शंकराचार्य स्वरूपानंद को भी साधने की कोशिश
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मिशन-2017 से ठीक पहले भाजपा ने कांग्रेस के बेहद करीबी माने जाने वाले शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद को भी साधने की कोशिश शुरू कर दी है। दोनों के बीच नजदीकियां भी बढ़ने लगी हैं। शंकराचार्य भाजपा के ही करीबी गंगा सेना प्रमुख स्वामी आनंद गिरि के शिविर में मंगलवार को आयोजित रामकथा में शामिल होने पहुंचे। दूसरी ओर से भाजपा कांशी प्रांत के अध्यक्ष एवं संगठन मंत्री सहित कई नेता भी वहां पहुंच गए और शंकराचार्य का स्वागत करते हुए उनसे आशीर्वाद लिया। इससे पूर्व भाजपा नेताओं ने विहिप के करीबी स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती से भी मुलाकात की।
सभी मुद्दों को दरकिनार कर अचानक राम मंदिर का मुद्दा उठाने वाले शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद और भाजपा के बीच बढ़ी नजदीकियां आगामी विधानसभा चुनाव के लिए नया समीकरण तैयार कर रही हैं। शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने घोषणा की है कि अयोध्या में राम मंदिर रामालय ट्रस्ट ही बनवाएगा। यह ट्रस्ट शंकराचार्य का ही है। राम मंदिर मुद्दे पर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती एवं भाजपा का एक मत होना और भाजपा नेताओं का शंकराचार्य के पास जाकर उनसे आशीर्वाद लेना नए समीकरण की ओर इशारा कर रहा है।
गंगा सेना प्रमुख आनंद गिरि के शिविर में आयोजित रामकथा में शंकराचार्य के साथ भाजपा काशी प्रांत के अध्यक्ष एवं एमएलसी लक्ष्मण आचार्य, संगठन महामंत्री चंद्रशेखर, शहर अध्यक्ष शशि वार्ष्णेय सहित कई भाजपा नेता मौजूद रहे। इस दौरान आनंद गिरि समेत भाजपाइयों ने शंकराचार्य का माल्यार्पण कर स्वागत किया और उनसे आशीर्वाद भी लिया। हालांकि, इससे पूर्व भाजपा नेताओं ने आलोपीबाग स्थित ब्रह्म निवास में जाकर स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती से भी मुलाकात और उनसे लंबी बातचीत की।