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नाम के चक्कर में शैलेंद्र पासी को हुआ काफी नुकसान
Fri, 24 May 2019 01:40 AM IST
विनोद सिंह
prayagraj
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Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 24 May 2019 01:40 AM IST
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कौशाम्बी
- फोटो : kaushambi
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कौशाम्बी संसदीय सीट पर चुनावी समर में उतरे एक ही नाम के तीन प्रत्याशी और मिलते-जुलते चुनाव चिन्ह को लेकर जो आशंका थी। वह गुरुवार को आए मतगणना परिणामों में सच साबित हुई। चुनाव में शैलेंद्र नाम के एक निर्दल उम्मीदवार को उम्मीदों से कहीं अधिक वोट मिले। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जनसत्ता लोकतांत्रिक दल के प्रत्याशी शैलेंद्र पासी की पराजय में एक ही नाम के तीन प्रत्याशियों का होना भी अहम कारण रहा।
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कौशाम्बी लोकसभा से इस बार 12 प्रत्याशी चुनावी समर मेें किस्मत आजमा रहे थे। इनमें जनसत्ता लोकतांत्रिक दल के शैलेंद्र पासी के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी शैलेंद्र कुमार पुत्र गयादीन तथा शैलेंद्र पुत्र स्व. शिवप्रसाद भी शामिल थे। जनसत्ता प्रत्याशी का चुनाव चिन्ह फुटबाल खेलता खिलाड़ी, निर्दल शैलेंद्र का फुटबाल तथा दूसरे निर्दल शैलेंद्र का क्रिकेट खेलता खिलाड़ी था। चुनाव चिन्ह आवंटन के बाद ही कयास लगाया जाने लगा था कि एक ही नाम और एक ही तरह के मिलता-जुलता निशान जनसत्ता लोकतांत्रिक प्रत्याशी शैलेंद्र पासी को नुकसान पहुंचा सकता है। गुरुवार को आए नतीजों में सियासी पंडितों की आशंका एकदम सच साबित हुई।
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15 राउंड यानी आधी मतगणना तक जनसत्ता प्रत्याशी शैलेंद्र पासी को सिर्फ 88,020 मत मिले थे। इसके विपरीत फुटबाल निशान वाले निर्दल प्रत्याशी को 15,648 तथा क्रिकेट खेलते निशान वाले शैलेंद्र को 4,236 मिल चुके थे। सियासी जानकारों का कहना है कि निर्दलीयों के खाते में पड़े वोटों का बड़ा हिस्सा वास्तव में जनसत्ता दल के प्रत्याशी शैलेंद्र का था। अंगूठा टेक वोटरों की नासमझी के कारण ऐसा हुआ है। पार्टी के जिला महासचिव इरशाद अहमद का साफ कहना है कि शैलेंद्र नाम के दोनों निर्दलीयों को प्रशासन ने सोची-समझी रणनीति के तहत एक ही तरह के चुनाव चिन्ह का आवंटन किया था।
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