कसौटी पर खरे उतरे तो सम्मानित हाेंगे स्कूल
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सीबीएसई ने संबद्ध स्कूलों को स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार योजना के तहत सम्मानित करने की योजना बनाई है। इसके लिए भवन की साफ-सफाई व्यवस्था, पर्यावरण, जल निकासी, कचरा प्रबंधन, हरियाली आदि बिंदुओं की जांच की जाएगी। स्कूलों को मोबाइल एप पर ऑनलाइन आवेदन देना होगा। बाद में सीबीएसई एक सर्वे करेगा, जिसमें स्कूलों द्वारा दी गई जानकारी की सत्यता परखी जाएगी। जो स्कूल मानकों पर खरा उतरेंगे, उन्हें सम्मानित किया जाएगा। जबकि जो स्कल एप पर जानकारी नहीं देंगे, बोर्ड उनकी स्क्रीनिंग करेगा। स्कूलों के चुनाव में सरकारी एवं गैर सरकारी, दोनों तरह विद्यालयों को शामिल किया जाएगा।
सीबीएसई से संबद्ध निजी एवं सरकारी शिक्षण संस्थानों को पूरी तरह से आदर्श व्यवस्था के मापदंड में ढाले जाने की कवायद तेज कर दी गई है। संस्थान के प्रधानाचार्यों को अब पढ़ाई के साथ परिसर में हरियाली के साथ व्यवस्था भी दुरुस्त रखनी होगी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने स्वच्छता व हरियाली को आधार मानते हुए स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार योजना शुरू की है। सीबीएसई से संबद्ध शहरी एवं ग्रामीण इलाकों के सरकारी, निजी और अनुदानित स्कूल इसमें शामिल होंगे। इसके लिए मोबाइल एप पर आवेदन लिए जाएंगे। अच्छा परिणाम देने वाले स्कूलों को पुरस्कृत किया जाएगा। सत्र 2019-20 के तहत जल्द ऑनलाइन आवेदन मांगे जाएंगे।
सीबीएसई के अधिकारियों के अनुसार संस्थान के प्रधानाचार्यों को आवेदन में निहित सभी बिंदुओं पर ध्यान देना होगा। इनमें से किसी एक भी बिंदु पर उनका प्रदर्शन कमजोर रहा तो फिर उन्हें व्यवस्थागत ढांचे में न केवल फिसड्डी मान लिया जाएगा, बल्कि सम्मानितों की श्रेणी से भी बाहर कर दिया जाएगा।
इन बिंदुओं पर परखे जाएंगे स्कूल
स्कूल भवनों में स्वच्छता और कचरा निष्पादन प्रक्रिया
विद्यार्थियों एवं स्टॉफ के शौचालयों की सफाई
शुद्ध पेयजल एवं जल निकासी-संरक्षण प्रबंधन
परिसर में हरियाली एवं सौर ऊर्जा की उपयोगिता
पर्यावरण सुरक्षा और कैंटीन
छात्रावास में शुद्ध भोजन
सीबीएसई की पहल से बच्चों को मिलेगा बेहतर वातावरण एवं हरियाली
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि योजना का प्रमुख उद्देश्य न केवल विद्यालय की स्वच्छता को बेहतर करना है बल्कि, बच्चों को एक स्वस्थ एवं हरियालीयुक्त वातावरण देना है। इससे बच्चे एक आदर्श एवं प्राकृतिक माहौल में अपनी पढ़ाई के साथ मानसिक विकास कर सकेंगे।
‘सफाई व्यवस्था के साथ पर्यावरण के प्रति ध्यान दिए जाने पर न केवल स्कूलों में शैक्षिक वातावरण बेहतर बनेगा बल्कि इस योजना के तहत पुरस्कार मिलने से स्कूलों को प्रोत्साहन भी मिलेगा।’
अमिता मिश्रा, प्रधानाचार्या, इलाहाबाद पब्लिक स्कूल, चौफटका