सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के विरोध में गरजे रेलकर्मी
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सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के विरोध में बृहस्पतिवार को रेलकर्मी धरने पर बैठ गए। उत्तर मध्य रेलवे की मान्यता प्राप्त यूनियन एनसीआरईएस के नेतृत्व में रेलकर्मी सुबह डीआरएम ऑफिस खुलते ही धरने पर बैठ गए। रेलकर्मियों ने ऐलान किया अगर सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों में संशोधन न हुआ तो मार्च माह में देश व्यापी रेल चक्का जाम किया जाएगा।
नार्थ सेंट्रल रेलवे इंपलाईज संघ (एनसीआरईएस) के मंडल मंत्री गोविंद सिंह के नेतृत्व में विभिन्न मांगों को लेकर रेलकर्मी सुबह डीआरएम दफ्तर पहुंच गए। यहां गेट पर हुई सभा में गोविंद सिंह ने कहा कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लेकर एनजेसीए/एनएफआईआर ने भारत सरकार को ज्ञापन सौंपा था। इस मांग पत्र पर सरकार से कहा गया था कि वह कर्मचारी हित वार्ता शुरू कर फरवरी 2016 के प्रथम सप्ताह तक कर्मचारियों के हित में निर्णय ले। नहीं तो मार्च माह से कर्मचारी बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
अभी सरकार की ओर से वार्ता के लिए नहीं बुलाया गया है। धरने में एनसीआरईएस के सहायक मंत्री एसके मिश्र एवं बेचन अली ने कहा कि सातवें वेतन आयोग द्वारा वेतन में 24 प्रतिशत बढ़ोत्तरी का एलान मात्र छलावा है। मंडल उपाध्यक्ष आलोक सहगल ने ग्रुप सी के एपेक्स ग्रेड को ग्रुप बी में अपग्रेड करने पर रेलवे बोर्ड की सहमति के बावजूद क्रियान्वित न करने का आरोप लगाया। उधर, सभा के पश्चात एनसीआरईएस की ओर से डीआरएम इलाहाबाद को एक ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान पीएन यादव, एसपी श्रीवास्तव, अखिलेश सिंह राठौर, संदीप ठाकुर, राजीव वर्मा, जावेद आलम, रूपम पांडेय, श्यामजी शुक्ला आदि मौजूद रहे।