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Prayagraj News: खेत में स्कूल... मेड़ के सहारे तय होती है डगर
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विकासखंड उरुवा के प्राथमिक विद्यालय अरई के 123 नौनिहालों को खेत में बने स्कूल के लिए सड़क की दरकार है। पक्की सड़क से 70 मीटर दूर खेत में स्थापित विद्यालय तक पहुंचने का मेड़ ही एकमात्र रास्ता है। मेड़ से बच्चे और शिक्षक स्कूल का सफर तय करते हैं। बारिश के दिनों में स्थिति सबसे ज्यादा खतरनाक हो जाती है। जब खेत में पानी भर जाने की वजह से बच्चों और शिक्षकों को मिट्टी से सने मेड़ से स्कूल जाना पड़ता है।
28 वर्ष पहले प्राथमिक विद्यालय की स्थापना हुई थी। तब से आज तक बच्चों के स्कूल पहुंचने का मेड़ ही सहारा है। वह गिरते-पड़ते स्कूल पहुंचते हैं। सन 1997 में बनाए गए इस विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक के बच्चों की संख्या 123 है। लोगों ने बताया कि कई बार सड़क के लिए विभाग के अलावा प्रशासन को पत्राचार किया जा चुका है लेकिन आश्वासन ही मिला है, समस्या का समाधान नहीं हुआ।
प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रेम कुमार सिंह ने बताया कि स्कूल को सड़क से जोड़ने के लिए कई बार विभाग के अलावा पंचायत विभाग को पत्राचार किया जा चुका है लेकिन स्कूल के सामने लोगों की भूमिधरी जमीन है। जिस वजह से सड़क नहीं बन पा रही है। उन्होंने बताया कि बारिश के समय बच्चों को स्कूल पहुंचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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पांच साल से गैरहाजिर हैं शिक्षामित्र
123 बच्चों के लिए विद्यालय में तीन शिक्षकों के साथ एक शिक्षामित्र की नियुक्ति की है। जबकि एक शिक्षामित्र अंजू मिश्रा पांच साल से अनुपस्थित चल रही हैं। कई बार नोटिस देने के बाद भी वह स्कूल नहीं आ रही हैं।
बोले अफसर
प्राथमिक विद्यालय अरई को सड़क से जोड़ने के लिए कई बार प्रयास किया गया लेकिन स्कूल के सामने किसानों की भूमिधरी जमीन है। इसलिए सड़क बनाए जाने में दिक्कत आ रही है। हालांकि स्कूल को सड़क से जोड़ने के लिए विभाग को पत्राचार किया गया है। - वरुण मिश्रा खंड शिक्षा अधिकारी उरुवा।
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28 वर्ष पहले प्राथमिक विद्यालय की स्थापना हुई थी। तब से आज तक बच्चों के स्कूल पहुंचने का मेड़ ही सहारा है। वह गिरते-पड़ते स्कूल पहुंचते हैं। सन 1997 में बनाए गए इस विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक के बच्चों की संख्या 123 है। लोगों ने बताया कि कई बार सड़क के लिए विभाग के अलावा प्रशासन को पत्राचार किया जा चुका है लेकिन आश्वासन ही मिला है, समस्या का समाधान नहीं हुआ।
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प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रेम कुमार सिंह ने बताया कि स्कूल को सड़क से जोड़ने के लिए कई बार विभाग के अलावा पंचायत विभाग को पत्राचार किया जा चुका है लेकिन स्कूल के सामने लोगों की भूमिधरी जमीन है। जिस वजह से सड़क नहीं बन पा रही है। उन्होंने बताया कि बारिश के समय बच्चों को स्कूल पहुंचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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पांच साल से गैरहाजिर हैं शिक्षामित्र
123 बच्चों के लिए विद्यालय में तीन शिक्षकों के साथ एक शिक्षामित्र की नियुक्ति की है। जबकि एक शिक्षामित्र अंजू मिश्रा पांच साल से अनुपस्थित चल रही हैं। कई बार नोटिस देने के बाद भी वह स्कूल नहीं आ रही हैं।
बोले अफसर
प्राथमिक विद्यालय अरई को सड़क से जोड़ने के लिए कई बार प्रयास किया गया लेकिन स्कूल के सामने किसानों की भूमिधरी जमीन है। इसलिए सड़क बनाए जाने में दिक्कत आ रही है। हालांकि स्कूल को सड़क से जोड़ने के लिए विभाग को पत्राचार किया गया है। - वरुण मिश्रा खंड शिक्षा अधिकारी उरुवा।