार
देवा खरवार उर्फ संगीत, नसीब खरवार, श्रीकांत, जीतू, कनुआ, सीबू, सीपी, लाखा व एक बाल अपचारी
शहद बेचने के बहाने करते हैं रेकी
पुलिस अफसरों ने बताया कि यह गिरोह शहद बेचने के बहाने घूम-घूमकर रेकी करता है। इस दौरान ऐसे घरों को चिह्नित किया जाता है, जहां महिला सदस्यों की संख्या अधिक हो। रात में इन्हीं घरों में डकैती डाली जाती है। विरोध पर घर के सदस्यों की हथौड़ा, पेचकस, सब्बल व रॉड आदि औजारों से हमला कर हत्या कर दी जाती है। कई बार महिलाओं से सामूहिक दुष्कर्म भी किया जाता है। शुक्रवार को गिरोह ने शंकरगढ़ रेलवे स्टेशन के पास स्थित टंडन वन जंगल के बगल के गांव में किनारे पर स्थित घर में डकैती डालने की योजना बनाई थी। लेकिन इससे पहले ही इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।