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चरस रखने के आरोप में मिली सजा रद्द
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चरस रखने के आरोप में मिली सजा रद्द
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने ट्रक की रिम सहित टायर और 20 ग्राम चरस के साथ पकड़े गए आरोपी इटावा थाना भर्थना के सत्ते उर्फ सत्तन को दोष मुक्त करते हुए उसे दी गई 10 साल के कठोर कारावास और एक लाख जुर्माने की सजा रद्द कर दी है। कोर्ट ने सत्तन को तत्काल रिहा करने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश इटावा द्वारा सुनाई गई सजा के खिलाफ दाखिल अपील पर न्यायमित्र राधेश्याम यादव ने बहस की। इनका कहना था कि एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 के बाध्यकारी उपबंधों का पालन नहीं किया गया। इस धारा के तहत तलाशी मजिस्ट्रेट के सामने होनी चाहिए और स्वतंत्र गवाह होने चाहिए। इस केस में इस नियम का पालन नहीं किया गया। अपर सत्र न्यायालय ने पुलिस के ऐसे साक्ष्यों के आधार पर सजा सुनाई है, जिन्हें कोर्ट में साबित नहीं किया गया। ऐसे दस्तावेज का साक्षिक मूल्य भी नहीं है। ऐसे में सुनाई गई सजा कानून के विपरीत होने के कारण रद्द की जाए। कोर्ट ने 10 अगस्त 1998 को सुनाई गई सजा रद्द कर दी है।
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प्रयागराज। हाईकोर्ट ने ट्रक की रिम सहित टायर और 20 ग्राम चरस के साथ पकड़े गए आरोपी इटावा थाना भर्थना के सत्ते उर्फ सत्तन को दोष मुक्त करते हुए उसे दी गई 10 साल के कठोर कारावास और एक लाख जुर्माने की सजा रद्द कर दी है। कोर्ट ने सत्तन को तत्काल रिहा करने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश इटावा द्वारा सुनाई गई सजा के खिलाफ दाखिल अपील पर न्यायमित्र राधेश्याम यादव ने बहस की। इनका कहना था कि एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 के बाध्यकारी उपबंधों का पालन नहीं किया गया। इस धारा के तहत तलाशी मजिस्ट्रेट के सामने होनी चाहिए और स्वतंत्र गवाह होने चाहिए। इस केस में इस नियम का पालन नहीं किया गया। अपर सत्र न्यायालय ने पुलिस के ऐसे साक्ष्यों के आधार पर सजा सुनाई है, जिन्हें कोर्ट में साबित नहीं किया गया। ऐसे दस्तावेज का साक्षिक मूल्य भी नहीं है। ऐसे में सुनाई गई सजा कानून के विपरीत होने के कारण रद्द की जाए। कोर्ट ने 10 अगस्त 1998 को सुनाई गई सजा रद्द कर दी है।
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