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सीबीएसई में होमवर्क नहीं अब सेल्फ वर्क
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 21 Jul 2016 01:07 AM IST
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सीबीएसई
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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स्कूली बच्चों एवं अभिभावकों से किए गए वादे के अनुरूप मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने छठीं से लेकर आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों पर होमवर्क का बोझ कम करना शुरू कर दिया है। बोर्ड ने अब होमवर्क की जगह बच्चों के लिए प्रैक्टिस वर्क अथवा सेल्फ वर्क लागू करने का फैसला किया है। बोर्ड की ओर से जारी 318 पेज की गाइड लाइन में कहा गया है कि हमारी शिक्षा प्रणाली के शब्दकोष में होमवर्क जैसे शब्द को मिटाने का प्रयास नहीं होना चाहिए बल्कि इसमें मूल रूप से बदलाव की आवश्यकता है।
सीबीएसई की ओर से जारी गाइड लाइन में स्कूली शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों से छात्रों के बीच नई गाइड लाइन के अनुसार ऐक्टिविटी कराने को कहा गया है। सीबीएसई की ओर से नई गाइड लाइन अल्टरनेटिव टू होमवर्क के नाम से उसकी वेबसाइट पर पोस्ट की गई है। इसमें बच्चों के बीच प्रैक्टिस वर्क को रोचक बनाने के लिए छात्रों एवं शिक्षकों के बीच बेहतर तालमेल बनाने को कहा गया है।
सीबीएसई की ओर से जारी अल्टरनेटिव टू होमवर्क नामक गाइड लाइन में सलाह दी गई है कि बच्चे की गणित में रुचि बढ़ाने के लिए अपने पिता के पारिवारिक बजट में हिस्सा लेने को कहा जाए। परिवार के बजट के बारे में जानने के बाद बच्चे को गणित की बारीकियों के साथ अनुपातिक प्रणाली के बारे में समझने में मदद मिलेगी।
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बोर्ड ने स्कूलों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों से होमवर्क का बोझ कम करने के लिए सामाजिक विज्ञान की पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करने के लिए बच्चों को दैनिक समाचार पत्र और न्यूज चैनल देखने को कहा जाए। इससे उनकी जानकारी बढ़ेगी। सामाजिक विज्ञान के छात्र विवादित कानूनों के बारे में भी चर्चा कर सकते हैं।
सीबीएसई ने शैक्षिक सत्र की शुरूआत में बाजार में किताबों की कमी को देखते हुए बड़ा बदलाव किया है। डिजिटल योजना के तहत विभिन्न विषयों की पुस्तकें ऑनलाइन कर दी गई हैं। बच्चे एवं अभिभावक सीबीएसई की वेबसाइट से किताबें डाउनलोड करके उनका प्रिंट ले सकते हैं। स्कूलों को ई-किताब की एक प्रति लाइब्रेरी में रखना अनिवार्य कर दिया गया है।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी के तहत ट्रायल शुरू कर दिया है। सीबीएसई की ऑनलाइन पुस्तकों में छठीं से आठवीं के लिए अल्टरनेटिव टू होमवर्क, 12 वीं के लिए बायोटेक्नोलॉजी, परफारमेंस एनालिसिस, 11-12 वीं के लिए सामान्य ज्ञान की पुस्तकें शामिल हैं।
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सीबीएसई की ओर से जारी गाइड लाइन में स्कूली शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों से छात्रों के बीच नई गाइड लाइन के अनुसार ऐक्टिविटी कराने को कहा गया है। सीबीएसई की ओर से नई गाइड लाइन अल्टरनेटिव टू होमवर्क के नाम से उसकी वेबसाइट पर पोस्ट की गई है। इसमें बच्चों के बीच प्रैक्टिस वर्क को रोचक बनाने के लिए छात्रों एवं शिक्षकों के बीच बेहतर तालमेल बनाने को कहा गया है।
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सीबीएसई की ओर से जारी अल्टरनेटिव टू होमवर्क नामक गाइड लाइन में सलाह दी गई है कि बच्चे की गणित में रुचि बढ़ाने के लिए अपने पिता के पारिवारिक बजट में हिस्सा लेने को कहा जाए। परिवार के बजट के बारे में जानने के बाद बच्चे को गणित की बारीकियों के साथ अनुपातिक प्रणाली के बारे में समझने में मदद मिलेगी।
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बोर्ड ने स्कूलों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों से होमवर्क का बोझ कम करने के लिए सामाजिक विज्ञान की पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करने के लिए बच्चों को दैनिक समाचार पत्र और न्यूज चैनल देखने को कहा जाए। इससे उनकी जानकारी बढ़ेगी। सामाजिक विज्ञान के छात्र विवादित कानूनों के बारे में भी चर्चा कर सकते हैं।
सीबीएसई ने शैक्षिक सत्र की शुरूआत में बाजार में किताबों की कमी को देखते हुए बड़ा बदलाव किया है। डिजिटल योजना के तहत विभिन्न विषयों की पुस्तकें ऑनलाइन कर दी गई हैं। बच्चे एवं अभिभावक सीबीएसई की वेबसाइट से किताबें डाउनलोड करके उनका प्रिंट ले सकते हैं। स्कूलों को ई-किताब की एक प्रति लाइब्रेरी में रखना अनिवार्य कर दिया गया है।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी के तहत ट्रायल शुरू कर दिया है। सीबीएसई की ऑनलाइन पुस्तकों में छठीं से आठवीं के लिए अल्टरनेटिव टू होमवर्क, 12 वीं के लिए बायोटेक्नोलॉजी, परफारमेंस एनालिसिस, 11-12 वीं के लिए सामान्य ज्ञान की पुस्तकें शामिल हैं।