फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   sending notice for inquiry after 17 years of registration of FIR is a mockery of jurisprudence

हाईकोर्ट ने कहा : प्राथमिकी दर्ज होने के 17 साल बाद पूछताछ के लिए नोटिस भेजना न्यायशास्त्र का मजाक

Sat, 03 Jun 2023 03:58 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 03 Jun 2023 03:58 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्राथमिकी दर्ज होने के 17 साल बाद याचियों से पूछताछ करने के लिए सीआरपीसी की धारा 160 के तहत नोटिस भेजने पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि यह न्यायशास्त्र का मजाक है।

विज्ञापन
sending notice for inquiry after 17 years of registration of FIR is a mockery of jurisprudence
(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्राथमिकी दर्ज होने के 17 साल बाद याचियों से पूछताछ करने के लिए सीआरपीसी की धारा 160 के तहत नोटिस भेजने पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि यह न्यायशास्त्र का मजाक है। कोर्ट ने निचली अदालत को याचियों की अग्रिम जमानत अर्जी पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का निर्देश दिया है।

विज्ञापन


यह आदेश न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी और न्यायमूर्ति गजेंद्र कुमार की खंडपीठ ने बलिया के देवेंद्र सिंह व चार अन्य की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। मामले में याचियों की ओर से कहा 17 वर्ष पुराने मामले में पुलिस ने उन्हें 160 सीआरपीसी के तहत 19 अप्रैल 2023 को समन जारी कर बयान दर्ज करने के लिए बुलाया है। मामले में पुलिस ने याचियों के साथ कुल 106 लोगों को आरोपी बनाया है।
विज्ञापन


याचीगण वरिष्ठ नागरिक हैं और सेवानिवृत्त हो चुके हैं। याची देवेंद्र सिंह ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। दूसरे याची परशुराम एडीओ पद से, राम किशुन यादव ब्लॉक प्रमुख और प्रतिवादी संख्या 4 और 5 कोटेदार थे। यह भी कहा गया कि जांच 17 साल से बिना किसी ठोस परिणाम के चल रही है। याचीगण सहयोग के लिए तैयार हैं लेकिन उनके हितों की सुरक्षा की जाए। इस पर कोर्ट ने हैरानी जताई। कोर्ट ने याचियों को अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल करने की छूट देते हुए निचली अदालत को कहा है कि वह इस पर विचार करे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed