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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Setback for Shiksha Mitras from High Court – Petition seeking inclusion in Special TET 2026 dismissed.

यूपी : शिक्षामित्रों को हाईकोर्ट से झटका- स्पेशल टीईटी 2026 में शामिल करने की मांग में दाखिल याचिका खारिज

Thu, 01 Oct 2026 01:05 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 01 Oct 2026 01:05 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट से शिक्षामित्रों को राहत नहीं मिली। शिक्षामित्रों को स्पेशल टीईटी 2026 में शामिल करने की मांग को लेकर दाखिला याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। यह फैसला न्यायमूर्ति मंजूरानी चौहान की एकल पीठ ने सुनाया है। 

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Setback for Shiksha Mitras from High Court – Petition seeking inclusion in Special TET 2026 dismissed.
इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट से शिक्षामित्रों को राहत नहीं मिली। शिक्षामित्रों को स्पेशल टीईटी 2026 में शामिल करने की मांग को लेकर दाखिला याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। यह फैसला न्यायमूर्ति मंजूरानी चौहान की एकल पीठ ने सुनाया है। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया था।

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इलाहाबाद हाईकोर्ट में परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों को विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) में आवेदन का अवसर दिए जाने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई थी। न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले में आदेश सुरक्षित कर लिया था। मामला वसीम अहमद एवं 220 अन्य बनाम राज्य सरकार से संबंधित है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता जैन अब्बास ने शिक्षामित्रों का पक्ष रखा था। 

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शिक्षामित्रों के अधिवक्ता की दलील
 

शिक्षामित्रों के अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष कहा कि परिषदीय विद्यालयों में शिक्षामित्र लंबे समय से शिक्षण कार्य कर रहे हैं और बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों का करीब 26 वर्षों से बतौर शिक्षक शिक्षण कार्य के साथ साथ निर्वाचन कार्य, चुनाव ड्यूटी, एसआईआर, जनगणना, मतगणना, बालगड़ना, विद्यालय संचालन प्रभार, सरकार द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में कक्ष निरिक्षक ड्यूटी, गुणवत्ता संवर्धन हेतु विभाग द्वारा कराए जाने वाले समस्त प्रशिक्षण अध्यापक के समान अनुभव है।

विशेष टीईटी में आवेदन के अवसर को लेकर शिक्षामित्रों के साथ अलग व्यवहार किया जा रहा है, जबकि अन्य श्रेणियों में कार्यरत शिक्षकों एवं विशेष शिक्षकों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया गया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से यह भी तर्क रखा गया कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद भविष्य में शिक्षण कार्य जारी रखने के लिए टीईटी की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में लंबे समय से परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों को विशेष टीईटी में अवसर दिया जाना आवश्यक है। 

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