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तब्लीगी जमात वालों पर टिप्पणी करने के मामले में डॉ. चंदानी पर कार्रवाई की मांग
Tue, 07 Jul 2020 11:07 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 07 Jul 2020 11:07 PM IST
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- फोटो : prayagraj
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तब्लीगी जमात के लोगों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में जीएसवीएम कालेज कानपुर नगर की प्राचार्या डॉ. आरती लाल चंदानी पर कार्रवाई किए जाने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। कोर्ट ने इस पर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।
याचिका में कहा गया कि एक वायरल वीडियो में डॉ. चंदानी तब्लीगी जमात के लोगों के बारे में आपत्तिजनक बात करते हुए दिखाई दे रही हैं। इसका विरोध शुरू हुआ तो उनको मेडिकल कॉलेज से हटाकर महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा लखनऊ कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया।
याची का कहना है कि इन पर कड़ी कार्रवाई करने से सरकार बच रही है। इंडियन मुस्लिम फार प्रोग्रेस एंड रिफार्म नई दिल्ली की जनहित याचिका पर मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर तथा न्यायमूर्ति एसडी सिंह की खंडपीठ सुनवाई कर रही है।
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प्रदेश सरकार ने इस मामले में जवाब दाखिल करने के लिए वक्त मांगा है, जिसे मंजूर करते हुए कोर्ट ने याचिका की सुनवाई 20 जुलाई नियत की है। याची अधिवक्ता कासिफ अब्बास रिजवी का कहना है कि मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के विचारों का अध्यापकों व छात्रों पर व्यापक असर पड़ता है। जून माह में वायरल हुए वीडियो को लेकर यह याचिका दाखिल की गई है।
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याचिका में कहा गया कि एक वायरल वीडियो में डॉ. चंदानी तब्लीगी जमात के लोगों के बारे में आपत्तिजनक बात करते हुए दिखाई दे रही हैं। इसका विरोध शुरू हुआ तो उनको मेडिकल कॉलेज से हटाकर महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा लखनऊ कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया।
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याची का कहना है कि इन पर कड़ी कार्रवाई करने से सरकार बच रही है। इंडियन मुस्लिम फार प्रोग्रेस एंड रिफार्म नई दिल्ली की जनहित याचिका पर मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर तथा न्यायमूर्ति एसडी सिंह की खंडपीठ सुनवाई कर रही है।
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प्रदेश सरकार ने इस मामले में जवाब दाखिल करने के लिए वक्त मांगा है, जिसे मंजूर करते हुए कोर्ट ने याचिका की सुनवाई 20 जुलाई नियत की है। याची अधिवक्ता कासिफ अब्बास रिजवी का कहना है कि मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के विचारों का अध्यापकों व छात्रों पर व्यापक असर पड़ता है। जून माह में वायरल हुए वीडियो को लेकर यह याचिका दाखिल की गई है।