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शंकराचार्य स्वरूपानंद बोले- अमावस्या पर डुबकी लगाकर प्रियंका ने मार ली बाजी, नहीं आ सके मोदी और भागवत
Fri, 12 Feb 2021 01:34 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 12 Feb 2021 01:34 AM IST
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prayagraj news : शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से आशीर्वाद लेतीं प्रियंका गांधी।
- फोटो : prayagraj
कांग्रेस की महासचिव और उत्तर प्रदेश कांग्रेस की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा बृहस्पतिवार को मौनी अमावस्या पर संगम में डुबकी लगाने के बाद ज्योतिष्पीठाधीश्वर एवं द्वारकाशारदापीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज का आशीर्वाद लेने यमुना किनारे स्थित मनकामेश्वर मंदिर पहुंचीं। चरण पादुका पर फूल-माला चढ़ाने के बाद प्रियंका बोलीं, मेरी दादी आपका मार्गदर्शन और आशीर्वाद लेने के लिए आपके पास आती रही हैं। वर्ष 1990 में पापा ने गृहप्रवेश पर आशीर्वाद के लिए आपसे दिल्ली आने के लिए आग्रह किया था। तब पहली बार आपके दर्शन का सौभाग्य मिला था। लेकिन, तब मैं बच्ची थी। आज उसी उम्र की अपनी बेटी मिराया को आपका आशीर्वाद दिलाने के लिए साथ लाई हूं।
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prayagraj news : शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से आशीर्वाद लेतीं प्रियंका गांधी।
- फोटो : prayagraj
प्रियंका की ओर से राजकाज के बारे में मार्गदर्शन के आग्रह पर शंकराचार्य जी ने कहा, हां, तुम्हारी दादी इंदिरा गांधी मुझसे आशीर्वाद लेने के लिए आती रही हैं। तुम्हारा परिवार मुझे गुरु मानता रहा है। तुमको बस, यही कहना चाहूंगा कि राजनीति में आगे बढ़ना है तो हिंदुओं के हितों को ध्यान में रखकर ही काम करो। इस देश में वही राज करेगा जो हिंदू हितों की बात करेगा। राज करना है तो हिंदुओं को साथ लेकर ही चलना होगा। राजनीति के लिए दलीय हितों से ऊपर उठकर देशहित में सोचना चाहिए और वही मार्ग अपनाना चाहिए जो संदेश श्रीराम ने भरत को दिया था।
तकरीबन 25 मिनट की मुलाकात के दौरान शंकराचार्य जी ने प्रियंका को याद दिलाया कि देश की आजादी की लड़ाई के दौरान मुझे वर्ष 1942 में नौ माह के लिए जेल भी काटनी पड़ी थी। अगर भगवा कपड़ों में न होता तो तुमसे बड़ा नेता होता। वैसे आज मौनी अमावस्या पर संगम में डुबकी लगाकर तुमने बाजी मार ली। मोदी और भागवत तो नहीं आए। विदा से पूर्व मनकामेश्वर मंदिर के प्रमुख ब्रह्मचारी श्रीधरानंद ने प्रियंका और बेटी मिराया को रुद्राक्ष की माला पहनाई। वहीं शंकराचार्य जी ने उपहार के तौर पर प्रियंका को बनारसी साड़ी और बेटी मिराया को शाल भेंट की।
तकरीबन 25 मिनट की मुलाकात के दौरान शंकराचार्य जी ने प्रियंका को याद दिलाया कि देश की आजादी की लड़ाई के दौरान मुझे वर्ष 1942 में नौ माह के लिए जेल भी काटनी पड़ी थी। अगर भगवा कपड़ों में न होता तो तुमसे बड़ा नेता होता। वैसे आज मौनी अमावस्या पर संगम में डुबकी लगाकर तुमने बाजी मार ली। मोदी और भागवत तो नहीं आए। विदा से पूर्व मनकामेश्वर मंदिर के प्रमुख ब्रह्मचारी श्रीधरानंद ने प्रियंका और बेटी मिराया को रुद्राक्ष की माला पहनाई। वहीं शंकराचार्य जी ने उपहार के तौर पर प्रियंका को बनारसी साड़ी और बेटी मिराया को शाल भेंट की।